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सीएम योगी के सख्त निर्देश: चीनी की कालाबाजारी पर लगेगी रोक, 400 टन से ज्यादा स्टॉक पर कार्रवाई l
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर प्रदेश में चीनी की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने और कालाबाजारी पर पूरी तरह रोक लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोई भी डीलर एक समय में 400 टन से अधिक चीनी का स्टॉक नहीं रख सकेगा और 30 दिन से ज्यादा समय तक चीनी का भंडारण करने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। बैठक में बताया गया कि प्रदेश की चीनी मिलों में 179.38 लाख क्विंटल चीनी का भंडार उपलब्ध है। सरकार के अनुसार, 48 लाख गन्ना किसानों को 3,217 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है और नया गन्ना पेराई सत्र 15 अक्टूबर से शुरू होगा।

उत्तर प्रदेश में चीनी की उपलब्धता, कीमतों और भंडारण व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश में चीनी की पर्याप्त आपूर्ति बनी रहनी चाहिए और किसी भी स्तर पर कालाबाजारी, जमाखोरी या निर्धारित कीमत से अधिक दाम वसूलने की शिकायत नहीं मिलनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिया कि चीनी के भंडारण और बिक्री पर लगातार निगरानी रखी जाए। यदि कोई डीलर एक समय में 400 टन से अधिक चीनी का स्टॉक रखता है या 30 दिनों से अधिक समय तक चीनी का भंडारण करता है, तो उसके खिलाफ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाए। सरकार ने ऐसे मामलों में आवश्यक वस्तु अधिनियम और एस्मा के प्रावधानों के तहत कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश की चीनी मिलों में फिलहाल कुल 179.38 लाख क्विंटल चीनी उपलब्ध है। इसमें सहकारी क्षेत्र की चीनी मिलों में 23.60 लाख क्विंटल, निगम क्षेत्र की चीनी मिलों में 5.28 लाख क्विंटल और निजी क्षेत्र की चीनी मिलों में 150.50 लाख क्विंटल चीनी का भंडार शामिल है। सरकार का कहना है कि उपलब्ध स्टॉक प्रदेश की जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि चीनी की आपूर्ति व्यवस्था को पारदर्शी बनाया जाए और बाजार में इसकी कृत्रिम कमी पैदा करने वालों पर तत्काल कार्रवाई की जाए। उन्होंने डीलरों, थोक विक्रेताओं और अन्य कारोबारियों के स्टॉक की नियमित जांच कराने के निर्देश दिए। साथ ही, चीनी की बिक्री निर्धारित दरों पर हो रही है या नहीं, इसकी भी निगरानी करने को कहा गया है।
बैठक में यह भी बताया गया कि उत्तर प्रदेश सरकार ने गन्ना किसानों को रिकॉर्ड भुगतान किया है। राज्य के करीब 48 लाख गन्ना किसानों को 3,217 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। सरकार ने कहा कि किसानों के हितों को प्राथमिकता दी जा रही है और गन्ने की खरीद, भुगतान तथा चीनी उत्पादन से जुड़ी व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने पर लगातार काम किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, प्रदेश में गन्ने का नया पेराई सत्र आगामी 15 अक्टूबर से शुरू होने जा रहा है। नए पेराई सत्र को लेकर चीनी मिलों की तैयारियों, गन्ना खरीद केंद्रों, भुगतान व्यवस्था और मिलों में उपलब्ध संसाधनों की भी समीक्षा की जा रही है। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि पेराई सत्र शुरू होने से पहले सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली जाएं, ताकि किसानों को किसी तरह की परेशानी न हो। सरकार का उद्देश्य चीनी की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने के साथ-साथ किसानों को समय पर भुगतान देना और उपभोक्ताओं को उचित कीमत पर चीनी उपलब्ध कराना है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को चेतावनी दी कि जमाखोरी, कालाबाजारी और ओवरप्राइसिंग में शामिल लोगों के खिलाफ किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी
