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नवगछिया में गंगा की तेज धारा में बालू लदी नाव डूबी, 19 मजदूर बचाए गए; दो लापता l

बिहार के नवगछिया स्थित राघोपुर में तटबंध की मरम्मत के दौरान बालू से लदी नाव गंगा की तेज धारा में पलटकर डूब गई। नाव पर कुल 21 मजदूर और दो मांझी सवार थे। हादसे के बाद 19 लोगों ने तैरकर और SDRF की मदद से अपनी जान बचाई, जबकि मजदूर बादल मंडल और मांझी सिकंदर मंडल अभी लापता हैं। दोनों की तलाश में गंगा नदी में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। हादसे का वीडियो सामने आया है, जिसमें नाव तेज लहरों के बीच पलटकर डूबती दिखाई दे रही है।

Kashish Rai27 अग. 2026, 05:05 PM IST
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नवगछिया में गंगा की तेज धारा में बालू लदी नाव डूबी, 19 मजदूर बचाए गए; दो लापता l

बिहार के नवगछिया स्थित राघोपुर में गंगा नदी के उफान के बीच तटबंध की मरम्मत में जुटे मजदूरों से भरी बालू लदी नाव तेज बहाव में पलटकर डूब गई। नाव पर कुल 21 मजदूर सवार थे। हादसे के बाद 19 मजदूरों ने तैरकर और राहत-बचाव दल की मदद से अपनी जान बचा ली, जबकि दो लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन और SDRF की टीम मौके पर पहुंची। तेज बहाव के बीच राहत-बचाव अभियान चलाकर 18 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया, जबकि एक अन्य मजदूर ने खुद तैरकर किनारे पहुंचकर अपनी जान बचाई। हादसे के बाद लापता लोगों की तलाश के लिए SDRF की टीमें गंगा में लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं।


हादसे का एक वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में मजदूर तटबंध के कटाव वाले हिस्से पर फ्लड फाइटिंग के काम में जुटे नजर आ रहे हैं। इसी दौरान बालू से लदी नाव गंगा की तेज लहरों और बहाव की चपेट में आ जाती है। नाव को किनारे की ओर लाने की कोशिश की जाती है, लेकिन तेज धारा उसे फिर से बीच नदी की ओर खींच लेती है। कुछ ही देर बाद नाव पलट जाती है और देखते ही देखते पानी में समा जाती है। चश्मदीद वेदानंद कुमार के अनुसार, नाव को किनारे लाया जा रहा था, लेकिन नदी का बहाव इतना तेज था कि वह दोबारा बीच धारा में चली गई। इसी दौरान नाव का संतुलन बिगड़ गया और वह पलट गई। उनके मुताबिक, नाव पर मजदूरों के साथ दो मांझी भी मौजूद थे। हादसे के बाद लापता लोगों की पहचान बादल मंडल और सिकंदर मंडल के रूप में हुई है। बादल मंडल भागलपुर के लोदीपुर के रहने वाले बताए जा रहे हैं, जबकि सिकंदर मंडल नवगछिया के तीनटंगा गांव के निवासी हैं। SDRF की टीम दोनों की तलाश में नदी के संभावित इलाकों में अभियान चला रही है।


जिलाधिकारी अलंकृता पांडे ने बताया कि मौके पर मौजूद SDRF टीम ने 19 मजदूरों को बचा लिया है, जबकि दो लोग अभी लापता हैं। उन्होंने आशंका जताई कि नदी में भंवर बनने के कारण नाव पलटी हो सकती है। जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि मजदूरों को लाइफ जैकेट पहनाने से जुड़े पहले के निर्देशों के पालन में चूक हुई है। प्रशासन ने घटना के बाद नावों के जरिए तटबंध मरम्मत का काम रोक दिया है। अधिकारियों के अनुसार, सुरक्षा मानकों का पालन कराने की जिम्मेदारी जिन ठेकेदारों और वेंडरों की थी, उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी। फिलहाल तटबंध की मरम्मत और सुरक्षा का काम नावों के बजाय ट्रैक्टरों की मदद से जारी रखने का फैसला लिया गया है। दरअसल, राघोपुर-काजीकोरैया तटबंध दो दिन पहले सुबह करीब 3 बजे टूट गया था। यह तटबंध बिहार के ऊर्जा मंत्री बुलो मंडल के आवास से लगभग 300 मीटर की दूरी पर स्थित है। तटबंध टूटने के कारण मंत्री के आवास के साथ-साथ आसपास के सैकड़ों घरों में भी बाढ़ का पानी घुस गया था।


तटबंध के टूटे हिस्से को बंद करने और कटाव रोकने के लिए जल संसाधन विभाग ने 300 से ज्यादा मजदूरों को काम पर लगाया है। मजदूर बालू की बोरियों, बांस-बल्लों और हाथी पांव की मदद से नदी के बहाव को नियंत्रित करने और तटबंध को फिर से मजबूत करने का प्रयास कर रहे थे। इसी दौरान नाव डूबने की यह घटना हुई। गंगा नदी इस समय खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। नदी का जलस्तर खतरे के निशान 33.68 मीटर को पार कर 33.95 मीटर तक पहुंच गया है। तेज करंट, नदी में बन रहे भंवर और जगह-जगह दरकती मिट्टी के कारण राहत और मरम्मत कार्य में लगातार मुश्किलें आ रही हैं। हालांकि, फरक्का बराज के सभी फाटक खोले जाने के बाद आने वाले दिनों में गंगा के जलस्तर में कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता लापता दोनों लोगों की तलाश, तटबंध के आसपास सुरक्षा बढ़ाना और बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत कार्य जारी रखना है।