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TMC नेता पर शिकंजा, उत्तम कुंडू गिरफ्तार; 14 दिन की पुलिस हिरासत
TMC Leader Arrest: पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के आरामबाग संगठनात्मक जिले के अध्यक्ष और तारकेश्वर नगरपालिका के पूर्व चेयरमैन उत्तम कुंडू को पुलिस ने एक नए मामले में फिर गिरफ्तार किया है। तारकेश्वर थाने में दर्ज मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराओं के साथ Arms Act के तहत भी कार्रवाई की गई है। पुलिस के अनुसार, मामले में कथित जबरन वसूली, धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक धमकी जैसे आरोपों की जांच की जा रही है। अदालत ने कुंडू को 14 दिन की Police Custody में भेज दिया है। इससे पहले भी एक प्रमोटर की शिकायत के आधार पर उनकी गिरफ्तारी हुई थी। हालांकि, लगाए गए सभी आरोप अभी जांच के अधीन हैं और अदालत में दोष साबित होना बाकी है।

कोलकाता: पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के आरामबाग संगठनात्मक जिले के अध्यक्ष और तारकेश्वर नगरपालिका के पूर्व चेयरमैन उत्तम कुंडू को हुगली ग्रामीण पुलिस ने एक नए मामले में फिर गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उन्हें तारकेश्वर थाना केस नंबर 463/2026 के सिलसिले में गिरफ्तार किया। यह मामला 22 अगस्त 2026 को दर्ज किया गया था। गिरफ्तारी के बाद अदालत ने कुंडू को 14 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया।
कौन हैं उत्तम कुंडू?
उत्तम कुंडू तारकेश्वर नगरपालिका के पूर्व चेयरमैन रह चुके हैं और वर्तमान में तृणमूल कांग्रेस के आरामबाग संगठनात्मक जिले के अध्यक्ष हैं। उनकी राजनीतिक गतिविधियां लंबे समय से तारकेश्वर और आरामबाग क्षेत्र से जुड़ी रही हैं। रिपोर्टों के अनुसार, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद पार्टी में बदलाव के दौरान कुंडू ऋतब्रत बनर्जी गुट के साथ जुड़े और उन्हें आरामबाग संगठनात्मक जिले की जिम्मेदारी दी गई। इससे पहले वह तृणमूल कांग्रेस के श्रमिक संगठन Indian National Trinamool Trade Union Congress (INTTUC) के आरामबाग क्षेत्र में पद पर रह चुके थे।
किस मामले में हुई ताजा गिरफ्तारी?
पुलिस के अनुसार, कुंडू के खिलाफ तारकेश्वर थाने में दर्ज नए मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराएं लगाई गई हैं। इनमें आर्थिक अपराध, संपत्ति से जुड़ी कथित धोखाधड़ी, जालसाजी, जबरन वसूली और आपराधिक धमकी जैसे आरोप शामिल हैं। मामले में Arms Act के तहत भी आरोप जोड़े गए हैं। हालांकि, इन आरोपों को अभी अदालत में साबित किया जाना बाकी है। पुलिस की जांच के दौरान सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर मामले की आगे की दिशा तय होगी।
कुछ दिन पहले भी हुई थी गिरफ्तारी
उत्तम कुंडू की यह पहली हालिया गिरफ्तारी नहीं है। इससे पहले 20 अगस्त को हुगली ग्रामीण पुलिस ने उन्हें कोलकाता के एक ठिकाने से गिरफ्तार किया था। वह एक प्रमोटर की शिकायत के बाद 25 जून से पुलिस की पकड़ से बाहर बताए जा रहे थे। कोलकाता के प्रमोटर राजेश अग्रवाल ने शिकायत में कुंडू पर करीब ₹40 लाख की कथित जबरन वसूली, निर्माणाधीन फ्लैट पर कथित रूप से कब्जा करने और जमीन से जुड़े विवाद में दबाव बनाने जैसे आरोप लगाए थे। शिकायत में धमकी देने के आरोप भी लगाए गए थे। उस मामले में कुंडू को अदालत में पेश किया गया था और उन्हें जमानत मिल गई थी। इसके बाद अब तारकेश्वर थाने में दर्ज दूसरे मामले में पुलिस ने उन्हें दोबारा गिरफ्तार किया है।
14 दिन की पुलिस हिरासत क्यों महत्वपूर्ण है?
ताजा मामले में अदालत द्वारा 14 दिन की पुलिस हिरासत दिए जाने के बाद जांच एजेंसी को आरोपों से जुड़े तथ्यों की जांच करने का समय मिला है। पुलिस कथित आर्थिक लेनदेन, संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों, शिकायतों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर सकती है। जांच का एक अहम हिस्सा यह पता लगाना भी होगा कि कुंडू के खिलाफ लगाए गए अलग-अलग आरोपों के पीछे क्या तथ्य हैं और क्या इन मामलों के बीच कोई संबंध है।
राजनीतिक हलकों में भी चर्चा
उत्तम कुंडू की गिरफ्तारी इसलिए राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि वह तृणमूल कांग्रेस के संगठनात्मक पद पर हैं और पहले नगरपालिका के चेयरमैन रह चुके हैं। गिरफ्तारी के बाद तारकेश्वर में राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हुई। विपक्षी नेताओं ने इसे राजनीतिक और प्रशासनिक जवाबदेही का मुद्दा बनाया है। वहीं, मामले में अंतिम निष्कर्ष पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।
पहले की शिकायत में क्या आरोप थे?
राजेश अग्रवाल की शिकायत के मुताबिक, उन्होंने तारकेश्वर बस स्टैंड के पास एक 10 मंजिला इमारत के निर्माण में निवेश किया था। शिकायत में आरोप लगाया गया कि बाद में कुंडू ने कथित तौर पर दबाव बनाकर संपत्ति और निवेश से जुड़े मामलों में हस्तक्षेप किया। अग्रवाल ने करीब ₹40 लाख की कथित जबरन वसूली और निर्माणाधीन फ्लैट पर कब्जे का भी आरोप लगाया था। इन आरोपों पर भी अदालत में अंतिम फैसला नहीं हुआ है और इन्हें फिलहाल शिकायतकर्ता के आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
अब आगे क्या होगा?
14 दिन की पुलिस हिरासत के दौरान जांच आगे बढ़ेगी। पुलिस मामले से जुड़े दस्तावेज, वित्तीय लेनदेन और अन्य साक्ष्यों की जांच करेगी। अगर जांच में नए तथ्य सामने आते हैं तो पुलिस आगे अतिरिक्त धाराएं या अन्य कानूनी कार्रवाई भी कर सकती है। फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि उत्तम कुंडू के खिलाफ लगाए गए आरोप जांच के अधीन हैं और उनकी दोषसिद्धि अभी नहीं हुई है। किसी भी व्यक्ति को अदालत द्वारा दोषी ठहराए जाने तक आरोपी के रूप में ही देखा जाता है।
