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ग्राहक बनकर पहुंचा इंस्पेक्टर, डील होते ही जंगल में चल रही अवैध असलहा फैक्ट्री पर छापा l

उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में पुलिस ने जंगल के बीच ट्यूबवेल के कमरे में चल रही अवैध असलहा फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। पुलिसकर्मी ग्राहक बनकर आरोपियों तक पहुंचे और तीन तमंचे खरीदने की बातचीत की। करीब 20 हजार रुपये में सौदा तय होने के बाद पुलिस टीम ने मौके पर छापा मारकर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान 9 अवैध तमंचे, जिंदा कारतूस और हथियार बनाने के उपकरण बरामद हुए। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और हथियारों की सप्लाई का पता लगा रही है।

Kashish Rai27 अग. 2026, 05:05 PM IST
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ग्राहक बनकर पहुंचा इंस्पेक्टर, डील होते ही जंगल में चल रही अवैध असलहा फैक्ट्री पर छापा l

उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में पुलिस ने एक ऐसी अवैध असलहा फैक्ट्री का खुलासा किया है, जो जंगल के बीच बने ट्यूबवेल के एक कमरे में चल रही थी। बाहर से यह कमरा सामान्य दिखाई देता था, लेकिन अंदर अवैध हथियार तैयार किए जा रहे थे। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान दो आरोपियों को गिरफ्तार किया और मौके से 9 अवैध तमंचे, जिंदा कारतूस तथा हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण बरामद किए। मामला नरैनी कोतवाली क्षेत्र के मोतियारी गांव का है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, एसपी पलाश बंसल को सूचना मिली थी कि गांव के जंगल इलाके में अवैध रूप से तमंचे बनाए जा रहे हैं। यह भी जानकारी मिली थी कि यहां तैयार किए गए हथियारों की बांदा के अलावा आसपास के जिलों में सप्लाई की जाती है।


सूचना मिलने के बाद पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने के लिए सीधे छापा मारने के बजाय एक योजना तैयार की। पुलिस टीम ने पहले यह जानकारी जुटाई कि आरोपी हथियारों की खरीद-बिक्री कैसे करते हैं और ग्राहकों से किस तरह संपर्क किया जाता है।

इसके बाद पुलिस इंस्पेक्टर अर्जुन ग्राहक बनकर आरोपियों तक पहुंचे। पुलिस के मुताबिक, इंस्पेक्टर ने तीन तमंचे खरीदने की बात कही। बातचीत के दौरान आरोपियों ने एक तमंचे की कीमत 7 हजार रुपये बताई। सौदेबाजी के बाद करीब 20 हजार रुपये में तीन तमंचों का सौदा तय हुआ। आरोपियों को यह अंदाजा नहीं था कि जिस व्यक्ति से वे हथियार बेचने की बातचीत कर रहे हैं, वह पुलिस अधिकारी है। डील तय होने के बाद पुलिस टीम ने छापे के लिए सही समय का इंतजार किया। जैसे ही पुलिस को मौका मिला, टीम ने जंगल में बने ट्यूबवेल के कमरे पर दबिश दे दी।


अचानक पुलिस को सामने देखकर वहां मौजूद आरोपियों में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने मौके से दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान देवीदीन और रामस्वरूप के रूप में हुई है। पुलिस ने कमरे की तलाशी ली तो वहां हथियार बनाने का पूरा सामान मिला। टीम ने 9 अवैध तमंचे, जिंदा कारतूस और असलहे तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण बरामद किए। पुलिस का कहना है कि आरोपी इसी कमरे में तमंचे तैयार करते थे और फिर उन्हें बांदा तथा आसपास के जिलों में बेचते थे।

जांच में यह भी सामने आया है कि तैयार तमंचों को कथित तौर पर 7 से 8 हजार रुपये की कीमत में बेचा जाता था। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि दोनों आरोपियों ने अब तक कितने हथियार बनाए और किन-किन लोगों को उनकी सप्लाई की।


पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि अवैध हथियारों को किन जिलों तक भेजा गया था और इस पूरे नेटवर्क में आरोपियों के अलावा और कौन लोग शामिल हैं। पुलिस आरोपियों के मोबाइल फोन, संपर्कों और लेन-देन से जुड़ी जानकारी की जांच कर सकती है।

डिप्टी एसपी प्रवीण यादव के मुताबिक, नरैनी पुलिस ने अवैध असलहा फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। मौके से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर 9 अवैध तमंचे, जिंदा कारतूस और हथियार बनाने के उपकरण बरामद किए गए हैं। दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। पुलिस का कहना है कि हथियारों की सप्लाई से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने के लिए जांच आगे बढ़ाई जा रही है। इस कार्रवाई के बाद अब यह पता लगाने पर जोर है कि जंगल में चल रही इस अवैध फैक्ट्री से कितने हथियार बाजार और आपराधिक नेटवर्क तक पहुंच चुके हैं।