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ED का बड़ा एक्शन: फर्जी ITC नेटवर्क पर 3 शहरों में 9 ठिकानों पर छापेमारी
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कथित फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में सोमवार, 24 अगस्त 2026 को उत्तर प्रदेश और हरियाणा में बड़ी कार्रवाई की। ED के लखनऊ जोनल ऑफिस की टीमों ने मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद और फरीदाबाद में कुल 9 परिसरों पर एक साथ तलाशी ली। जांच का संबंध Jambudwip Exports & Imports Ltd. से बताया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, कथित तौर पर फर्जी इनवॉइस और ई-वे बिल के जरिए बिना वास्तविक माल की आवाजाही के ITC बनाया और आगे पास किया गया।
sd24 अग. 2026, 02:06 PM IST

लखनऊ(Lucknow)। फर्जी GST इनपुट टैक्स क्रेडिट के कथित नेटवर्क के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय ने सोमवार सुबह बड़ा ऑपरेशन शुरू किया। ED के लखनऊ जोनल ऑफिस ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 के तहत उत्तर प्रदेश और हरियाणा में कुल 9 ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। अधिकारियों के मुताबिक, ED की कार्रवाई मुजफ्फरनगर और गाजियाबाद के साथ हरियाणा के फरीदाबाद स्थित परिसरों में की गई। जांच का केंद्र Jambudwip Exports & Imports Ltd. से जुड़ा कथित ITC नेटवर्क है। मामले में आरोप है कि फर्जी दस्तावेजों, इनवॉइस और ई-वे बिल के जरिए ऐसे कारोबार को दर्शाया गया, जिसमें वास्तव में सामान की आवाजाही नहीं हुई।
₹9.63 करोड़ ITC की कथित फर्जी प्राप्ति
जांच में GST अधिकारियों द्वारा करीब ₹9.63 करोड़ के फर्जी ITC के कथित अवैध लाभ का पता लगाए जाने की बात सामने आई है। इसके अलावा करीब ₹10.28 करोड़ के ITC को आगे पास किए जाने का भी आरोप है। अधिकारियों के अनुसार इससे सरकारी राजस्व को नुकसान हुआ और कथित अपराध से जुड़े लाभ को PMLA के तहत ‘proceeds of crime’ के रूप में देखा जा रहा है।
फर्जी कंपनियों के जरिए लेन-देन की परतें
ED के अनुसार, कथित नेटवर्क में फर्जी या गैर-मौजूद कंपनियों का इस्तेमाल कर लेन-देन को कई स्तरों पर घुमाया गया। जांच में circular transactions, funds layering और cash withdrawals जैसे पैटर्न सामने आने की बात कही गई है। एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क से किन लोगों और कंपनियों को कथित तौर पर फायदा मिला।
फर्जी बिल और ई-वे बिल जांच के केंद्र में
जांच एजेंसियों के मुताबिक कथित तौर पर फर्जी इनवॉइस और ई-वे बिल के जरिए वास्तविक माल की आपूर्ति के बिना कारोबार दिखाया गया। इसी आधार पर ITC लेने और उसे दूसरी इकाइयों तक पहुंचाने की आशंका है। ED की तलाशी का उद्देश्य कथित मनी ट्रेल, दस्तावेजी रिकॉर्ड और डिजिटल सबूत जुटाना तथा पूरे नेटवर्क में शामिल अन्य लाभार्थियों की पहचान करना है।
आगे क्या होगा?
सोमवार को हुई तलाशी के दौरान ED की टीमें वित्तीय दस्तावेजों, डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य संभावित सबूतों की जांच कर रही हैं। अधिकारियों के अनुसार कार्रवाई का अगला चरण तलाशी के दौरान मिले साक्ष्यों और मनी ट्रेल के विश्लेषण पर निर्भर करेगा। फिलहाल मामले में जांच जारी है और किसी व्यक्ति को दोषी ठहराने संबंधी अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
