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नेपाल बाढ़ से सिर्फ 12 घंटे पहले उसी जगह थे मुंबई के अभिनेता अंकुर रतन, बोले- ‘यकीन नहीं हो रहा’

नेपाल के रसुवा जिले में 26 अगस्त को आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड ने भारी तबाही मचाई। इसी इलाके से मुंबई के अभिनेता अंकुर रतन अपनी पत्नी और परिवार के साथ कुछ घंटे पहले ही गुजर चुके थे। कैलाश मानसरोवर यात्रा पर निकले रतन ने बताया कि बाढ़ की भयावह तस्वीरें देखकर उन्हें यकीन नहीं हो रहा कि वे कुछ ही घंटे पहले उसी जगह मौजूद थे।

Kalpana Gautam27 अग. 2026, 05:05 PM IST
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नेपाल बाढ़ से सिर्फ 12 घंटे पहले उसी जगह थे मुंबई के अभिनेता अंकुर रतन, बोले- ‘यकीन नहीं हो रहा’
नेपाल के रसुवा जिले में आई भीषण फ्लैश फ्लड ने पूरे इलाके को तबाह कर दिया है। बाढ़ और मलबे की चपेट में आकर बड़ी संख्या में लोगों की मौत हुई है, जबकि सैकड़ों लोग अब भी लापता हैं। इस बीच मुंबई के अभिनेता अंकुर रतन की कहानी सामने आई है, जो इस त्रासदी से महज कुछ घंटे पहले उसी इलाके से होकर गुजरे थे।

अंकुर रतन कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए महाराष्ट्र के SAAD Mountaineers के 28 सदस्यीय दल के साथ यात्रा कर रहे हैं। उनके साथ उनकी पत्नी शिल्पा सुचक और उनकी कजिन सोनाली कपाड़िया भी थीं। रतन के मुताबिक, वे बाढ़ प्रभावित रसुवा इलाके में आपदा से करीब 12 से 16 घंटे पहले मौजूद थे। रतन ने बताया कि एक दिन पहले तक वे उसी इलाके में तस्वीरें खिंचवा रहे थे और कैलाश मानसरोवर यात्रा को लेकर बेहद उत्साहित थे। लेकिन अगले ही दिन उसी क्षेत्र में आई बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी।

उनके यात्रा दल के संस्थापक सदस्य राजन देशमुख ने बताया कि समूह के सदस्य करीब 18 घंटे पहले उसी स्थान पर मौजूद थे। वहीं, पुणे के एक अन्य दंपति ने बताया कि वे आपदा वाली जगह से महज 10 से 15 मिनट की दूरी पर स्थित होटल में करीब 7–8 घंटे पहले ठहरे हुए थे। अंकुर रतन ने कहा कि इस घटना के बाद उनके मन में दो तरह की भावनाएं हैं। एक तरफ वे और उनका परिवार सुरक्षित बच निकलने के लिए बेहद आभारी हैं, वहीं दूसरी तरफ बाढ़ में जान गंवाने वाले लोगों और उनके परिवारों के लिए उनका दिल दुख रहा है।

165 से बढ़कर 177 तक पहुंचा मौत का आंकड़ा
नेपाल में बाढ़ के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। गुरुवार सुबह उपलब्ध सरकारी आंकड़ों के अनुसार 165 शव बरामद किए जा चुके थे और 826 लोग लापता बताए गए थे। इनमें 579 पर्यटक भी शामिल थे। बाद के अपडेट में नेपाल में बरामद शवों की संख्या 177 तक पहुंचने की जानकारी सामने आई। अधिकारियों ने आशंका जताई है कि खोज अभियान आगे बढ़ने के साथ मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है। लापता लोगों में नेपाली सुरक्षा बलों के जवान, स्थानीय निवासी और बड़ी संख्या में पर्यटक शामिल हैं। नेपाल Tourism Board के आंकड़ों में भारत समेत कई देशों के नागरिकों के लापता होने की जानकारी सामने आई है।

तिब्बत की ओर से आया था अचानक भारी जलप्रवाह
नेपाल के प्रारंभिक तकनीकी आकलन के अनुसार बाढ़ का बड़ा जलप्रवाह तिब्बत की ओर से भोटेकोशी नदी में आया। तकनीकी रिपोर्ट में बताया गया है कि ऊपर की ओर नदी के रास्ते में बनी जलराशि/झील के अचानक टूटने के बाद भारी मात्रा में पानी नीचे की ओर आया और भोटेकोशी, त्रिशूली तथा आगे नारायणी नदी के क्षेत्र में फैल गया। 26 अगस्त की सुबह आए इस अचानक जलप्रवाह ने कुछ ही समय में सड़क, पुल, बस्तियों और अन्य बुनियादी ढांचे को अपनी चपेट में ले लिया। राहत एवं बचाव दल अब नदी के किनारे और प्रभावित क्षेत्रों में लापता लोगों की तलाश कर रहे हैं।

अंकुर रतन और उनके परिवार का कुछ घंटे पहले उसी इलाके से सुरक्षित निकल जाना अब इस भयावह आपदा के बीच एक बेहद चौंकाने वाला संयोग बन गया है। रतन ने कहा कि वे अपनी आगे की कैलाश मानसरोवर यात्रा जारी रखेंगे और इस त्रासदी में जान गंवाने वालों की स्मृति में कैलाश की परिक्रमा पूरी करना चाहते हैं।