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Reactin Plus मामले में सिप्ला पर बड़ी कार्रवाई, महाराष्ट्र FDA ने पुणे C&F सेंटर का लाइसेंस रद्द किया l

महाराष्ट्र FDA ने सिप्ला फार्मा एंड लाइफ साइंसेज लिमिटेड के पुणे के वडकी स्थित C&F सेंटर का दवा बिक्री लाइसेंस 27 अगस्त 2026 से रद्द कर दिया है। Reactin Plus टैबलेट्स की पैकेजिंग पर बिना अनुमति “analgesic and antipyretic” दावा, स्टॉक और रिकॉर्ड में विसंगतियां, दवाओं के अनुचित भंडारण और रिकॉल निर्देशों का पूरी तरह पालन न करने जैसी अनियमितताएं सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई। FDA ने करीब 11.91 लाख रुपये का Reactin Plus स्टॉक जब्त किया था। हालांकि, सिप्ला ने कहा है कि FDA का आदेश न्यायिक विचाराधीन है और इसमें दवाओं की सुरक्षा, गुणवत्ता या प्रभावकारिता पर कोई सवाल नहीं उठाया गया है।

Kashish Rai29 अग. 2026, 02:56 PM IST
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Reactin Plus मामले में सिप्ला पर बड़ी कार्रवाई, महाराष्ट्र FDA ने पुणे C&F सेंटर का लाइसेंस रद्द किया l

महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन यानी FDA ने दवा कंपनी सिप्ला के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। Reactin Plus टैबलेट्स से जुड़े मामले में नियमों के उल्लंघन और कई गंभीर अनियमितताएं मिलने के बाद सिप्ला फार्मा एंड लाइफ साइंसेज लिमिटेड के पुणे स्थित Carrying and Forwarding यानी C&F सेंटर का दवा बिक्री लाइसेंस रद्द कर दिया गया है। यह कार्रवाई 27 अगस्त 2026 से तत्काल प्रभाव से लागू हुई। FDA ने पुणे जिले के वडकी स्थित कंपनी के मुख्य गोदाम का निरीक्षण किया था। जांच के दौरान Reactin Plus टैबलेट्स की पैकेजिंग पर बिना जरूरी अनुमति के “analgesic and antipyretic” यानी दर्द निवारक और बुखार कम करने वाली दवा से जुड़ा दावा छपा मिला। FDA के अनुसार, Reactin Plus एक Schedule H प्रिस्क्रिप्शन दवा है और इसकी पैकेजिंग पर इस तरह का दावा आवश्यक अनुमति के बिना करना नियमों का उल्लंघन है। अधिकारियों ने आशंका जताई कि ऐसी जानकारी लोगों को बिना डॉक्टर की सलाह दवा लेने के लिए प्रेरित कर सकती है।


इस मामले में FDA ने करीब 11.91 लाख रुपये का Reactin Plus स्टॉक जब्त किया था। इसके बाद कंपनी को गलत जानकारी वाली पैकेजिंग के साथ बाजार में मौजूद दवाओं को वापस मंगाने का निर्देश दिया गया। हालांकि, FDA के मुताबिक, कंपनी इन रिकॉल निर्देशों का पूरी तरह पालन नहीं कर सकी। बाद की जांच में दवाओं के वास्तविक स्टॉक और कंप्यूटर रिकॉर्ड में अंतर पाया गया। खरीद और बिक्री से जुड़े रिकॉर्ड में भी विसंगतियां मिलीं। FDA अधिकारियों को कुछ दवाएं सीधे जमीन पर रखी हुई मिलीं, जबकि दवाओं के उचित भंडारण के लिए पर्याप्त रैक और पैलेट की व्यवस्था नहीं थी। जांच में एक्सपायर्ड दवाओं के प्रबंधन से जुड़े रिकॉर्ड और प्रक्रियाओं में भी कमियां सामने आईं। FDA ने इन सभी खामियों को दवाओं की बिक्री, भंडारण और वितरण से जुड़े गंभीर नियमों का उल्लंघन माना।


इन अनियमितताओं के बाद FDA ने कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा। कंपनी के जवाब और जांच में मिले तथ्यों की समीक्षा करने के बाद विभाग ने माना कि कमियों और रिकॉल निर्देशों का पर्याप्त रूप से पालन नहीं किया गया। इसके बाद वडकी स्थित C&F सेंटर का दवा बिक्री लाइसेंस रद्द करने का फैसला लिया गया। FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने कहा कि दवाओं की सुरक्षा और जनस्वास्थ्य से जुड़े मामलों में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। खासकर Schedule H जैसी डॉक्टर की पर्ची पर मिलने वाली दवाओं की पैकेजिंग, बिक्री, भंडारण और वितरण के लिए तय नियमों का पालन अनिवार्य है। नियमों का उल्लंघन करने वाली कंपनियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

दूसरी ओर, सिप्ला ने FDA के आदेश पर आपत्ति जताई है। कंपनी ने कहा कि मामला न्यायिक विचाराधीन है, इसलिए इस स्तर पर विस्तृत टिप्पणी करना उचित नहीं होगा। सिप्ला ने यह भी स्पष्ट किया कि FDA की कार्रवाई में उसके उत्पादों की सुरक्षा, गुणवत्ता या प्रभावकारिता पर कोई चिंता व्यक्त नहीं की गई है और यह आदेश किसी मरीज की सुरक्षा से जुड़े मुद्दे का संकेत नहीं देता।


फिलहाल, इस कार्रवाई के बाद पुणे के वडकी स्थित संबंधित C&F सेंटर से दवाओं की बिक्री और वितरण का लाइसेंस समाप्त हो गया है। FDA ने दवा कंपनियों और वितरकों को रिकॉर्ड, स्टॉक, भंडारण और रिकॉल प्रक्रिया से जुड़े सभी नियमों का सख्ती से पालन करने की चेतावनी दी है.