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सोनीपत जेल में हत्या के आरोपी का शव फंदे से लटका मिला, परिजनों ने न्यायिक जांच की मांग की l
हरियाणा की सोनीपत जिला जेल में हत्या के मामले में बंद खंदराई गांव निवासी विनोद का शव संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटका मिला। घटना की सूचना के बाद जेल प्रशासन और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया। शव को पोस्टमार्टम के लिए सोनीपत नागरिक अस्पताल भेजा गया, जहां से खानपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। मेडिकल बोर्ड की निगरानी में पोस्टमार्टम कराया जाएगा। विनोद के परिवार ने मौत की परिस्थितियों पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष न्यायिक जांच की मांग की है। पुलिस का कहना है कि मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी।

सोनीपत जिला जेल में हत्या के मामले में बंद एक बंदी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतक की पहचान खंदराई गांव निवासी विनोद के रूप में हुई है। जेल परिसर में उसका शव फंदे से लटका मिला। घटना की जानकारी सामने आते ही जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया और अधिकारियों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही कोर्ट कॉम्प्लेक्स चौकी पुलिस की टीम जिला जेल पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव को अपने कब्जे में लिया। प्रारंभिक जानकारी में बंदी द्वारा फंदा लगाकर आत्महत्या किए जाने की बात सामने आई है, लेकिन पुलिस अभी मौत को लेकर किसी अंतिम निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सोनीपत नागरिक अस्पताल भेजा था। बाद में शव को खानपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। अधिकारियों के अनुसार, मेडिकल बोर्ड की निगरानी में पोस्टमार्टम कराया जाएगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि विनोद की मौत किन परिस्थितियों में हुई और उसकी मौत का वास्तविक कारण क्या था। मामले की जानकारी देते हुए जांच अधिकारी परविंदर कुमार ने बताया कि पुलिस को जिला जेल से एक बंदी के फंदे पर लटके होने की सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच प्रक्रिया शुरू की गई। उन्होंने बताया कि शव को पहले सोनीपत नागरिक अस्पताल ले जाया गया था, लेकिन बाद में उसे खानपुर मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया। अधिकारी के मुताबिक, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी।
घटना के बाद विनोद के परिवार ने जेल में हुई उसकी मौत पर गंभीर सवाल उठाए हैं। परिजनों ने पूरे मामले की न्यायिक जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि मौत की परिस्थितियों की निष्पक्ष और स्वतंत्र तरीके से जांच होनी चाहिए, ताकि यह पता चल सके कि घटना के पीछे वास्तविक कारण क्या था। विनोद के मामा ने बताया कि घटना से एक दिन पहले ही उनकी फोन पर विनोद से बातचीत हुई थी। बातचीत के दौरान विनोद ने खुद को ठीक बताया था। मामा के अनुसार, फोन पर बातचीत के दौरान विनोद ने किसी तरह की परेशानी, तनाव या खतरे का जिक्र नहीं किया था। उसने ऐसा कोई संकेत भी नहीं दिया था, जिससे परिवार को किसी अनहोनी की आशंका होती।
मामा का कहना है कि एक दिन पहले तक विनोद के ठीक होने की बात कहने के बाद अचानक उसकी मौत की खबर मिलना परिवार के लिए बेहद सदमे की बात है। परिजनों को यह घटना विश्वास से परे लग रही है। उनका कहना है कि यदि विनोद किसी मानसिक परेशानी या दबाव में था, तो बातचीत के दौरान उसके बारे में कोई संकेत जरूर मिलता। इसी वजह से परिवार मौत की परिस्थितियों को लेकर संतुष्ट नहीं है। परिजनों ने मांग की है कि जेल में बंदी की निगरानी, उसके रहने की जगह, घटना के समय मौजूद कर्मचारियों और आसपास लगे CCTV कैमरों की जांच की जाए। इसके अलावा, विनोद के साथ जेल में बंद अन्य कैदियों और संबंधित कर्मचारियों से भी पूछताछ की जाए, ताकि घटना से पहले की परिस्थितियों का पता लगाया जा सके।
फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। जांच में घटनास्थल से मिले साक्ष्य, जेल प्रशासन की रिपोर्ट, CCTV फुटेज, बंदी की निगरानी से जुड़े रिकॉर्ड और पोस्टमार्टम रिपोर्ट को शामिल किया जाएगा। पुलिस का कहना है कि मेडिकल रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। परिवार की ओर से न्यायिक जांच की मांग किए जाने के बाद अब यह मामला और गंभीर हो गया है। फिलहाल विनोद की मौत का कारण स्पष्ट नहीं है। पुलिस और जेल प्रशासन की जांच के साथ-साथ पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिसके आधार पर मौत की वास्तविक परिस्थितियों का खुलासा हो सकेगा।
