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बागपत में धर्म परिवर्तन के बाद पूजा बनी महिला ने लगाए गंभीर आरोप, मंदिर तोड़ने और दोबारा धर्म बदलने का दबाव बनाने का दावा l
बागपत के ईदगाह मोहल्ले में पूजा नाम से रह रही एक महिला ने पड़ोसी मुस्लिम परिवार पर घर में बने मंदिर को तोड़ने, मूर्तियों को खंडित करने और दीवार पर बने गाय के चित्र को मिटाने का आरोप लगाया है। महिला का दावा है कि हिंदू धर्म अपनाने के बाद उस पर दोबारा मुस्लिम धर्म अपनाने का दबाव बनाया जा रहा है। उसने अपनी छोटी बेटी पर उर्दू पढ़ने का दबाव बनाने और होली-दीवाली मनाने पर आपत्ति जताए जाने की बात भी कही है। महिला ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सुरक्षा और मदद की गुहार लगाई है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, जबकि पुलिस अधिकारियों के अनुसार शुरुआती जानकारी में पड़ोसी से विवाद की वजह पालतू बिल्ली को लेकर बताई गई है।

बागपत शहर के ईदगाह मोहल्ले में एक महिला के आरोपों के बाद हड़कंप मचा हुआ है। महिला अपना नाम पूजा बताती है। उसका कहना है कि शादी से पहले उसका नाम आयशा था और वह मूल रूप से गाजियाबाद के लोनी क्षेत्र की रहने वाली है। महिला के मुताबिक, वर्ष 2001 में उसने मुरादाबाद में धर्म परिवर्तन के बाद मदनपाल नाम के हिंदू युवक से प्रेम विवाह किया था। पूजा का कहना है कि शादी के बाद से वह हिंदू धर्म में रह रही है और इसी धर्म को मानती है। उसके पति की मौत हो चुकी है। अब वह अपनी तीन बेटियों के साथ बागपत में रह रही है। महिला ने बताया कि उसकी बड़ी बेटी की शादी हिंदू परिवार में हो चुकी है, जबकि दूसरी बेटी का रिश्ता भी हिंदू परिवार में तय किया गया है।
महिला का दावा है कि उसने अपने घर में पूजा-पाठ के लिए एक छोटा मंदिर बना रखा था। घर की दीवार पर उसने गाय का चित्र भी बनाया था। पूजा के आरोपों के मुताबिक, पड़ोसी सुलेमान, उसके बेटे नूर मोहम्मद और कुछ अन्य लोग कथित तौर पर उसके घर में घुस आए और हंगामा किया। महिला का आरोप है कि इस दौरान घर में बने मंदिर को तोड़ दिया गया और वहां रखी देवी-देवताओं की मूर्तियों को नुकसान पहुंचाया गया। पूजा ने यह भी आरोप लगाया है कि दीवार पर बने गाय के चित्र को मिटा दिया गया। उसका कहना है कि हिंदू धर्म अपनाने के बाद से ही पड़ोसी परिवार उसके परिवार को लेकर आपत्ति जताता है। महिला के अनुसार, उस पर दोबारा मुस्लिम धर्म अपनाने का दबाव बनाया जा रहा है और उसे हिंदू त्योहार होली तथा दीपावली मनाने पर भी ऐतराज का सामना करना पड़ता है।
महिला ने अपनी छोटी बेटी को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उसके मुताबिक, बेटी की स्कूल की पढ़ाई छूट गई और उस पर उर्दू पढ़ने का दबाव बनाया गया। पूजा का आरोप है कि परिवार पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है और मामले में समझौता करने के लिए भी उसे मजबूर किया जा रहा है। घटना से जुड़े कुछ वीडियो भी सामने आए हैं। महिला के परिवार का दावा है कि इन वीडियो में उसके घर के बाहर बड़ी संख्या में लोग दिखाई दे रहे हैं। एक अन्य वीडियो में एक व्यक्ति महिला से बहस करता हुआ नजर आ रहा है। हालांकि, इन वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और इनमें दिखाई दे रहे लोगों तथा घटनाक्रम की पूरी स्थिति पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
महिला ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मदद और सुरक्षा की मांग की है। उसका कहना है कि वह किसी भी दबाव में अपना धर्म बदलने या दोबारा मुस्लिम धर्म अपनाने के लिए तैयार नहीं है। उसने प्रशासन से आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है। महिला की शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 115(2), 351(2) और 352 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले में नामजद लोगों से पूछताछ करने के साथ-साथ घटनास्थल, वीडियो और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है।
इस मामले में पुलिस की ओर से यह भी कहा गया है कि शुरुआती जानकारी में पड़ोसी पक्ष के साथ विवाद की वजह पालतू बिल्ली को लेकर सामने आई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि महिला ने जो आरोप लगाए हैं, उनकी सत्यता की जांच की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद ही मंदिर तोड़े जाने, मूर्तियों को नुकसान पहुंचाने, धार्मिक दबाव और अन्य आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
