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बेंगलुरु एयरपोर्ट पर मुंह में सोने के कैप्सूल छिपाकर ले जा रहा यात्री पकड़ा गया l
कर्नाटक के बेंगलुरु स्थित केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर सीआईएसएफ ने एक यात्री को मुंह में सोने के दो कैप्सूल छिपाकर ले जाने के आरोप में पकड़ा। यात्री के पास से करीब 82 ग्राम संदिग्ध सोना बरामद हुआ। वह दुबई से बेंगलुरु पहुंचा था और यहां से गाजियाबाद जाने वाली उड़ान में सवार होने वाला था। टर्मिनल-1 पर सुरक्षा जांच के दौरान उसके संदिग्ध व्यवहार पर सीआईएसएफ जवानों को शक हुआ। विस्तृत जांच में उसके मुंह से दोनों कैप्सूल बरामद किए गए। यात्री को आगे की कार्रवाई के लिए स्थानीय पुलिस को सौंप दिया गया है।
Kashish Rai27 अग. 2026, 05:03 PM IST

बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर सोने की तस्करी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। सीआईएसएफ ने एक भारतीय यात्री को मुंह के अंदर सोने के कैप्सूल छिपाकर ले जाने के आरोप में पकड़ा है। यात्री के पास से पीले रंग की धातु वाले दो कैप्सूल बरामद किए गए, जिनका कुल वजन करीब 82 ग्राम बताया जा रहा है यह घटना बुधवार सुबह करीब 7:30 बजे एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 पर हुई। यात्री को गाजियाबाद जाने वाली उड़ान में सवार होना था। सुरक्षा जांच के दौरान सीआईएसएफ कर्मियों ने उसके व्यवहार को संदिग्ध पाया। पूछताछ और नियमित जांच के दौरान वह सुरक्षा अधिकारियों को सही तरीके से जवाब नहीं दे रहा था, जिसके बाद उसकी विस्तृत तलाशी लेने का फैसला किया गया।
अधिकारी के अनुसार, यात्री दुबई से आने वाली इंडिगो की उड़ान से बेंगलुरु पहुंचा था। वह सुबह करीब 4:17 बजे बेंगलुरु आया था और इसके बाद उसे इंडिगो की दूसरी उड़ान से गाजियाबाद जाना था। गाजियाबाद की उड़ान में सवार होने से पहले ही टर्मिनल-1 के सिक्योरिटी होल्ड एरिया में सीआईएसएफ ने उसे रोक लिया। विस्तृत जांच के दौरान सुरक्षा अधिकारियों को यात्री के मुंह के अंदर दो कैप्सूल छिपे मिले। इन कैप्सूलों में पीले रंग की धातु थी, जिसका वजन करीब 82 ग्राम बताया गया है। अधिकारियों ने बरामद धातु को संदिग्ध सोना माना है। इसकी शुद्धता और वास्तविक कीमत की पुष्टि जांच के बाद की जाएगी।
सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद यात्री को एयरपोर्ट पुलिस को सौंप दिया गया। पुलिस अब उससे पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि सोना उसे किसने दिया था और इसे कहां पहुंचाया जाना था। जांच एजेंसियां यात्री की यात्रा से जुड़े दस्तावेजों, मोबाइल फोन, संपर्कों और दुबई से बेंगलुरु तक की यात्रा की जानकारी की जांच कर सकती हैं। यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या वह किसी संगठित तस्करी गिरोह का हिस्सा है या किसी अन्य व्यक्ति के कहने पर सोना लेकर जा रहा था।
सोने की तस्करी में अक्सर धातु को छोटे कैप्सूल, पेस्ट या अन्य रूपों में बदलकर छिपाने की कोशिश की जाती है। एयरपोर्ट पर सुरक्षा जांच के दौरान ऐसे मामलों में संदिग्ध व्यवहार, यात्रा का तरीका और सामान की जांच महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है सीआईएसएफ अधिकारियों की सतर्कता के कारण यात्री गाजियाबाद जाने वाली उड़ान में सवार होने से पहले ही पकड़ लिया गया। अधिकारियों ने बरामद कैप्सूल को सुरक्षित रखकर आगे की जांच के लिए संबंधित एजेंसियों को सौंप दिया है। फिलहाल बरामद धातु की अंतिम जांच और यात्री के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है। पुलिस और सीमा शुल्क विभाग यह पता लगाने में जुटे हैं कि बरामद धातु वास्तव में सोना है या नहीं और इसकी बाजार कीमत कितनी है। जांच पूरी होने के बाद मामले में तस्करी से जुड़ी धाराएं लगाई जा सकती हैं
अधिकारी के अनुसार, यात्री दुबई से आने वाली इंडिगो की उड़ान से बेंगलुरु पहुंचा था। वह सुबह करीब 4:17 बजे बेंगलुरु आया था और इसके बाद उसे इंडिगो की दूसरी उड़ान से गाजियाबाद जाना था। गाजियाबाद की उड़ान में सवार होने से पहले ही टर्मिनल-1 के सिक्योरिटी होल्ड एरिया में सीआईएसएफ ने उसे रोक लिया। विस्तृत जांच के दौरान सुरक्षा अधिकारियों को यात्री के मुंह के अंदर दो कैप्सूल छिपे मिले। इन कैप्सूलों में पीले रंग की धातु थी, जिसका वजन करीब 82 ग्राम बताया गया है। अधिकारियों ने बरामद धातु को संदिग्ध सोना माना है। इसकी शुद्धता और वास्तविक कीमत की पुष्टि जांच के बाद की जाएगी।
सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद यात्री को एयरपोर्ट पुलिस को सौंप दिया गया। पुलिस अब उससे पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि सोना उसे किसने दिया था और इसे कहां पहुंचाया जाना था। जांच एजेंसियां यात्री की यात्रा से जुड़े दस्तावेजों, मोबाइल फोन, संपर्कों और दुबई से बेंगलुरु तक की यात्रा की जानकारी की जांच कर सकती हैं। यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या वह किसी संगठित तस्करी गिरोह का हिस्सा है या किसी अन्य व्यक्ति के कहने पर सोना लेकर जा रहा था।
सोने की तस्करी में अक्सर धातु को छोटे कैप्सूल, पेस्ट या अन्य रूपों में बदलकर छिपाने की कोशिश की जाती है। एयरपोर्ट पर सुरक्षा जांच के दौरान ऐसे मामलों में संदिग्ध व्यवहार, यात्रा का तरीका और सामान की जांच महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है सीआईएसएफ अधिकारियों की सतर्कता के कारण यात्री गाजियाबाद जाने वाली उड़ान में सवार होने से पहले ही पकड़ लिया गया। अधिकारियों ने बरामद कैप्सूल को सुरक्षित रखकर आगे की जांच के लिए संबंधित एजेंसियों को सौंप दिया है। फिलहाल बरामद धातु की अंतिम जांच और यात्री के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है। पुलिस और सीमा शुल्क विभाग यह पता लगाने में जुटे हैं कि बरामद धातु वास्तव में सोना है या नहीं और इसकी बाजार कीमत कितनी है। जांच पूरी होने के बाद मामले में तस्करी से जुड़ी धाराएं लगाई जा सकती हैं
