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अशरफ की कुर्क जमीन पर फिर उठा जमीन का खेल: प्लॉटिंग और बिक्री के आरोप में FIR, अतीक गैंग की संपत्तियों की जांच तेज

प्रयागराज में माफिया अतीक अहमद के भाई और पूर्व विधायक खालिद अजीम उर्फ अशरफ से जुड़ी कुर्क जमीन को लेकर एक बार फिर मामला सामने आया है। एयरपोर्ट थाना क्षेत्र में अशरफ की पहले से कुर्क जमीन पर कथित कब्जे, प्लॉटिंग और बिक्री के आरोप में FIR दर्ज की गई है। राजस्व विभाग की शिकायत के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। यह अकेला मामला नहीं है। प्रयागराज में अतीक-अशरफ से जुड़ी कई संपत्तियों पर अवैध कब्जे, प्लॉटिंग और खरीद-फरोख्त के आरोपों की अलग-अलग स्तर पर जांच होती रही है। अगस्त 2026 में प्रशासन ने अतीक और अशरफ से जुड़ी करीब ₹155-156 करोड़ की बेनामी संपत्तियों को चिह्नित कर उनके सत्यापन और कुर्की की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की जानकारी दी है।

sd24 अग. 2026, 03:11 PM IST
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अशरफ की कुर्क जमीन पर फिर उठा जमीन का खेल: प्लॉटिंग और बिक्री के आरोप में FIR, अतीक गैंग की संपत्तियों की जांच तेज

प्रयागराज: माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की मौत के बाद भी प्रयागराज में उनकी कथित बेनामी और कुर्क संपत्तियों को लेकर कार्रवाई जारी है। अब अशरफ की ऐसी जमीन को लेकर मामला सामने आया है, जिसे प्रशासन पहले ही गैंगस्टर एक्ट के तहत कुर्क कर चुका था। आरोप है कि इस जमीन पर बाद में कब्जा कर प्लॉटिंग की गई और उसे बेचने की कोशिश की गई। मामले में राजस्व विभाग की शिकायत के आधार पर एयरपोर्ट थाने में FIR दर्ज की गई है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, आरोपी पर कुर्क जमीन पर कब्जा करने और निर्धारित भूभाग से अधिक जमीन का बैनामा कराने जैसे आरोप लगाए गए हैं। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

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कुर्क जमीन पर कैसे हुआ कथित कब्जा?

रिपोर्टों के मुताबिक, संबंधित जमीन को प्रशासन ने पहले ही कुर्क कर रखा था। ऐसी संपत्ति पर सामान्य तौर पर मालिकाना अधिकारों के इस्तेमाल और उसकी खरीद-बिक्री पर रोक होती है। इसके बावजूद आरोप है कि जमीन पर कब्जा कर उसे छोटे-छोटे भूखंडों में बांटने और बिक्री का प्रयास किया गया।

राजस्व विभाग को मामले की जानकारी मिलने के बाद जमीन के रिकॉर्ड और मौके की स्थिति की जांच की गई। इसके बाद राजस्व अधिकारी की शिकायत पर पुलिस कार्रवाई शुरू हुई।

पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले

प्रयागराज में अतीक-अशरफ से जुड़ी जमीनों पर अवैध कब्जे और प्लॉटिंग के आरोप पहले भी सामने आ चुके हैं। प्रशासन ने कई स्थानों पर ऐसी संपत्तियों को चिह्नित किया है और कुछ जमीनों को कब्जामुक्त भी कराया गया है। फरवरी 2026 में प्रयागराज प्रशासन ने अतीक-अशरफ के कथित सहयोगियों के कब्जे से 100 करोड़ रुपये से अधिक कीमत की करीब 38 बीघा ग्राम सभा जमीन मुक्त कराने की कार्रवाई की थी। इसमें कुछ जमीन सरकारी विभागों को आवंटित करने की योजना भी बताई गई थी।

जुलाई 2026 में प्रशासन ने ऐसी जमीनों पर दोबारा अवैध प्लॉटिंग की शिकायतों की जांच के लिए SIT गठित करने की जानकारी दी थी। आरोप था कि कब्जे से मुक्त कराई गई जमीनों पर फिर से प्लॉटिंग कर लोगों को बेचने की कोशिश की जा रही थी।

155 करोड़ से ज्यादा की संपत्तियों पर भी कार्रवाई की तैयारी

मामले का दायरा अब सिर्फ एक जमीन तक सीमित नहीं दिख रहा है। अगस्त 2026 में प्रयागराज प्रशासन ने अतीक और अशरफ से जुड़ी करीब ₹155 करोड़ की अनुमानित संपत्तियों को चिह्नित कर उनकी कुर्की की प्रक्रिया शुरू करने की जानकारी दी। इन संपत्तियों में प्रयागराज और लखनऊ की जमीनें शामिल होने की बात सामने आई है।

हिन्दुस्तान की रिपोर्ट में ऐसी संपत्तियों का अनुमानित मूल्य करीब ₹156 करोड़ बताया गया है। प्रशासनिक अधिकारियों ने जमीनों के सत्यापन के लिए जांच शुरू की है। रिपोर्ट में सदर तहसील क्षेत्र में 30 से अधिक भूखंडों से जुड़े कब्जे की जांच का भी उल्लेख है।

बेनामी संपत्तियों की बिक्री के आरोपों की भी जांच

अगस्त में सामने आई रिपोर्टों के मुताबिक, अतीक-अशरफ से जुड़े कथित करीबियों के नाम पर दर्ज कुछ संपत्तियों की खरीद-फरोख्त की भी जांच चल रही है। आरोप है कि कुछ जमीनें पहले दूसरे लोगों के नाम पर दर्ज कराई गईं और बाद में उनकी खरीद-बिक्री से प्राप्त रकम कथित तौर पर अतीक के परिवार तक पहुंचाई गई।

इन आरोपों की जांच के लिए प्रशासनिक और पुलिस स्तर पर संयुक्त कार्रवाई की बात सामने आई है। हालांकि, इन आरोपों को अभी जांच का विषय माना जाना चाहिए; इन्हें अदालत से सिद्ध तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जा सकता।

110 करोड़ की जमीन भी हो चुकी है कुर्क

इस कार्रवाई के बीच जुलाई 2026 में प्रयागराज पुलिस ने अतीक से जुड़ी करीब 20.38 बीघा बेनामी जमीन को गैंगस्टर एक्ट के तहत कुर्क किया था। रिपोर्टों में इसकी सरकारी कीमत करीब ₹11 करोड़ और बाजार कीमत लगभग ₹250 करोड़ तक बताई गई, जबकि कुछ रिपोर्टों ने संपत्ति का मूल्य करीब ₹110 करोड़ बताया। जमीन को कई भूखंडों में दर्ज किए जाने की जानकारी भी सामने आई थी। इससे स्पष्ट है कि प्रयागराज में अतीक-अशरफ से जुड़ी संपत्तियों की पहचान और कानूनी कार्रवाई अभी भी जारी है।

प्रशासन की कार्रवाई का अगला कदम

अगस्त की रिपोर्टों के मुताबिक, प्रशासन चिह्नित संपत्तियों का राजस्व रिकॉर्ड, कब्जे और खरीद-फरोख्त से जुड़े दस्तावेजों का सत्यापन कर रहा है। जांच पूरी होने के बाद संबंधित संपत्तियों पर गैंगस्टर एक्ट और अन्य लागू कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई आगे बढ़ाई जा सकती है।

फिलहाल अशरफ की कुर्क जमीन की बिक्री से जुड़े मामले में पुलिस की जांच महत्वपूर्ण है। यह भी जांच का विषय है कि कुर्की के बाद जमीन पर किसने कब्जा किया, प्लॉटिंग या बैनामा किस स्तर पर हुआ और इसमें अन्य लोग शामिल थे या नहीं।