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दिल्ली में H1N1 के 134 नए मामले, इस साल संक्रमितों की संख्या 2,442 पहुंची; अस्पताल अलर्ट l

मौसम में बदलाव के साथ दिल्ली में H1N1 यानी स्वाइन फ्लू के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पिछले 24 घंटे में राजधानी में 134 नए मामले सामने आए हैं, जिसके बाद इस साल अब तक संक्रमित मरीजों की संख्या 2,442 हो गई है। बढ़ते मामलों को देखते हुए दिल्ली सरकार ने सभी अस्पतालों को अलर्ट पर रहने, 24 घंटे इमरजेंसी सेवाएं उपलब्ध रखने और आइसोलेशन बेड तैयार रखने के निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन अस्पतालों की तैयारियों और मरीजों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

Kashish Rai27 अग. 2026, 05:05 PM IST
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दिल्ली में H1N1 के 134 नए मामले, इस साल संक्रमितों की संख्या 2,442 पहुंची; अस्पताल अलर्ट l

मौसम में बदलाव के साथ दिल्ली में H1N1 यानी स्वाइन फ्लू के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। पिछले 24 घंटे में राजधानी में 134 नए H1N1 संक्रमित मरीज सामने आए हैं। इसके साथ ही दिल्ली में इस साल अब तक H1N1 मामलों की संख्या बढ़कर 2,442 हो गई है।

लगातार बढ़ते मामलों को देखते हुए दिल्ली सरकार ने अस्पतालों को अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। सरकार ने अस्पतालों से इमरजेंसी सेवाओं को मजबूत रखने और मरीजों को समय पर इलाज उपलब्ध कराने को कहा है। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज सिंह ने सभी सरकारी अस्पतालों को निर्देश दिया है कि इमरजेंसी विभाग में 24 घंटे डॉक्टर उपलब्ध रहें। देर रात अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को इलाज में किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए ओपीडी सेवाओं में भी डॉक्टरों की मौजूदगी सुनिश्चित करने को कहा गया है।


अस्पतालों को आइसोलेशन बेड तैयार रखने के विशेष निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि जरूरत पड़ने पर संक्रमित मरीजों को तुरंत अलग रखकर उपचार दिया जा सके, इसके लिए अस्पतालों को पहले से तैयारी करनी होगी। विभाग अस्पतालों में उपलब्ध बेड, डॉक्टरों की तैनाती और मरीजों की स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है। H1N1 का असर केवल दिल्ली तक सीमित नहीं है। कर्नाटक और महाराष्ट्र में भी संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी की खबर है। महाराष्ट्र में मुंबई और पुणे को प्रमुख प्रभावित शहरों में शामिल बताया जा रहा है, जबकि कर्नाटक में भी मामलों में वृद्धि दर्ज की गई है। विशेषज्ञों के मुताबिक, मौसम में बदलाव और वातावरण में बढ़ती उमस के कारण फ्लू जैसे संक्रमणों के फैलने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन सकती हैं। हालांकि, संक्रमण बढ़ने के पीछे अन्य स्थानीय और स्वास्थ्य संबंधी कारणों की भी जांच की जा रही है।


इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च यानी ICMR ने स्पष्ट किया है कि भारत में H1N1 का कोई नया स्ट्रेन सामने नहीं आया है। मौजूदा वायरस मौसमी इन्फ्लुएंजा का हिस्सा है और लंबे समय से देश में सर्कुलेशन में है। दिल्ली सरकार ने लोगों से अपील की है कि H1N1 से जुड़े लक्षण दिखाई देने पर लापरवाही न बरतें और डॉक्टर से सलाह लें। स्वास्थ्य विभाग का जोर समय पर जांच, आवश्यक उपचार और संक्रमण को फैलने से रोकने पर है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज सिंह ने कहा है कि मौजूदा स्थिति को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है। सरकार का दावा है कि अस्पतालों में डॉक्टरों, बेड और इलाज से जुड़ी सभी जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं, ताकि मरीजों को समय पर चिकित्सा सुविधा मिल सके। हालांकि, पिछले 24 घंटे में सामने आए नए मामलों और कुल संक्रमितों की बढ़ती संख्या ने राजधानी की स्वास्थ्य व्यवस्था की तैयारियों पर ध्यान केंद्रित कर दिया है। आने वाले दिनों में H1N1 संक्रमण की स्थिति, अस्पतालों में मरीजों की संख्या और सरकार की निगरानी व्यवस्था महत्वपूर्ण होगी।