कांदिवली में ‘मराठी नियम’ के खिलाफ सड़क पर उतरे ऑटो-टैक्सी चालक, लिंक रोड पर प्रदर्शन से मचा ट्रैफिक जाम
मुंबई के कांदिवली में सोमवार, 24 अगस्त 2026 को गैर-मराठी भाषी ऑटो और टैक्सी चालकों ने महाराष्ट्र में लागू मराठी भाषा दक्षता जांच के विरोध में प्रदर्शन किया। लालजीपाड़ा के पास कांदिवली लिंक रोड पर चालकों ने सड़क रोक दी, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि उन्हें मराठी सीखने के लिए परेशान और धमकाया जा रहा है। यह विरोध ऐसे समय हुआ है जब परिवहन विभाग राज्यभर में ऑटो-टैक्सी चालकों के ‘व्यावहारिक मराठी ज्ञान’ की जांच कर रहा है।
मुंबई के कांदिवली में सोमवार, 24 अगस्त 2026 को गैर-मराठी भाषी ऑटो और टैक्सी चालकों ने महाराष्ट्र में लागू मराठी भाषा दक्षता जांच के विरोध में प्रदर्शन किया। लालजीपाड़ा के पास कांदिवली लिंक रोड पर चालकों ने सड़क रोक दी, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि उन्हें मराठी सीखने के लिए परेशान और धमकाया जा रहा है। यह विरोध ऐसे समय हुआ है जब परिवहन विभाग राज्यभर में ऑटो-टैक्सी चालकों के ‘व्यावहारिक मराठी ज्ञान’ की जांच कर रहा है।
मराठी भाषा जांच के खिलाफ कांदिवली में विरोध
मुंबई के कांदिवली इलाके में सोमवार सुबह गैर-मराठी भाषी ऑटो और टैक्सी चालकों ने महाराष्ट्र सरकार की मराठी भाषा संबंधी कार्रवाई के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कांदिवली लिंक रोड पर लालजीपाड़ा के पास सड़क रोककर अपना विरोध दर्ज कराया। रिपोर्टों के मुताबिक, प्रदर्शन सुबह करीब 9 बजे शुरू हुआ। बड़ी संख्या में गैर-मराठी भाषी चालक मौके पर जमा हुए और उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें मराठी सीखने के लिए लगातार रोका और चेतावनी दी जा रही है। प्रदर्शन के कारण लिंक रोड पर यातायात प्रभावित हुआ और पुलिस को मौके पर पहुंचकर स्थिति संभालनी पड़ी।
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चालकों का क्या आरोप है?
उत्तर प्रदेश से आने वाले चालक सुनील यादव ने दावा किया कि कुछ मराठी भाषी ऑटो चालकों द्वारा गैर-मराठी चालकों को रोका जा रहा था और उन्हें मराठी सीखने के लिए कहा जा रहा था। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि भाषा संबंधी कार्रवाई से ऑटो-रिक्शा समुदाय के बीच विभाजन पैदा हो रहा है और उनकी आजीविका पर असर पड़ने की चिंता है। हालांकि, इन आरोपों को फिलहाल प्रदर्शनकारियों के दावों के तौर पर ही देखा जाना चाहिए। उपलब्ध रिपोर्टों में इन कथित उत्पीड़न की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
महाराष्ट्र में चल रहा है मराठी भाषा का टेस्ट
महाराष्ट्र परिवहन विभाग ने 20 अगस्त से ऑटो-रिक्शा और टैक्सी चालकों के व्यावहारिक मराठी ज्ञान की जांच शुरू की है। अधिकारियों द्वारा रोजमर्रा की यात्री-चालक बातचीत के आधार पर भाषा की जानकारी परखी जा रही है। रिपोर्टों के मुताबिक, अभियान के शुरुआती दो दिनों में पूरे महाराष्ट्र में 1,921 चालकों को नोटिस दिए गए। दूसरे दिन 5,000 से अधिक चालकों की जांच में 1,499 चालकों को नोटिस दिए जाने की जानकारी सामने आई।
नोटिस के बाद क्या होगा?
रिपोर्ट के अनुसार, जिन चालकों में आवश्यक ‘functional knowledge of Marathi’ नहीं पाया गया, उन्हें भाषा सीखने के लिए एक महीने का समय दिया गया है। नियमों का पालन नहीं करने पर लाइसेंस और पब्लिक सर्विस व्हीकल (PSV) बैज के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। बार-बार उल्लंघन की स्थिति में स्थायी निलंबन तक की कार्रवाई का प्रावधान बताया गया है।
यह मामला अब भाषा, रोजी-रोटी और महाराष्ट्र में सार्वजनिक परिवहन सेवाओं में स्थानीय भाषा के इस्तेमाल को लेकर बढ़ती बहस का हिस्सा बन गया है।