health
छिंदवाड़ा जिला अस्पताल के NICU में आग, नवजात की मौत; दो बच्चे झुलसे l
मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिला अस्पताल की नियोनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट यानी NICU में वार्मर मशीन में आग लगने से एक नवजात की मौत हो गई, जबकि दो अन्य बच्चे झुलस गए। हादसा रात करीब 2 बजे हुआ। शुरुआती जानकारी के अनुसार, वार्मर मशीन के फिलामेंट से निकली चिंगारी के बाद आग लगी। घायल नवजातों को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए जबलपुर रेफर किया गया था, जहां इलाज के दौरान एक बच्चे की मौत हो गई। घटना के बाद अस्पताल प्रशासन ने आग लगने के कारणों की जांच शुरू कर दी है। विपक्ष के नेता उमंग सिंघार ने घटना को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए प्रदेश के सभी अस्पतालों में तत्काल फायर सेफ्टी ऑडिट कराने की मांग की है।

मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिला अस्पताल के NICU में रात के समय गंभीर हादसा हो गया। अस्पताल की नियोनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट में नवजात बच्चों को गर्म रखने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली वार्मर मशीन में अचानक आग लग गई। हादसा रात करीब 2 बजे हुआ, जब NICU में नवजात बच्चे वार्मर मशीनों पर रखे हुए थे। शुरुआती जानकारी के अनुसार, वार्मर मशीन के फिलामेंट से चिंगारी निकली, जिसके बाद मशीन में आग लग गई। आग लगते ही NICU में अफरा-तफरी मच गई। अस्पताल के कर्मचारियों ने तुरंत अग्निशमन उपकरणों की मदद से आग बुझाने का प्रयास किया और प्रभावित बच्चों को मशीनों से हटाकर सुरक्षित करने की कार्रवाई शुरू की।
हादसे में तीन नवजात प्रभावित हुए। इनमें से एक नवजात की हालत गंभीर बताई गई, जबकि दो अन्य बच्चे भी झुलस गए। अस्पताल में मौजूद कर्मचारियों और डॉक्टरों ने तीनों बच्चों को प्राथमिक उपचार दिया। इसके बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए उन्हें जबलपुर रेफर कर दिया गया। छिंदवाड़ा जिला अस्पताल की सिविल सर्जन कंचन दुबे ने बताया कि तीनों नवजातों को प्राथमिक उपचार देने के बाद जबलपुर भेजा गया था। इनमें से एक बच्चे की हालत काफी गंभीर थी और उसे सर्जरी की आवश्यकता थी। छिंदवाड़ा में पीडियाट्रिक सर्जन उपलब्ध नहीं होने के कारण उसे जबलपुर रेफर किया गया। हालांकि, इलाज के दौरान उस नवजात की मौत हो गई।
बताया गया है कि प्रभावित नवजातों में से एक का जन्म घटना से कुछ घंटे पहले ही हुआ था। वह शिवानी वर्मा और आदित्य वर्मा का बच्चा था। परिवार के लिए यह हादसा बेहद दुखद रहा, क्योंकि जन्म के कुछ ही घंटों बाद बच्चे को इलाज के दौरान गंभीर स्थिति का सामना करना पड़ा और उसकी जान चली गई। घटना के बाद अस्पताल प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आग वार्मर मशीन के तकनीकी खराबी के कारण लगी या इसके पीछे कोई अन्य वजह थी। अस्पताल में लगे अग्निशमन उपकरणों, बिजली के कनेक्शन, वार्मर मशीन की स्थिति और NICU की सुरक्षा व्यवस्था की भी जांच की जा सकती है।
अस्पताल प्रशासन यह भी देख रहा है कि आग लगने के समय कर्मचारियों ने कितनी तेजी से प्रतिक्रिया दी और क्या सभी सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद लापरवाही या तकनीकी खामी के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जा सकती है। इस घटना को लेकर मध्य प्रदेश विधानसभा में विपक्ष के नेता उमंग सिंघार ने राज्य की बीजेपी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार के कार्यकाल में अस्पताल लोगों की जान के लिए खतरा बनते जा रहे हैं। उन्होंने प्रदेश के सभी सरकारी और निजी अस्पतालों में तत्काल फायर सेफ्टी ऑडिट कराने की मांग की। उमंग सिंघार ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से अस्पतालों में मरीजों और नवजात बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में आग की घटनाओं को रोकने के लिए नियमित सुरक्षा जांच, अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता और कर्मचारियों की आपातकालीन प्रशिक्षण व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए। फिलहाल प्रशासनिक जांच जारी है। हादसे में घायल दोनों नवजातों का जबलपुर में इलाज चल रहा है, जबकि एक बच्चे की इलाज के दौरान मौत हो चुकी है। घटना के बाद NICU की सुरक्षा व्यवस्था और अस्पतालों में फायर सेफ्टी इंतजामों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
