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Spa की आड़ में कथित गलत कारोबार! Surat Police की Raid में दो महिलाएं रेस्क्यू

Surat Spa Raid: गुजरात के सूरत के पाल इलाके में Spa Center की आड़ में कथित अनैतिक गतिविधियां संचालित किए जाने की सूचना पर पुलिस ने कार्रवाई की। Pal Police ने पहले Dummy Customer के जरिए जानकारी की पुष्टि की और इसके बाद राज वर्ल्ड शॉपिंग सेंटर स्थित Spa Center पर छापा मारा। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने दो महिलाओं को रेस्क्यू किया, जिन्हें पूछताछ और काउंसलिंग के बाद छोड़ दिया गया। वहीं, पुलिस ने कथित तौर पर सेंटर का संचालन करने वाली डिंपल घनश्याम यादव को गिरफ्तार किया। मामले में Immoral Traffic (Prevention) Act, 1956 के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस अब सेंटर के संचालन, रिकॉर्ड और कथित गतिविधियों से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।

Neha Sharma24 अग. 2026, 06:31 PM IST
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Spa की आड़ में कथित गलत कारोबार! Surat Police की Raid में दो महिलाएं रेस्क्यू

सूरत: गुजरात के सूरत के पाल इलाके में पुलिस ने स्पा सेंटर की आड़ में कथित रूप से अनैतिक गतिविधियां संचालित किए जाने के मामले में कार्रवाई की है। पुलिस ने राज वर्ल्ड शॉपिंग सेंटर की तीसरी मंजिल पर स्थित ‘डिवाइन वेलनेस थेरेपी सेंटर’ पर छापा मारा। पुलिस के अनुसार, कार्रवाई से पहले एक डमी ग्राहक के जरिए सूचना की पुष्टि की गई थी।


सूचना के बाद पुलिस ने बनाई योजना

पाल पुलिस को जानकारी मिली थी कि संबंधित स्पा सेंटर में सामान्य स्पा और मसाज सेवाओं की आड़ में कथित तौर पर गैरकानूनी गतिविधियां चल रही हैं। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने पहले इसकी पुष्टि करने का फैसला किया। इसके लिए पुलिस की ओर से एक डमी ग्राहक को सेंटर में भेजा गया। पुलिस के मुताबिक, डमी ग्राहक की जानकारी के बाद टीम को संदेहास्पद गतिविधियों की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस ने पंचों के साथ मिलकर सेंटर पर कार्रवाई की।


दो महिलाओं को पुलिस ने सुरक्षित बाहर निकाला

छापेमारी के दौरान पुलिस ने सेंटर से दो महिलाओं को रेस्क्यू किया। दोनों से पूछताछ और प्रारंभिक जानकारी लेने के बाद उनकी काउंसलिंग कराई गई। रिपोर्ट के अनुसार, इसके बाद दोनों महिलाओं को छोड़ दिया गया। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि महिलाएं सेंटर तक कैसे पहुंचीं और वहां उनकी भूमिका क्या थी। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि सेंटर में इस तरह की गतिविधियां कितने समय से चल रही थीं।


महिला संचालक डिंपल यादव गिरफ्तार

कार्रवाई के बाद पुलिस ने सेंटर की कथित संचालिका/मैनेजर डिंपल श्यामभाई यादव (44) को गिरफ्तार किया। रिपोर्ट के अनुसार, वह सूरत के डिंडोली इलाके में रहती हैं और मूल रूप से बिहार के सासाराम की रहने वाली बताई गई हैं। पुलिस ने उनके खिलाफ अनैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम, 1956 यानी Immoral Traffic (Prevention) Act (PITA) की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, मामले में PITA की धारा 3, 4, 5 और 7 लगाई गई हैं।


पुलिस खंगाल रही सेंटर से जुड़े रिकॉर्ड

अब पुलिस की जांच केवल छापेमारी तक सीमित नहीं है। जांच अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि सेंटर का संचालन कौन कर रहा था, वहां कितने कर्मचारी काम करते थे और कथित गतिविधियों से जुड़े अन्य लोगों की कोई भूमिका थी या नहीं। पुलिस यह भी जांच कर सकती है कि सेंटर के संचालन से संबंधित दस्तावेज, कर्मचारियों की जानकारी और अन्य रिकॉर्ड में क्या दर्ज है। अगर जांच में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।


अंतरराज्यीय नेटवर्क की भी जांच

पुलिस के सामने एक और सवाल यह है कि क्या मामले का संबंध केवल स्थानीय स्तर तक सीमित है या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क भी काम कर रहा था। रिपोर्ट के अनुसार, जांच में संभावित अंतरराज्यीय नेटवर्क की भूमिका को भी देखा जा रहा है। हालांकि, इस संबंध में अभी कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।


स्पा सेंटरों पर पुलिस की नजर

सूरत में स्पा सेंटरों की आड़ में कथित गैरकानूनी गतिविधियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई पहले भी सामने आती रही है। फरवरी 2026 में सूरत के राज वर्ल्ड शॉपिंग सेंटर में ही एक अलग स्पा सेंटर पर पुलिस ने कार्रवाई कर कई लोगों को गिरफ्तार किया था और महिलाओं को रेस्क्यू किया था। इससे साफ है कि पुलिस स्पा और मसाज सेंटरों में नियमों के उल्लंघन तथा कथित अनैतिक गतिविधियों को लेकर निगरानी बढ़ा रही है।


आगे क्या होगा?

फिलहाल पाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। गिरफ्तार संचालिका से पूछताछ के अलावा सेंटर से जुड़े दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश करेगी कि कथित गतिविधियों में और कौन लोग शामिल थे। पुलिस ने जो आरोप लगाए हैं, वे फिलहाल जांच का हिस्सा हैं। आरोपी के खिलाफ दोष अदालत में साबित होना बाकी है। महिलाओं को इस मामले में आरोपी के रूप में नहीं, बल्कि पुलिस कार्रवाई के दौरान रेस्क्यू की गई व्यक्तियों के रूप में बताया गया है।