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कानपुर में 12 घंटे की बारिश से VIP रोड 5 फीट धंसी, घरों में घुसा पानी; यूपी के 25 शहरों में बारिश l

उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही बारिश से कई जिलों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। कानपुर के जाजमऊ इलाके में बारिश के दौरान VIP रोड का एक हिस्सा अचानक धंस गया, जिससे करीब 5 फीट गहरा गड्ढा बन गया। सड़क पर बैरिकेडिंग कर आवाजाही को नियंत्रित किया गया है। कई इलाकों में जलभराव के कारण घरों और सड़कों पर पानी भर गया। बीते दो दिनों में बारिश से जुड़ी अलग-अलग घटनाओं में 13 लोगों की मौत की सूचना है। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश और गरज-चमक का अलर्ट जारी किया है।

Kashish Rai26 अग. 2026, 01:50 PM IST
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कानपुर में 12 घंटे की बारिश से VIP रोड 5 फीट धंसी, घरों में घुसा पानी; यूपी के 25 शहरों में बारिश l

उत्तर प्रदेश में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। पिछले कई घंटों से हो रही लगातार बारिश के कारण प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में जलभराव, सड़क धंसने और हादसों की घटनाएं सामने आ रही हैं। कानपुर, वाराणसी, लखनऊ, प्रयागराज, अयोध्या, झांसी और जौनपुर समेत कई शहरों में बारिश का असर दिखाई दे रहा है। मंगलवार को प्रदेश के 69 शहरों में बारिश दर्ज की गई, जबकि बुधवार को भी सभी 75 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। कानपुर में करीब 12 घंटे तक हुई बारिश के बाद शहर के कई इलाकों में पानी भर गया। जाजमऊ स्थित VIP रोड पर सरैया चौराहे के पास बुधवार सुबह बारिश के दौरान अचानक सड़क धंस गई। सड़क का एक बड़ा हिस्सा नीचे बैठने से वहां करीब 5 फीट गहरा गड्ढा बन गया। यह मार्ग जाजमऊ पुरानी चुंगी से सर्किट हाउस की ओर जाता है और इस पर रोजाना बड़ी संख्या में वाहन गुजरते हैं।


सड़क धंसने की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग को सूचित किया गया। हादसे की आशंका को देखते हुए मौके पर बैरिकेडिंग कर दी गई है। पुलिस और प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने और धंसे हुए हिस्से के पास न जाने की अपील की है। अधिकारियों के सामने अब सड़क की मरम्मत के साथ-साथ यह पता लगाने की चुनौती है कि सड़क के नीचे की जमीन अचानक क्यों धंसी। बारिश के कारण शहर के कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। सड़कों पर पानी भरने से राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कुछ स्थानों पर पानी घरों के अंदर तक पहुंच गया, जिससे लोगों को घरेलू सामान बचाने और सुरक्षित स्थानों पर जाने में मुश्किल हुई। लगातार बारिश के कारण यातायात भी प्रभावित हुआ और कई प्रमुख मार्गों पर वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ गई।

कानपुर में सड़क धंसने की घटना ने शहर की जल निकासी व्यवस्था और सड़कों की गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के दौरान पहले भी कई जगह सड़कें धंसने और गड्ढे बनने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। लोगों ने प्रशासन से स्थायी समाधान, नालों की सफाई और जलभराव वाले क्षेत्रों में तत्काल पंप लगाकर पानी निकालने की मांग की है। प्रदेश के अन्य जिलों में भी बारिश का असर देखने को मिल रहा है। वाराणसी में करीब 20 घंटे की बारिश के बाद कई सड़कें और गलियां पानी से भर गईं। BHU अस्पताल परिसर में भी घुटनों तक पानी जमा होने की सूचना है। बारिश से जुड़े अलग-अलग हादसों में वाराणसी में पांच लोगों की मौत और दो लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई हैलखनऊ, प्रयागराज और आसपास के जिलों में भी कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। प्रयागराज में गंगा और यमुना का जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है। वाराणसी में गंगा और वरुणा नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण कई मोहल्लों में पानी घुसने की खबरें पहले भी सामने आ चुकी हैं। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों पर निगरानी बढ़ा दी है और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी की जा रही है।


बारिश के कारण ग्रामीण इलाकों में भी परेशानी बढ़ गई है। कई जगह कच्चे मकानों और कमजोर ढांचों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। खेतों में पानी भरने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। सड़कों पर पानी जमा होने के कारण गांवों और कस्बों के बीच आवागमन भी प्रभावित हुआ है। बीते दो दिनों में बारिश से जुड़ी अलग-अलग घटनाओं में 13 लोगों की मौत की सूचना है। इन घटनाओं में मकान गिरना, बिजली गिरना, जलभराव और अन्य वर्षाजनित हादसे शामिल बताए जा रहे हैं। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में राहत और बचाव दलों को अलर्ट पर रखा है। हालांकि, अलग-अलग जिलों में हुई मौतों का अंतिम आधिकारिक आंकड़ा संबंधित जिला प्रशासन की विस्तृत रिपोर्ट के बाद स्पष्ट होगा। मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। बुधवार को प्रदेश के सभी 75 जिलों में बारिश का अलर्ट है। इनमें सात जिलों में बहुत भारी बारिश और 33 जिलों में भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। विभाग ने लोगों को गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी है।


मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वी उत्तर प्रदेश में बारिश का असर अधिक रह सकता है। प्रयागराज, वाराणसी, जौनपुर, प्रतापगढ़, चंदौली, गाजीपुर, अमेठी, अंबेडकरनगर और आसपास के जिलों में तेज बारिश की संभावना है। कानपुर नगर, कानपुर देहात, फतेहपुर, कौशांबी, चित्रकूट, बांदा, हमीरपुर, महोबा और बुंदेलखंड के कई इलाकों में भी गरज-चमक के साथ बारिश का अनुमान है। लगातार बारिश को देखते हुए प्रशासन ने नगर निकायों और लोक निर्माण विभाग को जलभराव वाले क्षेत्रों की निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। सड़क धंसने, गड्ढे बनने या पुलिया और नालों के क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में तत्काल बैरिकेडिंग करने को कहा गया है। आपात स्थिति में पुलिस, नगर निगम और आपदा राहत टीमों की मदद ली जा रही है। कानपुर की VIP रोड पर सड़क धंसने की घटना के बाद अब स्थानीय लोग जल्द मरम्मत के साथ सड़क के नीचे की संरचना की तकनीकी जांच की मांग कर रहे हैं। केवल ऊपर से गड्ढा भरने के बजाय यह देखना जरूरी होगा कि कहीं पाइपलाइन, नाला या जल निकासी की पुरानी व्यवस्था में रिसाव तो नहीं है। बारिश जारी रहने की स्थिति में सड़क का धंसा हुआ हिस्सा और अधिक फैल सकता है, इसलिए प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना जरूरी है।


प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे जलभराव वाले रास्तों, खुले मैनहोल, धंसी सड़कों और बिजली के तारों के पास जाने से बचें। वाहन चालकों को भी पानी भरी सड़कों पर धीमी गति से वाहन चलाने और किसी अनजान रास्ते पर जाने से पहले स्थानीय स्थिति की जानकारी लेने की सलाह दी गई है। फिलहाल उत्तर प्रदेश में बारिश का दौर जारी है और अगले कुछ दिनों तक कई जिलों में मौसम खराब रहने की संभावना है।