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PM मोदी ने की 6 बड़ी Infrastructure Projects की समीक्षा, नौ राज्यों पर फोकस
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 53वीं PRAGATI बैठक की अध्यक्षता करते हुए नौ राज्यों में चल रही छह बड़ी Infrastructure Projects की समीक्षा की। इन परियोजनाओं की कुल लागत ₹30 हजार करोड़ से अधिक है। बैठक में परियोजनाओं को समय पर पूरा करने, काम की गुणवत्ता बनाए रखने और केंद्र-राज्य के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया गया। इसके अलावा AgriStack में AI के इस्तेमाल और Cyber Fraud व Digital Arrest से निपटने की रणनीति पर भी चर्चा हुई।

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 अगस्त 2026 को 53वीं PRAGATI बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में देश के नौ राज्यों में चल रही रेलवे, सड़क और बिजली क्षेत्र की छह प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की समीक्षा की गई। इन परियोजनाओं में कुल निवेश ₹30,000 करोड़ से अधिक है। बैठक में परियोजनाओं को अलग-अलग हिस्सों में देखने के बजाय उन्हें एकीकृत रूप से पूरा करने, काम की गति बढ़ाने और गुणवत्ता बनाए रखने पर जोर दिया गया।
क्या है PRAGATI?
PRAGATI यानी Pro-Active Governance and Timely Implementation केंद्र और राज्य सरकारों के बीच समन्वय के जरिए बड़ी परियोजनाओं और सरकारी योजनाओं की प्रगति की निगरानी करने वाला एक तकनीक आधारित मंच है। इसका उद्देश्य ऐसी परियोजनाओं में आने वाली अड़चनों की पहचान करना और संबंधित मंत्रालयों तथा राज्य सरकारों के बीच बेहतर तालमेल के जरिए उनका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना है।
नौ राज्यों की छह परियोजनाओं की समीक्षा
53वीं बैठक में रेलवे, सड़क और बिजली क्षेत्र से जुड़ी छह प्रमुख परियोजनाओं की समीक्षा हुई। ये परियोजनाएं देश के नौ राज्यों में फैली हुई हैं और इनकी संयुक्त लागत ₹30,000 करोड़ से अधिक है। इन परियोजनाओं को समय पर पूरा करने का सीधा संबंध बेहतर कनेक्टिविटी, औद्योगिक गतिविधियों, आर्थिक विकास और नागरिकों को मिलने वाली सार्वजनिक सुविधाओं से है। प्रधानमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि किसी परियोजना के केवल अलग-अलग पैकेज या हिस्से पूरे होना पर्याप्त नहीं है। पूरी परियोजना का समय पर संचालन शुरू होना जरूरी है, ताकि उसका वास्तविक लाभ लोगों और अर्थव्यवस्था तक पहुंच सके।
परियोजनाओं में देरी पर PM का जोर
बैठक में परियोजनाओं में होने वाली देरी को गंभीरता से लेने पर जोर दिया गया। प्रधानमंत्री ने कहा कि किसी परियोजना में देरी का असर केवल लागत बढ़ने तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इससे नागरिकों, कारोबार और व्यापक अर्थव्यवस्था को मिलने वाले लाभ भी टल जाते हैं। उन्होंने मंत्रालयों और राज्य सरकारों से end-to-end approach अपनाने को कहा। यानी योजना बनाने से लेकर निर्माण पूरा होने और परियोजना के संचालन तक हर चरण की लगातार निगरानी की जाए।
Speed के साथ Quality भी जरूरी
बैठक में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की गुणवत्ता को लेकर भी खास जोर दिया गया। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि परियोजनाओं को तेजी से पूरा करना जरूरी है, लेकिन इसके साथ गुणवत्ता से समझौता नहीं किया जा सकता। सरकारी परियोजनाओं में गुणवत्ता की निगरानी के मौजूदा तरीकों पर भी चर्चा हुई। हालिया रिपोर्टों के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता संबंधी कमियों को लेकर अधिकारियों से सवाल किए और निगरानी व्यवस्था को और प्रभावी बनाने की जरूरत पर जोर दिया।
अधिकारियों में जवाबदेही और सक्रियता पर जोर
प्रधानमंत्री ने मंत्रालयों और राज्य सरकारों के अधिकारियों से proactive work culture अपनाने की अपील की। इसका मतलब है कि किसी समस्या के सामने आने का इंतजार करने के बजाय संभावित बाधाओं की पहले पहचान कर उनका समाधान किया जाए। परियोजनाओं के हर स्तर पर जिम्मेदारी तय करने और अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर भी जोर दिया गया।
AgriStack में AI के इस्तेमाल पर चर्चा
बैठक के दौरान AgriStack की भी समीक्षा की गई। प्रधानमंत्री ने कृषि क्षेत्र में उपलब्ध आंकड़ों का बेहतर इस्तेमाल करने के लिए आधुनिक डिजिटल तकनीकों और Artificial Intelligence (AI) का उपयोग बढ़ाने पर जोर दिया। AgriStack के जरिए कृषि से संबंधित डिजिटल डेटा और सेवाओं को बेहतर तरीके से जोड़ने की दिशा में काम किया जा रहा है। बैठक में इस डेटा से किसानों और कृषि क्षेत्र को ज्यादा उपयोगी सेवाएं उपलब्ध कराने की संभावनाओं पर भी ध्यान दिया गया।
Cyber Fraud और Digital Arrest पर भी चर्चा
53वीं PRAGATI बैठक में Cyber Fraud और ‘Digital Arrest’ से जुड़े मामलों की भी समीक्षा की गई। प्रधानमंत्री ने साइबर अपराधों से निपटने के लिए केवल कार्रवाई तक सीमित रहने के बजाय लोगों में जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया। इसके लिए पुलिस और संबंधित एजेंसियों की ट्रेनिंग, साइबर सुरक्षा से जुड़ी शिक्षा, जन-जागरूकता और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय को महत्वपूर्ण बताया गया।
क्यों महत्वपूर्ण है 53वीं PRAGATI बैठक?
PRAGATI बैठक का महत्व इसलिए है क्योंकि इसमें केंद्र और राज्यों के स्तर पर चल रही बड़ी परियोजनाओं की प्रगति को एक साथ देखा जाता है। इससे जमीन पर आने वाली प्रशासनिक और तकनीकी बाधाओं की पहचान करने तथा उनके समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को जिम्मेदारी दी जा सकती है। 53वीं बैठक में इंफ्रास्ट्रक्चर, परियोजनाओं की समयबद्धता, गुणवत्ता, डिजिटल तकनीक, कृषि डेटा और साइबर सुरक्षा जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों को एक साथ रखा गया। कुल मिलाकर, बैठक में सरकार का जोर यही रहा कि बड़ी परियोजनाएं केवल कागज पर आगे न बढ़ें, बल्कि उन्हें समय पर पूरा कर गुणवत्तापूर्ण तरीके से जनता के उपयोग में लाया जाए।
