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गोरखपुर में ₹1.40 करोड़ का ‘OG’ गांजा! 5 गिरफ्तार, थाईलैंड कनेक्शन की जांच तेज

गोरखपुर में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई में 3 किलो 85 ग्राम हाइड्रोपोनिक ‘OG’ गांजा बरामद किया गया है। इसकी अनुमानित कीमत करीब ₹1.40 करोड़ बताई गई है। रामगढ़ताल क्षेत्र में हुई कार्रवाई में पुलिस, एएनटीएफ और एटीएस की संयुक्त टीम ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के पास से एक अर्टिगा कार, पांच मोबाइल फोन और ₹30,390 नकद भी बरामद होने की जानकारी पुलिस ने दी है। अब जांच एजेंसियां बरामद गांजे के स्रोत, सप्लाई नेटवर्क और इससे जुड़े अन्य लोगों का पता लगाने में जुटी हैं।

sd23 अग. 2026, 05:49 PM IST
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गोरखपुर में ₹1.40 करोड़ का ‘OG’ गांजा! 5 गिरफ्तार, थाईलैंड कनेक्शन की जांच तेज

रामगढ़ताल में संयुक्त टीम की कार्रवाई

मामला गोरखपुर के रामगढ़ताल थाना क्षेत्र का है। उपलब्ध पुलिस जानकारी के अनुसार, अवैध हाइड्रोपोनिक गांजे की तस्करी की सूचना मिलने के बाद रामगढ़ताल पुलिस, एएनटीएफ गोरखपुर तथा एटीएस गोरखपुर और वाराणसी की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की। जांच के दौरान एक अर्टिगा कार को रोककर तलाशी ली गई। पुलिस के मुताबिक, कार से 3 किलो 85 ग्राम हाइड्रोपोनिक गांजा बरामद हुआ। बरामदगी के बाद कार में मौजूद पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया।

पांच आरोपियों की गिरफ्तारी

पुलिस की सार्वजनिक जानकारी के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में सूरज सिंह और सत्यम सिंह प्रतापगढ़, जबकि प्रिंस पटेल, रत्नम त्रिवेदी और भावीन गुजरात के रहने वाले बताए गए हैं।कार्रवाई के दौरान मादक पदार्थ के अलावा पांच एंड्रॉयड मोबाइल फोन, ₹30,390 नकद और इस्तेमाल की जा रही अर्टिगा कार भी बरामद की गई।

₹1.40 करोड़ आंकी गई कीमत

बरामद हाइड्रोपोनिक गांजे की अनुमानित कीमत करीब ₹1.40 करोड़ बताई गई है। इतनी बड़ी कीमत की खेप मिलने के बाद जांच एजेंसियों ने मामले को केवल स्थानीय तस्करी तक सीमित नहीं रखा है और इसके पीछे मौजूद नेटवर्क की पड़ताल शुरू कर दी है।

थाईलैंड कनेक्शन की जांच

इस मामले का सबसे अहम पहलू इसकी संभावित अंतरराष्ट्रीय सप्लाई चेन है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि बरामद खेप भारत में कहां से आई और इसे गोरखपुर तक किस नेटवर्क के जरिए पहुंचाया गया। जागरण की रिपोर्ट के मुताबिक, पूछताछ में विदेशी स्रोत के संकेत मिलने के बाद एजेंसियां थाईलैंड से भारत तक संभावित सप्लाई नेटवर्क की जांच कर रही हैं। इससे जुड़े संपर्कों और आरोपियों के मोबाइल डेटा की भी पड़ताल की जा रही है। हालांकि, थाईलैंड से नेपाल के रास्ते यही खेप गोरखपुर पहुंची थी—इसे अभी जांच का हिस्सा ही माना जाना चाहिए। उपलब्ध रिपोर्टों से इसकी अंतिम पुष्टि नहीं होती।

क्या गोरखपुर बन रहा ट्रांजिट प्वाइंट?

हाल के महीनों में गोरखपुर और आसपास के इलाकों में हाइड्रोपोनिक गांजे तथा अन्य मादक पदार्थों की बरामदगी के कई मामले सामने आने का उल्लेख रिपोर्टों में किया गया है।

जागरण की एक रिपोर्ट में 31 मई को गोरखपुर में हाइड्रोपोनिक गांजे की बरामदगी और इससे पहले तथा बाद की अन्य कार्रवाइयों का उल्लेख करते हुए बताया गया कि एजेंसियां गोरखपुर को संभावित ट्रांजिट प्वाइंट के तौर पर भी जांच रही हैं।

राष्ट्रविरोधी कनेक्शन पर अभी जांच

मामले में राष्ट्रविरोधी या देशविरोधी तत्वों से किसी संबंध की आशंका की भी जांच किए जाने की बात सामने आई है। लेकिन अभी तक उपलब्ध रिपोर्टों में ऐसा कोई ठोस प्रमाण सार्वजनिक नहीं हुआ है जिससे यह कहा जा सके कि गिरफ्तार आरोपियों का किसी राष्ट्रविरोधी संगठन से संबंध साबित हो गया है।

इसलिए इस पहलू को खबर में “जांच एजेंसियां संभावित कनेक्शन की जांच कर रही हैं” के रूप में ही लिखना उचित होगा।

पुराने मामलों से भी जोड़ी जा रही कड़ियां

जांच एजेंसियां गोरखपुर में सामने आए अन्य हाइड्रोपोनिक गांजा मामलों को भी आपस में जोड़कर देख रही हैं। रिपोर्टों के अनुसार, इससे पहले भी गोरखपुर से जुड़े मामलों में विदेशी स्रोत और दूसरे राज्यों तक सप्लाई की कड़ियों की जांच हुई है। इससे एजेंसियों का फोकस केवल गिरफ्तार पांच आरोपियों तक सीमित नहीं है। अब यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इनके पीछे सप्लायर कौन हैं, खेप किसके लिए थी और नेटवर्क में अन्य कौन-कौन लोग जुड़े हो सकते हैं।

आगे क्या होगा?

पुलिस और जांच एजेंसियां गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के साथ बरामद मोबाइल फोन और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही हैं। इसी के आधार पर कथित सप्लाई नेटवर्क के दूसरे सदस्यों और खेप के स्रोत तक पहुंचने की कोशिश की जाएगी। फिलहाल मामले में अंतरराष्ट्रीय सप्लाई, संभावित नेपाल-थाईलैंड लिंक और राष्ट्रविरोधी कनेक्शन जांच के विषय हैं, न कि स्थापित तथ्य। आगे की जांच और आधिकारिक जानकारी से ही इन दावों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।