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Liver Transplant के बाद मौत, ₹65 लाख के कथित Bill से उठे सवाल
नागपुर के Max Super Speciality Hospital से जुड़ा एक मामला सोशल मीडिया पर चर्चा में है। वायरल दावों के मुताबिक, गंभीर Liver Disease से जूझ रहे एक मरीज की जान बचाने के लिए उसकी बहन ने Living-Donor Liver Transplant में अपने Liver का एक हिस्सा दान किया था। इलाज के दौरान मरीज की मौत हो गई। इसके बाद परिवार ने अस्पताल की Treatment Process और कथित तौर पर करीब ₹65 लाख के Bill को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। हालांकि, ₹65 लाख के Bill और मौत के बाद इलाज जारी रखने के आरोपों की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। इसलिए फिलहाल इन दावों को परिवार के आरोप के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।
Neha Sharma23 अग. 2026, 07:44 PM IST

नागपुर: महाराष्ट्र के नागपुर स्थित Max Super Speciality Hospital से जुड़ा एक मामला इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा में है। वायरल हो रहे पोस्ट और वीडियो के मुताबिक, एक महिला ने अपने भाई की जान बचाने के लिए उसे अपने लिवर का एक हिस्सा दान किया था। हालांकि, इलाज के दौरान मरीज की मौत हो गई। इसके बाद परिवार ने अस्पताल की इलाज प्रक्रिया और कथित तौर पर जारी किए गए करीब 65 लाख रुपये के बिल को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं।
बहन ने भाई के लिए किया लिवर डोनेट
सोशल मीडिया पर सामने आई जानकारी के अनुसार, मरीज गंभीर लिवर संबंधी बीमारी से जूझ रहा था और उसकी हालत को देखते हुए लिवर ट्रांसप्लांट की जरूरत बताई गई थी। परिवार के अनुसार, मरीज की बहन ने अपने भाई की जिंदगी बचाने के लिए लिवर का एक हिस्सा डोनेट करने का फैसला किया। लिविंग-डोनर लिवर ट्रांसप्लांट में स्वस्थ व्यक्ति अपने लिवर का एक हिस्सा मरीज को दान करता है। लिवर की खासियत यह है कि इसका बचा हुआ हिस्सा समय के साथ बढ़कर अपनी कार्यक्षमता वापस हासिल कर सकता है। Max Hospital, Nagpur अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर लिवर ट्रांसप्लांट और इससे जुड़ी चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने की जानकारी देता है।
ट्रांसप्लांट के बाद मरीज की मौत का दावा
वायरल हो रही सोशल मीडिया पोस्ट्स में दावा किया गया है कि बहन द्वारा लिवर डोनेट किए जाने के बावजूद मरीज की हालत नहीं सुधरी और उसकी मौत हो गई। इसके बाद परिवार की ओर से अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए। परिवार का सबसे गंभीर आरोप यह है कि मरीज की मौत के बाद भी अस्पताल की ओर से इलाज जारी दिखाया गया और इलाज के नाम पर बड़ी रकम का बिल बनाया गया।
₹65 लाख के बिल का दावा
परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों के मुताबिक, अस्पताल की ओर से लगभग ₹65 लाख का बिल दिया गया। परिवार का दावा है कि मरीज की मौत के बाद भी अस्पताल के रिकॉर्ड में इलाज जारी दिखाया गया और इसी आधार पर भारी रकम वसूली गई। सोशल मीडिया पर वायरल एक पोस्ट में भी परिवार के इसी आरोप का जिक्र किया गया है कि मरीज की मौत के बाद लगभग ₹65 लाख का बिल लगाया गया। हालांकि, इस ₹65 लाख के बिल की स्वतंत्र पुष्टि अभी उपलब्ध नहीं है। यह स्पष्ट नहीं है कि बिल में कौन-कौन से treatment, medicines, procedures, ICU charges या अन्य hospital services शामिल थीं।
परिवार ने लगाए गंभीर आरोप
परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों का केंद्र सिर्फ बिल की रकम नहीं है। उनका सवाल यह भी है कि अगर मरीज की मृत्यु हो चुकी थी, तो उसके बाद medical treatment किस आधार पर जारी दिखाया गया। सोशल मीडिया पर सामने आए एक पोस्ट में परिवार की ओर से अस्पताल पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं और मामले को लेकर जवाबदेही की मांग की गई है। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि करने के लिए मरीज की medical records, death summary, itemised hospital bill, treatment sheet और संबंधित अधिकारियों की जांच रिपोर्ट जैसी आधिकारिक जानकारी जरूरी होगी।
क्या अस्पताल ने इस मामले पर जवाब दिया?
फिलहाल उपलब्ध विश्वसनीय ऑनलाइन स्रोतों में इस specific ₹65 लाख वाले मामले पर Max Hospital, Nagpur की कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया या जांच रिपोर्ट सामने नहीं मिली है। इसलिए अस्पताल पर सीधे तौर पर “scam” या “मृत शरीर का इलाज करके पैसे वसूलने” का आरोप तथ्य के रूप में लगाना उचित नहीं होगा। फिलहाल इसे परिवार द्वारा लगाए गए आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
Max Hospital में पहले भी हुआ है सफल लिवर ट्रांसप्लांट
यह भी ध्यान देने वाली बात है कि Max Hospital, Nagpur में लिवर ट्रांसप्लांट की सुविधा उपलब्ध है। जून 2026 में अस्पताल से जुड़े एक मामले में 55 वर्षीय व्यक्ति का living-donor liver transplant सफल होने की रिपोर्ट सामने आई थी। इस मामले में उनकी 20 वर्षीय बेटी ने लिवर का हिस्सा डोनेट किया था। रिपोर्ट के मुताबिक, transplant सफल रहा और donor तथा recipient दोनों को बाद में discharge कर दिया गया। इससे यह स्पष्ट है कि अस्पताल में liver-transplant procedures किए जाते हैं, लेकिन इससे वर्तमान विवाद में लगाए गए आरोप सही या गलत साबित नहीं होते।
अब जांच से ही साफ होगी सच्चाई
इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि मरीज की वास्तविक medical timeline क्या थी—मरीज को कब अस्पताल में भर्ती किया गया, transplant कब हुआ, उसकी मृत्यु कब हुई और मृत्यु के बाद कथित तौर पर कौन-कौन से charges बिल में जोड़े गए। अगर परिवार के पास medical records और ₹65 लाख का detailed bill है, तो इन दस्तावेजों की स्वतंत्र जांच से यह पता लगाया जा सकता है कि बिल में किन सेवाओं के लिए कितनी रकम ली गई और क्या मृत्यु के बाद भी कोई treatment या charge दर्ज किया गया था।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर इतना ही कहा जा सकता है कि नागपुर के Max Hospital से जुड़ा यह मामला सोशल मीडिया पर परिवार के गंभीर आरोपों के साथ सामने आया है, लेकिन ₹65 लाख के कथित बिल और मौत के बाद इलाज जारी रखने के आरोपों की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है। मामले में अस्पताल का आधिकारिक पक्ष या किसी सरकारी/स्वास्थ्य विभाग की जांच सामने आने के बाद ही पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
