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तेलंगाना में Paigah Land पर बड़ा अपडेट, शर्तों के साथ होगा Registration

हैदराबाद: तेलंगाना सरकार ने लंबे समय से विवादित Paigah Lands पर शर्तों के साथ संपत्ति Registration की अनुमति देने का फैसला किया है। इससे कई संपत्ति मालिकों को राहत मिलने की उम्मीद है। सरकार को इस प्रक्रिया से करीब ₹1,000 करोड़ के Registration Revenue की उम्मीद है, जबकि अंतिम स्वामित्व संबंधित न्यायिक मामलों के फैसले पर निर्भर रहेगा।

Neha Sharma29 अग. 2026, 04:03 PM IST
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तेलंगाना में Paigah Land पर बड़ा अपडेट, शर्तों के साथ होगा Registration

हैदराबाद: तेलंगाना सरकार ने लंबे समय से कानूनी विवाद में फंसी Paigah Lands पर कुछ शर्तों के साथ संपत्ति पंजीकरण की अनुमति देने का फैसला किया है। सरकार के इस कदम से हैदराबाद के Hafeezpet, Kondapur और Hi-Tec City के आसपास के इलाकों में मौजूद हजारों मकानों, अपार्टमेंट और अन्य निर्माणों के पंजीकरण का रास्ता खुल सकता है। सरकार को इस प्रक्रिया से करीब ₹1,000 करोड़ के पंजीकरण राजस्व की उम्मीद है।


छह दशक से ज्यादा पुराना है जमीन विवाद

Paigah Lands से जुड़ा विवाद कोई नया मामला नहीं है। इन जमीनों को लेकर कानूनी विवाद 1958 से चले आ रहे हैं। विवाद मुख्य रूप से Civil Suit (CS) No. 14 of 1958 और CS No. 7 of 1958 से जुड़ा है। इन मामलों में सरकार और निजी पक्षों के बीच जमीन के स्वामित्व को लेकर लंबे समय से कानूनी लड़ाई चलती रही है। इस दौरान विवादित जमीन के कई हिस्सों पर आवासीय और व्यावसायिक निर्माण भी हो गए।


करीब 1,500 एकड़ जमीन विवाद के दायरे में

रिपोर्ट के अनुसार, Rangareddy और Medchal-Malkajgiri जिलों में लगभग 1,500 एकड़ Paigah land लंबे समय से विवादों में रही है। इनमें से करीब 600 एकड़ जमीन पर पहले ही निर्माण हो चुका है। Serilingampally मंडल में बड़े पैमाने पर शहरी विकास हुआ है। Hafeezpet के Survey Numbers 77 से 80 इसके प्रमुख उदाहरण हैं, जहां विवादित जमीन पर बड़े पैमाने पर आवासीय विकास हो चुका है।


Survey No. 80 में ज्यादातर जमीन पर निर्माण

Hafeezpet के Survey No. 80 में कुल करीब 484 एकड़ जमीन बताई गई है। अधिकारियों के अनुमान के अनुसार, इसमें लगभग 430 एकड़ हिस्से पर भवन, अपार्टमेंट और Gated Communities विकसित हो चुकी हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, अब इस सर्वे नंबर में लगभग 50 एकड़ जमीन ही खाली बची है। यानी लंबे समय से चल रहे कानूनी विवाद के बावजूद जमीन का बड़ा हिस्सा शहरी विकास का हिस्सा बन चुका है।


Section 22A की प्रतिबंधित सूची से हटाने की तैयारी

तेलंगाना सरकार का नया फैसला Section 22A के तहत प्रतिबंधित संपत्तियों की सूची से संबंधित है। Revenue Minister Ponguleti Srinivas Reddy ने कहा है कि CS-14 और CS-7 से संबंधित जमीनों को प्रतिबंधित सूची से हटाकर Conditional Registration की अनुमति दी जाएगी। इसका मतलब यह है कि संपत्ति का पंजीकरण किया जा सकेगा, लेकिन पंजीकरण दस्तावेज में यह स्पष्ट रूप से दर्ज होगा कि जमीन का स्वामित्व उन मामलों में लंबित न्यायिक कार्यवाही के अंतिम परिणाम के अधीन रहेगा।


Conditional Registration का क्या मतलब है?

Conditional Registration का अर्थ यह नहीं है कि सरकार ने विवादित जमीन का स्वामित्व पूरी तरह किसी एक पक्ष के नाम तय कर दिया है। इसके तहत संपत्ति का पंजीकरण किया जा सकेगा, लेकिन दस्तावेज में यह शर्त दर्ज होगी कि स्वामित्व का अंतिम फैसला संबंधित न्यायिक मामलों के परिणाम के आधार पर होगा। Revenue Department के Principal Secretary D.S. Lokesh Kumar के अनुसार, CS-14 और CS-7 की जमीनों पर पंजीकरण के संबंध में मामलों को Case-by-Case Basis पर देखा जाएगा और संबंधित अदालतों के फैसलों को ध्यान में रखा जाएगा।


सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का भी असर

Paigah Lands से जुड़े विवादों में कई मामले अदालतों तक पहुंचे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, सरकार कुछ मामलों में अदालतों में हार चुकी है और ऐसे मामलों में न्यायिक आदेशों के आधार पर पंजीकरण भी हुए हैं। कुछ मामलों में Greater Hyderabad Municipal Corporation (GHMC) ने भी अदालतों के निर्देश के बाद ऊंची इमारतों के निर्माण की अनुमति दी थी।


सरकार के फैसले से हजारों संपत्तियों को राहत की उम्मीद

दशकों से चले आ रहे विवाद के कारण इन जमीनों पर बनी कई संपत्तियों के मालिकों को पंजीकरण और स्वामित्व को लेकर अनिश्चितता का सामना करना पड़ रहा था। अब Conditional Registration की व्यवस्था से ऐसे हजारों संपत्ति मालिकों को राहत मिलने की संभावना है। खासकर Hafeezpet, Kondapur और Hi-Tec City के आसपास के तेजी से विकसित हुए क्षेत्रों में इसका असर दिखाई दे सकता है।


सरकार को ₹1,000 करोड़ राजस्व मिलने का अनुमान

इस फैसले का एक बड़ा आर्थिक पहलू भी है। सरकार को उम्मीद है कि विवादित Paigah Lands पर Conditional Registration की अनुमति मिलने से राज्य को करीब ₹1,000 करोड़ का पंजीकरण राजस्व मिल सकता है। यानी यह फैसला सिर्फ जमीन विवाद को लेकर नहीं है, बल्कि राज्य के राजस्व और शहरी संपत्ति बाजार पर भी इसका असर पड़ सकता है।


22A सूची को लेकर पहले से चल रहा विवाद

Paigah Lands पर फैसला ऐसे समय में आया है जब तेलंगाना में Section 22A prohibited properties list को लेकर व्यापक विवाद चल रहा है। Revenue Minister ने अगस्त में कहा था कि 22A सूची से जुड़े मामलों में अधिकारियों की गलतियों को सुधारा जा रहा है और वास्तविक शिकायतों का समाधान किया जा रहा है। सरकार ने इसके लिए एक समिति भी बनाई है। तेलंगाना हाईकोर्ट ने भी 22A सूची से संबंधित एक मामले में राज्य सरकार से जवाब मांगा है और कहा है कि प्रतिबंधित श्रेणी में आने वाली कृषि भूमि की जानकारी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध होनी चाहिए।


आगे क्या होगा?

अब CS-14 और CS-7 से जुड़ी Paigah Lands के मामलों को संबंधित न्यायिक आदेशों और जमीन के रिकॉर्ड के आधार पर अलग-अलग देखा जाएगा। Conditional Registration से उन संपत्तियों का पंजीकरण संभव हो सकेगा जो निर्धारित कानूनी शर्तों के तहत पात्र पाई जाएंगी। हालांकि, यह फैसला स्वामित्व विवाद का अंतिम न्यायिक समाधान नहीं माना जाएगा। जिन मामलों में अदालतों में कार्यवाही लंबित है, उनमें अंतिम अधिकार संबंधित न्यायिक फैसलों के अधीन रहेगा। तेलंगाना सरकार के इस कदम से एक ओर दशकों पुराने जमीन विवादों से प्रभावित संपत्ति मालिकों को पंजीकरण का रास्ता मिल सकता है, वहीं दूसरी ओर Section 22A के तहत जमीन रिकॉर्ड और प्रतिबंधित संपत्तियों की सूची को लेकर चल रही बहस भी और महत्वपूर्ण हो गई है।