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यूपी में 2027 चुनाव की तैयारी तेज, सितंबर में EVM-VVPAT की फर्स्ट लेवल चेकिंग
उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 21 जिलों में सितंबर से EVM और VVPAT की फर्स्ट लेवल चेकिंग (FLC) कराने की तैयारी है। इस प्रक्रिया में मशीनों का पुराना चुनावी डेटा साफ करने के साथ उनकी तकनीकी और भौतिक जांच की जाएगी। निर्वाचन आयोग के नियमों के मुताबिक विधानसभा चुनाव से पहले FLC एक अनिवार्य प्रक्रिया है। हालांकि, सितंबर में EVM का डेटा साफ होने का मतलब यह नहीं है कि चुनाव की तारीख घोषित हो गई है। मौजूदा यूपी विधानसभा का कार्यकाल 22 मई 2027 तक है।
sd24 अग. 2026, 02:06 PM IST

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर निर्वाचन मशीनरी ने तैयारियां तेज कर दी हैं। चुनावी तैयारियों के महत्वपूर्ण चरण के तहत पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 21 जिलों में सितंबर 2026 में EVM और VVPAT की First Level Checking (FLC) कराई जानी है। इसके लिए अधिकारियों को प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। हाल में 21 जिलों के जिला निर्वाचन अधिकारियों और संबंधित अधिकारियों को EVM, VVPAT और FLC की प्रक्रिया से संबंधित प्रशिक्षण दिया गया।
EVM में मौजूद पुराना डेटा होगा क्लियर
निर्वाचन आयोग के अनुसार, हर चुनाव से पहले EVM और VVPAT की FLC की जाती है। इस दौरान मशीनों की सफाई, पुराने एड्रेस टैग और बैलेट पेपर हटाने के साथ पिछला डेटा भी क्लियर किया जाता है। इसके बाद मशीनों की बाहरी और आंतरिक जांच तथा उनकी कार्यक्षमता का परीक्षण किया जाता है।
FLC के दौरान EVM के Ballot Unit, Control Unit और VVPAT की जांच होती है। मशीनों के अंदर के सर्किट बोर्ड और अन्य हिस्सों का भी निरीक्षण किया जाता है। खराब पाई जाने वाली मशीनों को अलग कर सुधार के लिए संबंधित निर्माता कंपनी को भेजा जाता है।
राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि भी रहेंगे मौजूद
यह प्रक्रिया पूरी तरह प्रशासनिक स्तर पर बंद कमरे में नहीं होती। निर्वाचन आयोग के नियमों के अनुसार मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय और राज्य राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को FLC की प्रक्रिया में शामिल किया जाता है। जिला निर्वाचन अधिकारी संबंधित दलों को प्रक्रिया शुरू होने से पहले लिखित सूचना देते हैं।
FLC में EVM की जांच अधिकृत इंजीनियरों द्वारा की जाती है। इसके बाद मशीनों की मॉक पोल और अन्य निर्धारित तकनीकी जांच भी की जाती है।
सितंबर की FLC से चुनाव कितने करीब?
निर्वाचन आयोग के अनुसार विधानसभा चुनाव के लिए EVM की FLC सामान्य तौर पर चुनाव से कम से कम चार महीने पहले कराई जाती है। इसका उद्देश्य मतदान से काफी पहले मशीनों की तकनीकी स्थिति सुनिश्चित करना है, ताकि चुनाव के समय खराब मशीनों के कारण परेशानी न हो। इस लिहाज से सितंबर में FLC शुरू होना 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों में एक महत्वपूर्ण कदम है। लेकिन इसे चुनाव की तारीख या मतदान के महीने की आधिकारिक घोषणा नहीं माना जा सकता।
चुनाव कब तक होना है?
निर्वाचन आयोग के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार उत्तर प्रदेश की वर्तमान विधानसभा का कार्यकाल 22 मई 2027 को समाप्त होगा। इसलिए अगली विधानसभा के गठन की प्रक्रिया इससे पहले पूरी करनी होगी, हालांकि मतदान की वास्तविक तारीख निर्वाचन आयोग बाद में घोषित करेगा।
EVM का आवंटन भी होगा कई चरणों में
FLC के बाद EVM को सीधे किसी खास मतदान केंद्र पर नहीं भेज दिया जाता। आयोग के मुताबिक पहले स्तर पर EVM का रैंडमाइजेशन विधानसभा क्षेत्रों के लिए किया जाता है। इसके बाद दूसरे स्तर के रैंडमाइजेशन में मशीनों को मतदान केंद्रों के लिए आवंटित किया जाता है। दोनों प्रक्रियाएं राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में होती हैं।
पश्चिमी यूपी के 21 जिलों पर शुरुआती फोकस
सितंबर में FLC की तैयारी वाले 21 जिलों में आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, मथुरा, अलीगढ़, एटा, कासगंज, हाथरस, बरेली, बदायूं, पीलीभीत, शाहजहांपुर, मेरठ, बागपत, बुलंदशहर, गाजियाबाद, हापुड़, गौतमबुद्ध नगर, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और शामली शामिल बताए गए हैं। इन जिलों के अधिकारियों को प्रक्रिया के लिए प्रशिक्षण दिए जाने की जानकारी सामने आई है।
चुनावी मशीनरी में बढ़ेगी गतिविधि
EVM की FLC के साथ आगे मतदाता सूची, मतदान केंद्रों, चुनावकर्मियों और अन्य व्यवस्थाओं से जुड़े काम भी गति पकड़ेंगे। ECI के EVM Management System में FLC से लेकर मशीनों के रैंडमाइजेशन और चुनाव के बाद उनकी वापसी तक की जानकारी दर्ज की जाती है।
उत्तर प्रदेश में 403 विधानसभा सीटों वाला चुनाव देश के सबसे बड़े विधानसभा चुनावों में शामिल है। ऐसे में मशीनों की तकनीकी जांच और चुनावी लॉजिस्टिक्स की तैयारी कई महीने पहले शुरू करना निर्वाचन प्रक्रिया का नियमित हिस्सा है।
