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EMI Default पर बैंक की मनमानी पर लगेगी लगाम, RBI ने बदले Loan Recovery Rules; जानिए Borrowers के अधिकार

अगर किसी वजह से आपकी Loan EMI समय पर जमा नहीं हो पाती है, तो बैंक या वित्तीय संस्था बकाया रकम की वसूली कर सकती है, लेकिन रिकवरी के दौरान मनमानी, धमकी या उत्पीड़न की अनुमति नहीं होगी। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बैंकों और अन्य विनियमित वित्तीय संस्थाओं के लिए Loan Recovery और Recovery Agents से जुड़े नियमों को और स्पष्ट किया है। नए प्रावधानों के तहत रिकवरी के लिए संपर्क करने का समय, एजेंट की पहचान, कॉल रिकॉर्ड रखने, ग्राहक की निजी जानकारी की सुरक्षा और शिकायतों के निपटारे जैसे मामलों पर अधिक जवाबदेही तय की गई है। ये संशोधित प्रावधान 1 जनवरी 2027 से लागू होंगे।

sd29 अग. 2026, 01:43 PM IST
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EMI Default पर बैंक की मनमानी पर लगेगी लगाम, RBI ने बदले Loan Recovery Rules; जानिए Borrowers के अधिकार
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EMI नहीं चुकाई तो क्या बैंक रिकवरी कर सकता है?

हां। RBI के नए नियमों का मतलब यह नहीं है कि EMI में चूक होने पर बैंक या NBFC पैसे की वसूली नहीं कर सकते।लोन की देनदारी बनी रहती है और lender लागू कानून, loan agreement तथा अपनी निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार बकाया राशि की वसूली कर सकता है। नए नियमों का मुख्य उद्देश्य वसूली की प्रक्रिया को अनुशासित करना और ग्राहक के साथ अनुचित व्यवहार पर रोक लगाना है। इसलिए EMI का भुगतान न करने पर बैंक से संपर्क करके repayment या restructuring जैसे उपलब्ध विकल्पों पर बातचीत करना महत्वपूर्ण है।

सुबह 8 बजे से पहले और शाम 7 बजे के बाद रिकवरी कॉल नहीं

RBI के मौजूदा और नए recovery framework में overdue loan की वसूली के लिए borrower को सुबह 8 बजे से पहले या शाम 7 बजे के बाद कॉल करने पर रोक है। इसका उद्देश्य देर रात या सुबह-सुबह लगातार फोन करके ग्राहक पर दबाव बनाने की शिकायतों को रोकना है।

कुछ परिस्थितियों में borrower की स्पष्ट सहमति या अनुरोध के आधार पर निर्धारित समय के बाहर संपर्क के अलग प्रावधान हो सकते हैं, लेकिन सामान्य recovery communication निर्धारित समय सीमा के भीतर होना चाहिए।

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धमकी, गाली या अपमानजनक भाषा पर रोक

Recovery agent बकाया रकम की मांग करते समय:

  • धमकी या डराने वाला व्यवहार नहीं कर सकता।
  • अपमानजनक या अभद्र भाषा का इस्तेमाल नहीं कर सकता।
  • लगातार परेशान करने वाले तरीके से कॉल नहीं कर सकता।
  • झूठे या भ्रामक दावे करके भुगतान के लिए दबाव नहीं बना सकता।
  • सार्वजनिक रूप से borrower को शर्मिंदा करने की कोशिश नहीं कर सकता।

RBI ने recovery process में intimidation और harassment को स्पष्ट रूप से प्रतिबंधित किया है।

परिवार और दोस्तों को परेशान करने पर भी रोक

Recovery agent केवल इसलिए borrower के परिवार, दोस्तों या अन्य संबंधित लोगों को परेशान नहीं कर सकता कि उनसे कर्ज की रकम वसूलने के लिए दबाव बनाया जा सके। RBI ने ऐसे व्यवहार पर रोक लगाई है जिसमें borrower के परिवार के सदस्यों, दोस्तों या अन्य लोगों की privacy में अनुचित हस्तक्षेप किया जाए या उन्हें सार्वजनिक रूप से अपमानित किया जाए। हालांकि, किसी guarantor या loan से कानूनी रूप से जुड़े व्यक्ति के मामले में लागू कानूनी अधिकार और दायित्व अलग हो सकते हैं। इसलिए हर संपर्क को “अवैध” मानना भी सही नहीं होगा।

सोशल मीडिया पर बदनाम करने की अनुमति नहीं

Recovery के नाम पर borrower की निजी जानकारी का गलत इस्तेमाल, अनुचित संदेश भेजना या सोशल मीडिया के जरिए सार्वजनिक दबाव बनाना RBI के recovery conduct rules के दायरे में आता है। किसी borrower को कर्ज न चुकाने के कारण सार्वजनिक रूप से शर्मिंदा करना वैध recovery प्रक्रिया का हिस्सा नहीं माना जा सकता।

घर पर आने से पहले जानकारी देना जरूरी

यदि recovery agency borrower से व्यक्तिगत रूप से मिलने के लिए भेजी जाती है, तो regulated entity को recovery agency से संबंधित जानकारी borrower को पहले उपलब्ध कराने की व्यवस्था करनी होगी। RBI के नए निर्देशों में borrower या guarantor के यहां पहली व्यक्तिगत recovery visit से पहले recovery agency की जानकारी देने तथा recovery process का रिकॉर्ड रखने पर जोर दिया गया है। Recovery agent को अपनी पहचान और संबंधित lender की ओर से अधिकृत होने की जानकारी स्पष्ट करनी होगी।

Recovery calls का रिकॉर्ड रखा जाएगा

नए framework में recovery communication की documentation और monitoring को मजबूत किया गया है। RBI के निर्देशों में calls के समय और संख्या का रिकॉर्ड रखने तथा recovery communication की recording सुरक्षित रखने का प्रावधान किया गया है। उदाहरण के तौर पर Regional Rural Banks के लिए कॉल की सामग्री का रिकॉर्ड निर्धारित अवधि तक सुरक्षित रखने की व्यवस्था स्पष्ट की गई है। इससे भविष्य में borrower और lender के बीच विवाद होने पर recovery प्रक्रिया की जांच में मदद मिल सकती है।

बैंक अपने Recovery Agent की गलती से जिम्मेदारी नहीं टाल सकता

अगर बैंक या NBFC ने किसी बाहरी recovery agency को नियुक्त किया है, तो केवल यह कहकर जिम्मेदारी से बचना आसान नहीं होगा कि गलत व्यवहार किसी third-party agent ने किया था। RBI का framework regulated entities पर recovery agents की due diligence, monitoring, training और conduct की जिम्मेदारी डालता है।

Customer की निजी जानकारी की सुरक्षा भी जरूरी

Recovery के लिए bank या financial institution borrower की जानकारी recovery agent को दे सकता है, लेकिन जानकारी उतनी ही होनी चाहिए जितनी recovery कार्य के लिए आवश्यक है। RBI के निर्देशों में customer information के दुरुपयोग को रोकने के लिए safeguards और monitoring की आवश्यकता बताई गई है।

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Financed Mobile पर भी नए safeguards

कुछ loan arrangements में मोबाइल फोन जैसे financed devices को recovery के लिए technology-based तरीके से restrict करने की व्यवस्था हो सकती है। नए framework में ऐसे mechanisms के इस्तेमाल को safeguards के दायरे में रखा गया है। इसका मतलब यह नहीं है कि हर EMI default पर बैंक किसी भी मोबाइल फोन को मनमाने तरीके से बंद कर सकता है। ऐसी कार्रवाई संबंधित loan arrangement, लागू नियमों और RBI द्वारा निर्धारित safeguards के अनुरूप ही होनी चाहिए।

शिकायत लंबित होने पर क्या होगा?

Recovery और customer grievance handling के बीच भी RBI ने जवाबदेही बढ़ाने पर जोर दिया है। अगर borrower को recovery agent के व्यवहार, गलत वसूली या अन्य शिकायत है, तो उसे पहले संबंधित bank/NBFC की grievance redressal व्यवस्था में शिकायत करनी चाहिए। समाधान नहीं मिलने पर RBI की शिकायत व्यवस्था उपलब्ध हो सकती है। RBI की Integrated Ombudsman Scheme के तहत पात्र शिकायतों के लिए आगे शिकायत दर्ज कराने की व्यवस्था मौजूद है।

क्या EMI माफ हो जाएगी?

नहीं।

यह सबसे महत्वपूर्ण बात है। RBI के recovery rules borrower की loan liability खत्म नहीं करते।

EMI नहीं चुकाने पर lender:

  • बकाया रकम की मांग कर सकता है;
  • loan agreement के अनुसार लागू interest/charges ले सकता है;
  • default की जानकारी credit information companies को दे सकता है;
  • secured loan में लागू कानून के तहत security/asset recovery की प्रक्रिया अपना सकता है;
  • और जरूरत पड़ने पर कानूनी उपाय कर सकता है।

RBI के नियम मुख्य रूप से यह तय करते हैं कि वसूली किस तरीके से की जानी चाहिए और किस तरह का व्यवहार स्वीकार्य नहीं है।

नए नियम कब से लागू होंगे?

RBI ने 6 अगस्त 2026 को recovery of loans और recovery agents के conduct से संबंधित amendment directions जारी किए हैं। संबंधित निर्देश विभिन्न regulated entities के लिए जारी किए गए हैं और नए प्रावधानों की प्रभावी तारीख 1 जनवरी 2027 रखी गई है।इसलिए फिलहाल खबर को इस तरह समझना जरूरी है कि RBI ने नियम जारी कर दिए हैं, लेकिन नए संशोधित प्रावधान 1 जनवरी 2027 से लागू होंगे।

अगर Recovery Agent परेशान करे तो क्या करें?

अगर किसी borrower को अनुचित recovery calls या धमकी का सामना करना पड़ता है, तो वह:

  1. कॉल, SMS और अन्य communication का रिकॉर्ड सुरक्षित रख सकता है।
  2. Recovery agent का नाम, agency और lender की जानकारी मांग सकता है।
  3. Bank/NBFC की grievance redressal व्यवस्था में लिखित शिकायत कर सकता है।
  4. गंभीर धमकी या किसी अन्य संभावित अपराध की स्थिति में उचित कानूनी सहायता ले सकता है।
  5. बैंक/NBFC से समाधान नहीं मिलने पर RBI की उपलब्ध शिकायत व्यवस्था का उपयोग कर सकता है

निष्कर्ष

RBI के नए recovery framework का उद्देश्य EMI default करने वाले borrowers को कर्ज से मुक्त करना नहीं, बल्कि कर्ज की वसूली की प्रक्रिया को नियमों के दायरे में रखना है। अब regulated lenders और उनके recovery agents को borrower से संपर्क करते समय समय-सीमा, पहचान, रिकॉर्ड, privacy और व्यवहार संबंधी नियमों का पालन करना होगा। दूसरी ओर, borrower की loan liability बनी रहेगी और lender कानून के अनुसार बकाया रकम की वसूली कर सकेगा।

सीधी बात: EMI चूकने पर बैंक पैसा मांग सकता है, लेकिन वसूली के नाम पर धमकी, उत्पीड़न, सार्वजनिक अपमान या अनुचित दबाव बनाने की छूट नहीं है। नए संशोधित RBI प्रावधान 1 जनवरी 2027 से लागू होंगे।