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₹9.63 करोड़ के फर्जी Input Tax Credit मामले में ED की रेड, 3 शहरों में तलाशी

ED Action: कथित फर्जी Input Tax Credit (ITC) और Goods and Services Tax (GST) फर्जीवाड़े से जुड़े मामले में Enforcement Directorate (ED) ने सोमवार को उत्तर प्रदेश और हरियाणा में 9 ठिकानों पर छापेमारी की। कार्रवाई मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद और फरीदाबाद में की गई। जांच एजेंसी के अनुसार, कथित तौर पर फर्जी Invoice और E-Way Bill के जरिए बिना वास्तविक माल की आपूर्ति के Input Tax Credit का इस्तेमाल और हस्तांतरण किया गया। जांच में करीब ₹9.63 करोड़ के कथित फर्जी Input Tax Credit का मामला सामने आया है। ED अब Money Trail, दस्तावेजों और Digital Evidence की जांच कर रही है।

Neha Sharma24 अग. 2026, 03:11 PM IST
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₹9.63 करोड़ के फर्जी Input Tax Credit मामले में ED की रेड, 3 शहरों में तलाशी

लखनऊ/नई दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कथित फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) मामले में सोमवार को उत्तर प्रदेश और हरियाणा में 9 ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। कार्रवाई उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर और गाजियाबाद तथा हरियाणा के फरीदाबाद में की गई। यह जांच धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत चल रही मनी लॉन्ड्रिंग जांच का हिस्सा है।


किस मामले में हुई ED की कार्रवाई?

ED के मुताबिक, मामला Jambudwip Exports & Imports Ltd. से जुड़ा है। एजेंसी का आरोप है कि कंपनी और उससे जुड़े लोगों ने वास्तविक माल की आवाजाही के बिना कथित तौर पर फर्जी इनवॉइस और ई-वे बिल तैयार किए और उनके आधार पर फर्जी ITC का इस्तेमाल तथा हस्तांतरण किया। जांच में कई ऐसी संस्थाओं का इस्तेमाल किए जाने का संदेह है, जो कथित तौर पर वास्तविक कारोबार से जुड़ी नहीं थीं। ED का कहना है कि इन संस्थाओं के जरिए लेनदेन की एक ऐसी श्रृंखला बनाई गई, जिससे फर्जी ITC को आगे बढ़ाया जा सके।


₹9.63 करोड़ के फर्जी ITC का मामला

GST अधिकारियों की जांच में ₹9.63 करोड़ के ITC के कथित फर्जी इस्तेमाल की बात सामने आई है। इसके अलावा करीब ₹10.28 करोड़ के ITC को आगे पास किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। अधिकारियों के मुताबिक, इससे सरकारी राजस्व को नुकसान हुआ और मामले से जुड़े धन को PMLA के तहत अपराध से प्राप्त आय के तौर पर जांचा जा रहा है।


कैसे चलता था कथित नेटवर्क?

ED की शुरुआती जांच के अनुसार, इस मामले में फर्जी या गैर-मौजूद संस्थाओं के जरिए कई लेनदेन किए गए। जांचकर्ताओं को कथित तौर पर सर्कुलर ट्रांजैक्शन, रकम की कई स्तरों पर आवाजाही और बाद में नकद निकासी के संकेत मिले हैं। आरोप है कि बिना वास्तविक माल की आपूर्ति के दस्तावेज तैयार करके कारोबार का आभास पैदा किया गया। इसके बाद इन दस्तावेजों के आधार पर ITC का दावा या उसे दूसरी संस्थाओं को हस्तांतरित किया गया।


ED की छापेमारी का मकसद क्या है?

ED के अनुसार, सोमवार की कार्रवाई का उद्देश्य कथित अपराध से जुड़े पैसों की मनी ट्रेल का पता लगाना, इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लाभार्थियों की पहचान करना और महत्वपूर्ण दस्तावेजी तथा डिजिटल सबूत जुटाना है। जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि फर्जी ITC नेटवर्क में और कौन-कौन सी संस्थाएं या व्यक्ति शामिल हो सकते हैं और कथित तौर पर हासिल रकम को कहां और किस तरह इस्तेमाल किया गया।


PMLA के तहत जांच

यह कार्रवाई Prevention of Money Laundering Act (PMLA), 2002 के तहत की गई है। ED की भूमिका इस मामले में केवल GST नियमों के उल्लंघन की जांच तक सीमित नहीं है, बल्कि कथित फर्जी ITC से जुड़े पैसों के प्रवाह और संभावित मनी लॉन्ड्रिंग की भी जांच की जा रही है।


आगे क्या होगा?

फिलहाल ED की तलाशी और जांच जारी है। एजेंसी द्वारा बरामद किए गए दस्तावेजों और डिजिटल सामग्री की जांच के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जा सकती है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले अन्य लाभार्थियों या संस्थाओं को भी जांच के दायरे में लाया जा सकता है।