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सितंबर से महंगी होंगी टाटा और हुंडई की कारें, कीमतों में बढ़ोतरी से ग्राहकों को झटका l
सितंबर 2026 से टाटा मोटर्स और हुंडई अपनी कारों की कीमतों में बढ़ोतरी करने जा रही हैं। टाटा मोटर्स की कारें और एसयूवी 1 सितंबर से मॉडल और वेरिएंट के आधार पर 25 हजार रुपये तक महंगी होंगी। इस बढ़ोतरी का असर पेट्रोल-डीजल और इलेक्ट्रिक दोनों कारों पर पड़ेगा। वहीं, हुंडई अपने पूरे पोर्टफोलियो की कीमतों में 1 प्रतिशत तक इजाफा करेगी। दोनों कंपनियों ने बढ़ती इनपुट और परिचालन लागत को कीमत बढ़ाने की वजह बताया है।

वर्ष 2026 को ऑटोमोबाइल सेक्टर में लगातार कीमत बढ़ने वाले साल के तौर पर देखा जा रहा है। कई कंपनियों ने इस साल अलग-अलग समय पर अपनी कारों की कीमतों में इजाफा किया है। अब सितंबर में टाटा मोटर्स और हुंडई की कारें महंगी होने जा रही हैं।
यदि आप नई कार खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो 1 सितंबर से पहले बुकिंग या खरीद करना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। दोनों कंपनियों ने कीमत बढ़ाने का ऐलान कर दिया है, हालांकि हर मॉडल और वेरिएंट पर बढ़ोतरी अलग-अलग हो सकती है।
टाटा की कारें 25 हजार रुपये तक महंगी
टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स लिमिटेड ने अपने पूरे कार और एसयूवी पोर्टफोलियो की कीमतों में 25 हजार रुपये तक की बढ़ोतरी का ऐलान किया है। नई कीमतें 1 सितंबर 2026 से लागू होंगी। यह बढ़ोतरी पेट्रोल और डीजल से चलने वाली कारों के साथ-साथ इलेक्ट्रिक वाहनों पर भी लागू होगी। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि टाटा की हर कार की कीमत में 25 हजार रुपये का समान इजाफा होगा। वास्तविक बढ़ोतरी मॉडल, वेरिएंट और कार की कीमत के आधार पर तय की जाएगी। कुछ कारों पर कम बढ़ोतरी हो सकती है, जबकि कुछ मॉडल 25 हजार रुपये तक महंगे हो सकते हैं। टाटा मोटर्स ने कीमत बढ़ाने की वजह लगातार बढ़ती इनपुट लागत और महंगाई को बताया है। कंपनी के अनुसार, उत्पादन से जुड़ी लागत में बढ़ोतरी का एक बड़ा हिस्सा कंपनी ने खुद वहन किया है, लेकिन लागत के दबाव को देखते हुए कीमतों में कुछ बदलाव करना जरूरी हो गया है। 2026 में टाटा मोटर्स की ओर से यह तीसरी कीमत बढ़ोतरी होगी। इससे पहले कंपनी ने 1 अप्रैल को करीब 0.5 प्रतिशत और 1 जुलाई को पेट्रोल-डीजल तथा इलेक्ट्रिक कारों की कीमतों में करीब 1.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी की थी।
हुंडई की कारों पर भी बढ़ेगा दाम
हुंडई मोटर इंडिया ने भी सितंबर 2026 से अपनी पूरी कार रेंज की कीमतों में 1 प्रतिशत तक बढ़ोतरी करने की घोषणा की है। नई कीमतें 1 सितंबर से लागू होंगी। कंपनी के पोर्टफोलियो में ग्रैंड आई10 निओस, आई20, एक्सटर, वेन्यू, क्रेटा, वरना और अल्काजार जैसे मॉडल शामिल हैं। हुंडई की कारों पर वास्तविक बढ़ोतरी मॉडल और वेरिएंट के आधार पर अलग-अलग होगी। उदाहरण के लिए, 10 लाख रुपये तक की कारों पर कीमत में करीब 10 हजार रुपये तक का इजाफा हो सकता है। वहीं, 20 लाख रुपये तक की कारों पर लगभग 20 हजार रुपये तक की बढ़ोतरी संभव है। हालांकि, अंतिम कीमत कंपनी की ओर से मॉडलवार सूची जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। हुंडई ने कीमत बढ़ाने के पीछे इनपुट और कमोडिटी लागत में बढ़ोतरी, परिचालन खर्च और मौजूदा आर्थिक तथा वैश्विक परिस्थितियों को वजह बताया है। कंपनी ने कहा है कि कीमतों में बदलाव लागत के दबाव को आंशिक रूप से संतुलित करने के लिए किया जा रहा है।
मारुति भी बढ़ा चुकी है कीमतें
टाटा और हुंडई से पहले मारुति सुजुकी ने अगस्त 2026 में अपनी कारों की कीमतों में 30 हजार रुपये तक की बढ़ोतरी की थी। इस बढ़ोतरी के बाद सितंबर में दो और बड़ी कंपनियों की कारें महंगी होने जा रही हैं। इससे त्योहारों के मौसम से ठीक पहले कार खरीदने वाले ग्राहकों का बजट प्रभावित हो सकता है। ऑटोमोबाइल कंपनियों का कहना है कि कच्चे माल, कलपुर्जों, लॉजिस्टिक्स, उत्पादन और परिचालन लागत में लगातार बढ़ोतरी का असर वाहन कीमतों पर पड़ रहा है। कंपनियां लागत का पूरा बोझ ग्राहकों पर नहीं डालना चाहतीं, लेकिन लंबे समय तक बढ़ती लागत को खुद वहन करना भी मुश्किल हो रहा है।
त्योहारों से पहले ग्राहकों पर असर
सितंबर से कीमतों में होने वाली बढ़ोतरी का असर ऐसे समय में पड़ेगा, जब नवरात्रि, दशहरा और दिवाली जैसे त्योहारों के दौरान कारों की मांग बढ़ने की उम्मीद रहती है। इस अवधि में कार कंपनियां बिक्री बढ़ाने के लिए विशेष ऑफर और वित्तीय योजनाएं भी पेश करती हैं, लेकिन कीमत बढ़ने से इन छूटों का कुछ लाभ कम हो सकता है। जिन ग्राहकों ने टाटा या हुंडई की कार खरीदने का मन बनाया है, वे बढ़ी हुई कीमतों से बचने के लिए अगस्त में बुकिंग या खरीद पर विचार कर सकते हैं। हालांकि, बुकिंग से पहले डीलर से यह जरूर स्पष्ट कर लेना चाहिए कि वाहन की कीमत किस तारीख के आधार पर तय होगी और बढ़ोतरी बुक किए गए वाहन पर लागू होगी या नहीं। सितंबर में टाटा मोटर्स और हुंडई की कीमत बढ़ोतरी के बाद भारतीय कार बाजार में प्रतिस्पर्धा और तेज हो सकती है। ग्राहकों के लिए कार चुनते समय केवल शुरुआती कीमत ही नहीं, बल्कि बीमा, रखरखाव, ईंधन या चार्जिंग लागत और उपलब्ध छूट को भी ध्यान में रखना जरूरी होगा।
