government

पालघर में हाईवे किनारे अतिक्रमण पर बड़ा एक्शन, 15 दिन में हटेंगे अवैध निर्माण

पालघर: महाराष्ट्र के पालघर जिले में Mumbai-Ahmedabad Highway (NH-48) के किनारे सरकारी और हाईवे की जमीन पर कथित अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन ने बड़ा अभियान शुरू किया है। प्रशासन ने 114 अतिक्रमण चिह्नित किए हैं और NHAI को 15 दिनों के भीतर सर्वे, नोटिस और नियमानुसार कार्रवाई पूरी करने के निर्देश दिए हैं। हाईवे के Right of Way में आने वाले अवैध निर्माणों के साथ वन भूमि पर हुए अतिक्रमण की भी जांच की जाएगी।

Neha Sharma26 अग. 2026, 01:50 PM IST
खबर शेयर करें:
पालघर में हाईवे किनारे अतिक्रमण पर बड़ा एक्शन, 15 दिन में हटेंगे अवैध निर्माण

पालघर: महाराष्ट्र के पालघर जिले में मुंबई-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग-48 (NH-48) के किनारे सरकारी और हाईवे की जमीन पर किए गए कथित अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिला प्रशासन ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और संबंधित विभागों को हाईवे के अधिकार क्षेत्र में आने वाले अनधिकृत निर्माण और अतिक्रमण की पहचान कर 15 दिनों के भीतर कार्रवाई पूरी करने के निर्देश दिए हैं। कार्रवाई से पहले निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत नोटिस जारी किए जाएंगे। प्रशासन के मुताबिक, मुंबई-अहमदाबाद हाईवे के दोनों तरफ कई जगहों पर अनधिकृत होटल, ढाबे, दुकानें, टायर-पंक्चर की दुकानें, अस्थायी टिन शेड, कबाड़ के गोदाम और अन्य व्यावसायिक ढांचे सामने आए हैं। इन निर्माणों की वजह से हाईवे की जमीन और Right of Way (ROW) के इस्तेमाल को लेकर प्रशासन ने कार्रवाई तेज करने का फैसला किया है।


घोड़बंदर से अच्छाड़ तक होगा सर्वे

जिला प्रशासन ने हाईवे के घोड़बंदर से अच्छाड़ तक के हिस्से का विस्तृत निरीक्षण कराने के निर्देश दिए हैं। इस दौरान मुंबई जाने वाली और गुजरात जाने वाली दोनों दिशाओं की सड़क के किनारे मौजूद निर्माणों और अतिक्रमणों को दर्ज किया जाएगा। प्रशासन का उद्देश्य पहले यह स्पष्ट करना है कि कौन-सा निर्माण हाईवे के अधिकार क्षेत्र में आता है और किस जमीन पर संबंधित विभाग की कानूनी जिम्मेदारी है। इसके बाद जमीन की स्थिति और अतिक्रमण की प्रकृति के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।


114 अतिक्रमण की पहचान

हालिया सर्वे के अनुसार पालघर जिले में NH-48 के किनारे 114 अतिक्रमण चिह्नित किए गए हैं। इनसे जुड़ा लगभग 73,831 वर्ग मीटर निर्मित क्षेत्र बताया गया है। चिह्नित अतिक्रमणों में होटल और खाने-पीने की दुकानें, व्यावसायिक प्रतिष्ठान, पार्किंग क्षेत्र, पंक्चर की दुकानें और चाय की टपरियां जैसी संरचनाएं शामिल हैं। यह आंकड़ा प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे हाईवे के किनारे अतिक्रमण की वास्तविक स्थिति का एक व्यापक चित्र सामने आया है।


NHAI की जिम्मेदारी तय

जिला प्रशासन की समीक्षा बैठक में अधिकारियों द्वारा कार्रवाई में देरी को लेकर नाराजगी जताई गई। पालघर जिलाधिकारी डॉ. इंदु रानी जाखड़ ने स्पष्ट किया कि हाईवे के Right of Way में आने वाले अतिक्रमणों पर कार्रवाई की जिम्मेदारी संबंधित हाईवे प्राधिकरण की है। उन्होंने अधिकारियों को केवल अधिकार क्षेत्र का हवाला देकर कार्रवाई में देरी नहीं करने के निर्देश दिए। NHAI को अतिक्रमणों की पहचान, रिकॉर्ड तैयार करने और निर्धारित कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्हें हटाने की कार्रवाई करने को कहा गया है।


पहले सर्वे और निरीक्षण, फिर नोटिस

प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने से पहले पूरी प्रक्रिया अपनाने के निर्देश दिए हैं। सबसे पहले संबंधित विभागों की टीमें हाईवे के दोनों ओर मौजूद निर्माणों का भौतिक निरीक्षण करेंगी। इसके बाद यह तय किया जाएगा कि संबंधित जमीन NHAI, वन विभाग, राजस्व विभाग या किसी स्थानीय निकाय के अधिकार क्षेत्र में आती है। जहां कानूनी प्रक्रिया के तहत नोटिस जरूरी होगा, वहां संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किए जाएंगे। निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी।


वन भूमि पर भी होगी कार्रवाई

इस अभियान में केवल हाईवे की जमीन ही नहीं, बल्कि हाईवे से लगी वन भूमि पर कथित अतिक्रमण को भी शामिल किया गया है। वन विभाग को अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले अतिक्रमणों की पहचान कर रिपोर्ट तैयार करने को कहा गया है। आरक्षित और संरक्षित वन क्षेत्रों से जुड़े मामलों में संबंधित पक्षों को कारण बताओ नोटिस जारी कर कानूनी प्रक्रिया शुरू की जा रही है। तुंगारेश्वर क्षेत्र में पाए जाने वाले अतिक्रमण भी इस कार्रवाई के दायरे में रखे गए हैं।


80 संपत्तियों का पहले हो चुका है निरीक्षण

अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई पहले से भी चल रही थी। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, 22 से 30 जुलाई 2026 के बीच NHAI की ओर से करीब 80 अतिक्रमित संपत्तियों का मौके पर निरीक्षण किया गया था। इन मामलों में पुलिस प्रशासन और वसई-विरार शहर महानगरपालिका (VVMC) के सहयोग से नियमानुसार कार्रवाई भी की गई। अब प्रशासन ने इस अभियान को व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाने के लिए समय-सीमा तय की है।


पुलिस देगी सुरक्षा

अतिक्रमण हटाने के दौरान किसी तरह की कानून-व्यवस्था की समस्या न हो, इसके लिए पुलिस विभाग को आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन की योजना संबंधित विभागों के बीच समन्वय बनाकर कार्रवाई करने की है, ताकि अलग-अलग विभागों के अधिकार क्षेत्र को लेकर अभियान में देरी न हो।


अधिकारियों को देना होगा Action Taken Report

जिला प्रशासन ने NHAI से कार्रवाई पूरी होने के बाद Action Taken Report (ATR) प्रस्तुत करने को भी कहा है। प्रशासन इस अभियान की प्रगति पर समयबद्ध तरीके से नजर रखेगा। जिलाधिकारी ने चेतावनी दी है कि कार्रवाई में अनावश्यक देरी या लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा और जरूरत पड़ने पर संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में मामला लाया जाएगा।


हाईवे की जमीन पर निर्माण को लेकर पहले भी सख्ती

यह कार्रवाई ऐसे समय में हो रही है जब महाराष्ट्र सरकार ने राष्ट्रीय राजमार्गों के Right of Way (ROW) में मौजूद अनधिकृत निर्माणों को हटाने को लेकर राज्यभर में सख्ती बढ़ाई है। सरकार ने स्थानीय निकायों को अनधिकृत संरचनाओं के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। ROW उस जमीन के हिस्से को कहा जाता है जिसे सड़क और उससे जुड़ी सुविधाओं के लिए सरकार ने अधिग्रहित या आरक्षित किया है। ऐसे क्षेत्र में अनधिकृत व्यावसायिक निर्माण सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के लिए भी चिंता का विषय बन सकते हैं।


आगे क्या होगा?

अब पालघर प्रशासन की नजर 15 दिनों की समय-सीमा में होने वाली कार्रवाई पर है। पहले अतिक्रमणों का संयुक्त सर्वे और रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। इसके बाद जमीन के कानूनी दर्जे के आधार पर संबंधित विभाग नोटिस और अन्य आवश्यक प्रक्रिया पूरी करेंगे। इसके बाद नियमों के अनुसार चिह्नित अवैध निर्माण और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की सख्ती से यह साफ है कि किनारे सरकारी और हाईवे की जमीन के अनधिकृत इस्तेमाल पर अब कार्रवाई तेज होने वाली है।

इसके बाद नियमों के अनुसार चिह्नित अवैध निर्माण और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की सख्ती से यह साफ है कि मुंबई-अहमदाबाद NH-48 के किनारे सरकारी और हाईवे की जमीन के अनधिकृत इस्तेमाल पर अब कार्रवाई तेज होने वाली है।