जौनपुर: उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में पुलिस ने अवैध हथियारों की कथित तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। मछलीशहर पुलिस और स्वाट टीम की संयुक्त कार्रवाई में पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 12 अवैध हथियार और दो चोरी की मोटरसाइकिल बरामद करने का दावा किया है। यह कार्रवाई 25 अगस्त 2026 को सामने आई रिपोर्टों के मुताबिक की गई।
चेकिंग के दौरान पकड़े गए आरोपी
पुलिस के अनुसार, ताजुद्दीनपुर पुलिया के पास संदिग्ध वाहनों और लोगों की जांच की जा रही थी। इसी दौरान दो मोटरसाइकिलों पर सवार तीन लोगों को रोका गया। तलाशी के बाद पुलिस ने उनके पास से अवैध हथियार और दोनों मोटरसाइकिल बरामद करने का दावा किया। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शिव प्रकाश मिश्रा, मनकामेश्वर मिश्रा और प्रियांशु शुक्ला के रूप में हुई है। तीनों प्रयागराज के फूलपुर थाना क्षेत्र के रहने वाले बताए गए हैं।
अंतरजनपदीय तस्करी से जुड़े होने का दावा
पुलिस के अनुसार, शुरुआती पूछताछ में आरोपियों के अंतरजनपदीय अवैध हथियार तस्करी नेटवर्क से जुड़े होने की जानकारी सामने आई। पुलिस का दावा है कि आरोपी अलग-अलग जिलों में अवैध हथियारों की सप्लाई और खरीद-फरोख्त से आर्थिक लाभ कमाते थे। जांच में जौनपुर, प्रयागराज और मिर्जापुर समेत आसपास के जिलों का उल्लेख सामने आया है। पुलिस अब कथित नेटवर्क के अन्य सदस्यों और हथियारों की आपूर्ति के स्रोत का पता लगाने में जुटी है।
कथित सरगना की तलाश
पुलिस ने एक व्यक्ति को इस कथित नेटवर्क का मुख्य सरगना बताया है और उसकी गिरफ्तारी के लिए तलाश जारी होने की जानकारी दी है। अधिकारियों के मुताबिक, मामले की जांच आगे बढ़ने के साथ नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है।
चोरी की बाइक भी बरामद
अवैध हथियारों के अलावा पुलिस ने दो चोरी की मोटरसाइकिलें भी बरामद करने का दावा किया है। इससे पुलिस अब वाहनों की चोरी और कथित तस्करी नेटवर्क के बीच संभावित संबंध की भी जांच कर रही है।
न्यायालय भेजे गए आरोपी
रिपोर्टों के अनुसार, पुलिस ने मामले में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश किया। साथ ही उनके आपराधिक इतिहास और कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है। फिलहाल पुलिस की कार्रवाई के बाद मामले की जांच जारी है। बरामदगी और तस्करी से जुड़े आरोप पुलिस के दावे हैं; आरोपियों की दोषसिद्धि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही तय होगी।