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शिरोली MIDC में बड़ा Fire हादसा, Plastic Scrap Godown में लगी भीषण आग

Kolhapur Fire: महाराष्ट्र के कोल्हापुर में शिरोली MIDC (Maharashtra Industrial Development Corporation) के पास नागांव इलाके में एक Plastic Scrap Godown में भीषण आग लग गई। प्लास्टिक सामग्री बड़ी मात्रा में होने के कारण आग तेजी से फैल गई और कई किलोमीटर तक काले धुएं का गुबार दिखाई दिया। सूचना मिलते ही Fire Brigade की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने का अभियान चलाया। हादसे में गोदाम और उसमें रखा प्लास्टिक स्क्रैप बड़े पैमाने पर जल गया। शुरुआती रिपोर्टों में लाखों रुपये के नुकसान की बात सामने आई है, हालांकि अंतिम नुकसान का आकलन अभी बाकी है। राहत की बात है कि फिलहाल किसी जनहानि की सूचना नहीं है। आग लगने की वजह का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है।

Neha Sharma24 अग. 2026, 06:30 PM IST
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शिरोली MIDC में बड़ा Fire हादसा, Plastic Scrap Godown में लगी भीषण आग

कोल्हापुर: महाराष्ट्र के कोल्हापुर जिले में शिरोली MIDC (Maharashtra Industrial Development Corporation) के पास नागांव इलाके में प्लास्टिक स्क्रैप के गोदाम में रविवार दोपहर भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही समय में पूरे गोदाम को अपनी चपेट में ले लिया। घटनास्थल से उठता काला धुआं करीब 8 से 10 किलोमीटर दूर तक दिखाई देने की खबर है।


प्लास्टिक के बड़े भंडार के कारण तेजी से फैली आग

यह आग नागांव के संभाजी नगर इलाके में स्थित 'सहारा प्लास्टिक स्क्रैप' गोदाम में लगी। गोदाम में बड़ी मात्रा में प्लास्टिक स्क्रैप जमा होने के कारण आग ने कुछ ही समय में विकराल रूप ले लिया। ज्वलनशील प्लास्टिक सामग्री के कारण दमकलकर्मियों के लिए आग पर नियंत्रण पाना चुनौतीपूर्ण रहा। स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक, आग की लपटें और धुएं के घने गुबार दूर-दूर से दिखाई दे रहे थे। घटना के बाद आसपास के लोगों में भी अफरा-तफरी का माहौल बन गया।


दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं

आग की सूचना मिलते ही कोल्हापुर महानगरपालिका और आसपास के दमकल दलों को मौके पर बुलाया गया। कई अग्निशमन गाड़ियों की मदद से आग पर काबू पाने का अभियान चलाया गया। प्लास्टिक के बड़े भंडार और हवा के कारण आग को नियंत्रित करना मुश्किल बताया गया। स्थानीय समाचार रिपोर्टों के अनुसार, आसपास के औद्योगिक क्षेत्र से भी दमकल संसाधनों को मौके पर लगाया गया। आग को आसपास के हिस्सों में फैलने से रोकना भी बचाव अभियान की बड़ी चुनौती रही।


पास की केमिकल कंपनी भी आग की चपेट में आई

रिपोर्टों में बताया गया है कि प्लास्टिक स्क्रैप यार्ड के पास स्थित एक केमिकल कंपनी का कुछ सामान भी आग की चपेट में आया। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार इस घटना में किसी व्यक्ति की मौत या गंभीर जनहानि की सूचना नहीं है।


करोड़ों के नुकसान की बात, लेकिन अलग-अलग अनुमान

आग में प्लास्टिक स्क्रैप और अन्य सामग्री बड़े पैमाने पर जल गई। कुछ स्थानीय रिपोर्टों ने नुकसान को करोड़ों रुपये का बताया है, जबकि दूसरी रिपोर्ट में उपलब्ध प्रारंभिक आकलन के आधार पर ₹50 लाख से अधिक की संपत्ति के नुकसान की बात कही गई है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, दो अलग-अलग स्क्रैप भंडारों में लगभग 50-55 टन और 30-35 टन प्लास्टिक स्क्रैप रखा था। इनके नुकसान का प्रारंभिक अनुमान क्रमशः करीब ₹20-25 लाख और ₹8-10 लाख बताया गया है। इसके अलावा भवन और आसपास की सामग्री को हुए नुकसान को मिलाकर कुल नुकसान ₹50 लाख से अधिक बताया गया। इसलिए नुकसान की अंतिम राशि अभी स्पष्ट नहीं है और आधिकारिक मूल्यांकन के बाद ही वास्तविक नुकसान का पता चलेगा।


आग लगने का कारण अभी सामने नहीं आया

फिलहाल आग लगने की सटीक वजह स्पष्ट नहीं हुई है। स्थानीय प्रशासन और संबंधित अधिकारी घटना के कारणों की जांच कर रहे हैं। उपलब्ध रिपोर्टों में किसी एक कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि आग की शुरुआत कहां से हुई और क्या इसके पीछे कोई तकनीकी या अन्य कारण था।


आसपास की बस्ती को लेकर भी चिंता

घटनास्थल के आसपास आबादी और औद्योगिक इकाइयां मौजूद होने के कारण आग के फैलने को लेकर स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ गई थी। भारी मात्रा में प्लास्टिक जलने से निकलने वाला धुआं भी एक बड़ी चिंता का विषय रहा। दमकलकर्मियों ने आग को नियंत्रित करने और आसपास के इलाकों को सुरक्षित रखने पर ध्यान दिया।


फिलहाल जनहानि की सूचना नहीं

इस हादसे में अब तक किसी जनहानि की सूचना नहीं मिली है, जो राहत की बात है। हालांकि, गोदाम और उसमें रखी सामग्री को भारी नुकसान हुआ है। आग पर पूरी तरह नियंत्रण और नुकसान का अंतिम आकलन होने के बाद ही घटना की तस्वीर पूरी तरह स्पष्ट होगी।


आगे की जांच में क्या होगा?

अब प्रशासन और संबंधित विभाग आग के कारणों की जांच के साथ-साथ नुकसान का आकलन करेंगे। औद्योगिक क्षेत्र में आग की घटनाओं को देखते हुए फायर सेफ्टी व्यवस्था, ज्वलनशील सामग्री के भंडारण और आपातकालीन प्रतिक्रिया व्यवस्था भी जांच के दायरे में आ सकती है। कोल्हापुर की यह घटना एक बार फिर प्लास्टिक और अन्य ज्वलनशील स्क्रैप के सुरक्षित भंडारण तथा औद्योगिक क्षेत्रों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की अहमियत को सामने लाती है। फिलहाल आग के वास्तविक कारण और कुल आर्थिक नुकसान की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।