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पुणे में श्रावण के दौरान मटन बनाने को लेकर विवाद, बेटे की मौत; माता-पिता गिरफ्तार l
महाराष्ट्र के पुणे के वारजे-मालवाड़ी इलाके में श्रावण महीने के दौरान मटन पकाने को लेकर हुए पारिवारिक विवाद में 30 वर्षीय महेश भागवत गायकवाड़ की मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, महेश कथित तौर पर शराब के नशे में अपने माता-पिता के घर पहुंचा और मटन करी बनाने की मांग की। परिवार ने श्रावण के कारण मांसाहारी खाना बनाने से इनकार किया, जिसके बाद विवाद बढ़ गया। आरोप है कि महेश के पिता भगवान सूर्यभान गायकवाड़ ने उसके सिर और चेहरे पर हमला किया, जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने पिता को हत्या और मां पार्वती गायकवाड़ को कथित तौर पर सबूत मिटाने में मदद करने के आरोप में गिरफ्तार किया है।

महाराष्ट्र के पुणे से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां श्रावण महीने में मटन पकाने को लेकर हुआ पारिवारिक विवाद हिंसक हो गया। वारजे-मालवाड़ी इलाके में 30 वर्षीय महेश भागवत गायकवाड़ की कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने इस मामले में महेश के 64 वर्षीय पिता भगवान सूर्यभान गायकवाड़ और 60 वर्षीय मां पार्वती गायकवाड़ को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, घटना 24 और 25 अगस्त की दरम्यानी रात रामनगर इलाके में स्थित परिवार के घर में हुई। महेश कथित तौर पर शराब के नशे में अपने माता-पिता के घर पहुंचा था। वह अक्सर अपने माता-पिता के घर जाकर खाना खाता था। उस रात उसने परिवार से मटन करी बनाने को कहा।
परिवार श्रावण महीने के कारण घर में मांसाहारी खाना नहीं बना रहा था। महेश की मांग पर उसके माता-पिता ने मटन पकाने से इनकार कर दिया। इसी बात को लेकर महेश और उसके पिता के बीच बहस शुरू हो गई। पुलिस का दावा है कि बहस देखते ही देखते हाथापाई में बदल गई। आरोप है कि झगड़े के दौरान भगवान सूर्यभान गायकवाड़ ने महेश के चेहरे और सिर पर कई बार हमला किया। गंभीर चोट लगने के बाद महेश की हालत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। पुलिस अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि मौत किस तरह की चोटों के कारण हुई।
महेश की शादी करीब 10 साल पहले हुई थी। पुलिस के अनुसार, वह शराब का आदी था और नियमित रूप से काम नहीं करता था। उसकी पत्नी दो बच्चों को लेकर उससे अलग हो गई थी और हाल ही में दोनों का तलाक हुआ था। इसके बाद महेश अकेले रह रहा था और पास में रहने वाले अपने माता-पिता के घर आता-जाता था। घटना के बाद महेश की मां पार्वती पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पुलिस के मुताबिक, उसने कथित तौर पर अपने पति को बचाने की कोशिश की और घर में मौजूद खून के निशान साफ किए। उस पर महेश के बड़े भाई को घटना के बारे में गलत जानकारी देने का भी आरोप है। पुलिस ने इसी आधार पर उसे सबूत मिटाने और घटना छिपाने में मदद करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। पार्वती एक नर्सिंग होम में नर्स के रूप में काम करती है। महेश के बड़े भाई को जब घटना की जानकारी मिली, तो वह वारजे-मालवाड़ी पुलिस थाने पहुंचा और शिकायत दर्ज कराई। उसकी शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया। इसके बाद पुलिस ने महेश के पिता को कथित हत्या के आरोप में और मां को कथित तौर पर साक्ष्य मिटाने में सहयोग करने के आरोप में गिरफ्तार किया।
पुलिस घटनास्थल की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हमले के दौरान घर में कौन-कौन मौजूद था। जांच में परिवार के सदस्यों के बयान, घटनास्थल से मिले साक्ष्य और पोस्टमार्टम रिपोर्ट को शामिल किया जा रहा है।
पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में विवाद की वजह श्रावण के दौरान मटन पकाने की मांग सामने आई है। हालांकि, हत्या के पूरे घटनाक्रम और प्रत्येक आरोपी की भूमिका की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी। दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
