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बिहार में नवजात की 4.50 लाख में हुई डील, माता-पिता को मिले डेढ़ लाख रुपये; खरीद-बिक्री का खुलासा

बिहार में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक नवजात शिशु की 4.50 लाख रुपये में बिक्री की गई। पुलिस के अनुसार, आरोपी माता-पिता को इस डील में से डेढ़ लाख रुपये मिले थे। शिशु की खरीद-बिक्री का खुलासा तब हुआ जब पुलिस ने संदिग्ध गतिविधियों की जांच शुरू की। मामले में कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है और शिशु को सुरक्षित बरामद कर लिया गया है। पुलिस ने बाल तस्करी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है।

Kashish Rai25 अग. 2026, 05:32 PM IST
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बिहार में नवजात की 4.50 लाख में हुई डील, माता-पिता को मिले डेढ़ लाख रुपये; खरीद-बिक्री का खुलासा

बिहार में एक बेहद शर्मनाक और गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें एक नवजात शिशु की 4.50 लाख रुपये में बिक्री की गई। पुलिस जांच के दौरान यह खुलासा हुआ कि बच्चे की खरीद-बिक्री में कई लोग शामिल थे और आरोपी माता-पिता को इस डील से डेढ़ लाख रुपये मिले थे। पुलिस के अनुसार, नवजात शिशु की बिक्री की जानकारी मिलने के बाद तुरंत कार्रवाई की गई। जांच में पता चला कि बच्चे को एक दंपत्ति से खरीदा गया था, जो आर्थिक तंगी के चलते इस गंभीर अपराध में शामिल हो गए। बच्चे को खरीदने वाले लोगों ने उसे आगे बेचने की योजना बनाई थी।


शिशु की खरीद-बिक्री का खुलासा तब हुआ जब पुलिस को कुछ संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिली। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी की और कई लोगों को गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बच्चे की खरीद-बिक्री की स्वीकारोक्ति की। जांच में सामने आया कि बच्चे की कीमत 4.50 लाख रुपये तय की गई थी। इसमें से डेढ़ लाख रुपये सीधे माता-पिता को दिए गए, जबकि बाकी रकम बीच में शामिल दलालों और अन्य लोगों के पास गई। पुलिस ने इस रकम की बरामदगी के लिए भी कार्रवाई शुरू की है।


पुलिस ने शिशु को सुरक्षित बरामद कर लिया है। बच्चे को चिकित्सा जांच के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी स्वास्थ्य स्थिति की जांच की गई। पुलिस के अनुसार, बच्चा फिलहाल सुरक्षित है और उसे उचित देखभाल प्रदान की जा रही है। बाल तस्करी के मामलों में पुलिस की विशेष इकाई भी शामिल हुई है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या इस गिरोह ने पहले भी ऐसे मामले किए हैं और क्या अन्य बच्चे भी इस नेटवर्क का शिकार हुए हैं। पुलिस ने मामले में कई लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें माता-पिता, दलाल और खरीदार शामिल हैं। सभी आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई है। पुलिस के अनुसार, बाल तस्करी एक गंभीर अपराध है और इसके लिए कड़ी सजा का प्रावधान है। भारतीय कानून के तहत बच्चे की खरीद-बिक्री में शामिल सभी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


इस मामले के बाद बिहार पुलिस ने बाल तस्करी के खिलाफ विशेष अभियान चलाने की घोषणा की है। पुलिस का कहना है कि ऐसे मामलों में संवेदनशीलता से काम किया जाएगा और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि उन्हें किसी भी तरह की बाल तस्करी या शिशु की खरीद-बिक्री की जानकारी मिले, तो तुरंत पुलिस या चाइल्ड हेल्पलाइन को सूचित करें। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि क्या इस गिरोह का किसी बड़े नेटवर्क से संबंध है और क्या अन्य राज्यों में भी ऐसे मामले सामने आए हैं। आरोपियों के खिलाफ पोस्को एक्ट, भारतीय दंड संहिता और बाल तस्करी से जुड़ी अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ चार्जशीट दायर की जाएगी और उन्हें कड़ी सजा दिलवाई जाएगी।