law-order

42 साल बाद कानून के शिकंजे में आया 1984 का आरोपी, हरदोई में ऐसे पकड़ा गया नत्थूलाल

दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने 1984 के एक हत्या मामले में 42 साल से अधिक समय से फरार चल रहे 65 वर्षीय नत्थू उर्फ नत्थूलाल को उत्तर प्रदेश के हरदोई से गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, विकासपुरी के डिस्ट्रिक्ट पार्क में 22-23 मई 1984 की रात अशोक कुमार की हत्या हुई थी। मामले में एक आरोपी पहले गिरफ्तार हो चुका था, जबकि नत्थूलाल फरार था। पुराने केस रिकॉर्ड को दोबारा खंगालने और हरदोई-सीतापुर में कई महीनों तक जानकारी जुटाने के बाद पुलिस उसके गांव तक पहुंची और 18 अगस्त को उसे फर्रुखाबाद जाते समय पकड़ लिया।

sd23 अग. 2026, 05:49 PM IST
खबर शेयर करें:
42 साल बाद कानून के शिकंजे में आया 1984 का आरोपी, हरदोई में ऐसे पकड़ा गया नत्थूलाल

42 साल पुरानी फाइल फिर खुली

यह मामला 22 और 23 मई 1984 की दरम्यानी रात का है। पश्चिमी दिल्ली के विकासपुरी स्थित डिस्ट्रिक्ट पार्क में पुलिस को एक व्यक्ति का शव मिला था। मृतक की पहचान उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले के रहने वाले अशोक कुमार के रूप में हुई। जनकपुरी थाने में 23 मई 1984 को FIR नंबर 252/1984 के तहत हत्या का मामला दर्ज किया गया था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 302 लगाई गई थी।

एक आरोपी पकड़ा गया, दूसरा फरार हो गया

जांच के दौरान पुलिस को सीतापुर निवासी भभूति प्रसाद की कथित भूमिका का पता चला। उसे गिरफ्तार किया गया था और पुलिस के अनुसार मामले में इस्तेमाल चाकू भी बरामद हुआ था। हालांकि, उसका साथी नत्थू उर्फ नत्थूलाल गिरफ्तारी से बचकर फरार हो गया। इसके बाद चार दशक से ज्यादा समय तक वह पुलिस की पकड़ से बाहर रहा।

पुलिस ने पुराने रिकॉर्ड से शुरू की तलाश

इतने पुराने मामले में आरोपी को तलाशना आसान नहीं था। क्राइम ब्रांच की सेंट्रल रेंज टीम ने पुराने केस रिकॉर्ड को दोबारा खंगाला और आरोपी के संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाई। पुलिस के अनुसार, टीम ने उत्तर प्रदेश के सीतापुर और हरदोई में कई महीनों तक स्थानीय स्तर पर जानकारी जुटाई। जांच के दौरान पता चला कि नत्थूलाल कभी-कभी अपने पैतृक गांव आता था। इसके बाद उसकी गतिविधियों पर निगरानी रखी गई।

17 अगस्त को मिला सुर, 18 को गिरफ्तारी

जांच में पुलिस को 17 अगस्त को गांव में एक संदिग्ध व्यक्ति के देखे जाने की सूचना मिली। पुलिस के अनुसार, उसका हुलिया फरार आरोपी से मेल खाता था।

इसके बाद निगरानी बढ़ाई गई। 18 अगस्त 2026 को नत्थू उर्फ नत्थूलाल को उसके गांव के पास उस समय पकड़ लिया गया, जब वह फर्रुखाबाद की ओर जा रहा था।

इतने साल कहां रहा आरोपी?

पुलिस के मुताबिक, फरारी के दौरान नत्थूलाल उत्तर प्रदेश की अलग-अलग थोक सब्जी मंडियों में काम करता रहा। उसने बेहद सामान्य और कम प्रोफाइल वाली जिंदगी बिताई।

पुलिस ने यह भी बताया कि उसने शादी नहीं की और अकेले रहता रहा। अधिकारियों के अनुसार, यही वजह रही कि लंबे समय तक उसकी मौजूदा पहचान और ठिकाने तक पहुंचना चुनौतीपूर्ण बना रहा।

हत्या के पीछे क्या वजह थी?

पुलिस के अनुसार, अशोक कुमार और भभूति प्रसाद एक ही क्षेत्र से जुड़े थे। पुलिस का आरोप है कि अशोक को लेकर भभूति की पत्नी से संबंधित विवाद हुआ था और इसी विवाद के बाद हत्या की साजिश बनी। रिपोर्टों के मुताबिक, घटना वाली रात आरोपी पक्ष और अशोक पार्क में मौजूद थे। पुलिस का दावा है कि विवाद के बाद दोनों आरोपियों ने अशोक पर हमला किया। हत्या की वजह और घटनाक्रम से जुड़े ये विवरण पुलिस जांच/आरोपों पर आधारित हैं, इन्हें अदालत में सिद्ध तथ्य के रूप में नहीं लिखा जाना चाहिए।

2005 के मामले का भी रिकॉर्ड

पुलिस के अनुसार, नत्थूलाल का नाम 2005 में फर्रुखाबाद में दर्ज एक अपहरण के मामले में भी सामने आया था। रिपोर्टों में FIR नंबर 1790/2005 और IPC की धारा 364 का उल्लेख है। इस जानकारी को आरोपी के पुलिस रिकॉर्ड के तौर पर देखा जाना चाहिए।

चार दशक बाद पूरी हुई तलाश

1984 में दर्ज हुआ यह मामला अब एक महत्वपूर्ण मोड़ पर पहुंचा है। जिस आरोपी की तलाश चार दशक से ज्यादा समय से चल रही थी, उसे क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार कर लिया है।

इस कार्रवाई में पुराने दस्तावेजों की दोबारा जांच, उत्तर प्रदेश में स्थानीय स्तर पर जानकारी जुटाना और कई महीनों की निगरानी अहम रही। अब आरोपी के खिलाफ आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।