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यूपी में 60+ महिलाओं को रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा, 25 लाख छात्रों को टैबलेट; मेडिकल इंटर्न का भत्ता 13 हजार बढ़ा l

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई उत्तर प्रदेश कैबिनेट की बैठक में 24 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। सबसे बड़े फैसले के तहत 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र की महिलाओं को यूपी रोडवेज की बसों में आजीवन मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलेगी। इसके अलावा स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तीकरण योजना के तहत 25 लाख पात्र छात्रों और युवाओं को मुफ्त टैबलेट दिए जाएंगे। एमबीबीएस और बीडीएस इंटर्न का मासिक भत्ता 12 हजार रुपये से बढ़ाकर 25 हजार रुपये कर दिया गया है, यानी उन्हें अब हर महीने 13 हजार रुपये अधिक मिलेंगे। कैबिनेट ने वरिष्ठ नागरिकों को दुर्व्यवहार या भरण-पोषण न करने वाले बच्चों को संपत्ति से बेदखल करने की प्रक्रिया, 3.57 लाख छात्रों की लंबित छात्रवृत्ति जारी करने, गंगा एक्सप्रेसवे को हरिद्वार तक बढ़ाने और 250 इलेक्ट्रिक बस खरीदने जैसे प्रस्तावों को भी मंजूरी दी।

Kashish Rai26 अग. 2026, 01:50 PM IST
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यूपी में 60+ महिलाओं को रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा, 25 लाख छात्रों को टैबलेट; मेडिकल इंटर्न का भत्ता 13 हजार बढ़ा l

उत्तर प्रदेश सरकार ने महिलाओं, छात्रों, मेडिकल इंटर्न और वरिष्ठ नागरिकों को लेकर कई बड़े फैसले किए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कुल 24 प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। सरकार ने इन फैसलों के जरिए बुजुर्ग महिलाओं को सार्वजनिक परिवहन में राहत देने, युवाओं को डिजिटल संसाधनों से जोड़ने और मेडिकल छात्रों के इंटर्नशिप भत्ते में बढ़ोतरी करने की घोषणा की है। कैबिनेट के फैसलों में सबसे ज्यादा चर्चा लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति योजना की है। इस योजना के तहत उत्तर प्रदेश में 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र की महिलाएं उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों में आजीवन मुफ्त यात्रा कर सकेंगी। यात्रा के दौरान उम्र और पहचान के प्रमाण के लिए आधार कार्ड या मतदाता पहचान पत्र दिखाना होगा। सरकार के अनुसार, इस योजना से प्रदेश की एक करोड़ से अधिक बुजुर्ग महिलाओं को लाभ मिलने की उम्मीद है।

लाभार्थी महिलाओं को विशेष स्मार्ट कार्ड जारी किए जाने की भी तैयारी है। सरकार का अनुमान है कि इस सुविधा पर हर महीने करीब 22.5 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। योजना का उद्देश्य वरिष्ठ महिलाओं को अपने रिश्तेदारों, अस्पतालों, धार्मिक स्थलों और अन्य जरूरी स्थानों तक आने-जाने में आर्थिक राहत देना है। रक्षाबंधन के मौके पर प्रदेश की महिलाओं के लिए रोडवेज बसों में निशुल्क यात्रा की अलग सुविधा भी घोषित की गई है। यह सुविधा 27 अगस्त की सुबह 6 बजे से 29 अगस्त की रात 12 बजे तक लागू रहने की जानकारी दी गई है। यह सुविधा केवल 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं तक सीमित नहीं होगी, बल्कि रक्षाबंधन के अवसर पर महिलाओं को यात्रा में राहत देने के लिए लागू की जाएगी।

छात्रों और मेडिकल इंटर्न को राहत

कैबिनेट ने स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तीकरण योजना के तहत 25 लाख टैबलेट खरीदने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। ये टैबलेट पात्र छात्रों और युवाओं को मुफ्त दिए जाएंगे। योजना के दायरे में स्नातक, स्नातकोत्तर, डिप्लोमा, तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास प्रशिक्षण और आईटीआई से जुड़े पात्र विद्यार्थी शामिल होंगे। सरकार का कहना है कि टैबलेट मिलने से छात्रों को ऑनलाइन पढ़ाई, डिजिटल पाठ्यक्रम, सरकारी योजनाओं, कौशल प्रशिक्षण और रोजगार से जुड़ी सेवाओं तक पहुंच आसान होगी। इसके जरिए युवाओं को शिक्षा के साथ-साथ रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ने की कोशिश की जा रही है।

वित्तीय वर्ष 2026-27 में इस योजना के लिए 2,374.60 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। कैबिनेट ने टेंडर प्रक्रिया में चयनित संस्थाओं को टैबलेट की खरीद के लिए आदेश जारी करने की अनुमति भी दे दी है। मेडिकल छात्रों के लिए भी कैबिनेट ने महत्वपूर्ण फैसला लिया है। सरकारी मेडिकल कॉलेजों, चिकित्सा संस्थानों और चिकित्सा विश्वविद्यालयों में इंटर्नशिप कर रहे एमबीबीएस और बीडीएस इंटर्न का मासिक भत्ता 12 हजार रुपये से बढ़ाकर 25 हजार रुपये कर दिया गया है। इस तरह उनके भत्ते में हर महीने 13 हजार रुपये की बढ़ोतरी हुई है। एमबीबीएस और बीडीएस इंटर्न अस्पतालों की ओपीडी, वार्ड, आपातकालीन सेवाओं और रात्रि ड्यूटी में चिकित्सकीय टीम की सहायता करते हैं। लंबे समय से इंटर्न भत्ते में बढ़ोतरी की मांग कर रहे थे। सरकार के इस फैसले से प्रदेश के सरकारी चिकित्सा संस्थानों में प्रशिक्षण ले रहे मेडिकल इंटर्न को सीधे आर्थिक लाभ मिलेगा।

लंबित छात्रवृत्ति जारी होगी

कैबिनेट ने वर्ष 2025-26 में छात्रवृत्ति और शुल्क भरपाई से वंचित रह गए छात्रों के लिए छात्रवृत्ति पोर्टल दोबारा खोलने का फैसला किया है। इसके तहत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक और सामान्य वर्ग के पात्र छात्रों को लाभ दिया जाएगा। सरकार के अनुसार, करीब 3.57 लाख छात्र विभिन्न तकनीकी या प्रशासनिक कारणों से छात्रवृत्ति पाने से वंचित रह गए थे। इनमें संस्थानों का मास्टर डेटा लॉक न होना, परीक्षा परिणाम समय पर जारी न होना, भुगतान प्रणाली से आवेदन रिजेक्ट होना, जिला स्तरीय समिति में आवेदन लंबित रहना और ट्रांजेक्शन फेल होना जैसे कारण शामिल हैं। इन छात्रों के लिए करीब 551.95 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

बुजुर्गों को बच्चों से संपत्ति वापस लेने का अधिकार

वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण तथा कल्याण नियमावली-2014 में संशोधन को मंजूरी दी है। नए प्रावधानों के तहत यदि बच्चे या आश्रित रिश्तेदार बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल नहीं करते या उनके साथ दुर्व्यवहार करते हैं, तो बुजुर्ग उन्हें अपनी संपत्ति से बेदखल करने की प्रक्रिया शुरू कर सकेंगे। ऐसे मामलों में जिला मजिस्ट्रेट के पास शिकायत की जा सकेगी। शिकायतों की सुनवाई 30 दिनों के भीतर करने का प्रावधान रखा गया है। सरकार वरिष्ठ नागरिकों के लिए टोल-फ्री नंबर जारी करने की भी तैयारी कर रही है, ताकि वे घर से शिकायत दर्ज कराने और सहायता प्राप्त करने में सक्षम हों। जिला मजिस्ट्रेटों को ऐसे मामलों की मासिक रिपोर्ट सरकार को देनी होगी।

एक्सप्रेसवे और परिवहन से जुड़े फैसले

कैबिनेट ने गंगा एक्सप्रेसवे को हरिद्वार तक बढ़ाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। इस विस्तार पर करीब 10,761 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इससे बिजनौर और हरिद्वार के बीच तेज कनेक्टिविटी विकसित होगी और प्रयागराज तथा हरिद्वार जैसे प्रमुख धार्मिक शहरों के बीच एक्सप्रेसवे संपर्क बेहतर होगा। इससे धार्मिक पर्यटन, व्यापार और क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। उत्तर प्रदेश रोडवेज के बेड़े में 250 नई वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसें शामिल करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है। इन बसों की खरीद पर करीब 425.50 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। नई बसों से सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक और पर्यावरण के अनुकूल बनाने में मदद मिलेगी। दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े वाहनों के मानकों को देखते हुए इलेक्ट्रिक बसों का बेड़ा बढ़ाने को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

कैबिनेट ने झांसी लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण को भी मंजूरी दी है। प्रस्तावित करीब 106 किलोमीटर लंबा यह मार्ग बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे को झांसी के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-44 से जोड़ेगा। इससे बुंदेलखंड क्षेत्र, डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर और औद्योगिक विकास क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलने की संभावना है। इसके अलावा सुल्तानपुर में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के पास इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक्स क्लस्टर विकसित करने, लखनऊ-हरदोई सीमा पर टेक्सटाइल पार्क बनाने, पुलिस विभाग के लिए नए वाहन खरीदने और हर ग्राम पंचायत में जनसेवा केंद्रों का विस्तार करने जैसे प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई है। इन फैसलों का उद्देश्य रोजगार, औद्योगिक निवेश, डिजिटल सेवाओं और प्रशासनिक सुविधाओं को बढ़ावा देना है। कैबिनेट के इन फैसलों से बुजुर्ग महिलाओं, छात्रों, मेडिकल इंटर्न, वरिष्ठ नागरिकों और युवाओं को सीधे लाभ मिलने की उम्मीद है। वहीं, एक्सप्रेसवे, इलेक्ट्रिक बसों और औद्योगिक क्लस्टर से जुड़े निर्णयों का असर प्रदेश की परिवहन व्यवस्था, निवेश और रोजगार के क्षेत्र में दिखाई देने की संभावना है।