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मुंगेर में रातभर सड़क खोदकर काट डाला BSNL का अंडरग्राउंड केबल, 6 गिरफ्तार l
बिहार के मुंगेर में BSNL के अंडरग्राउंड केबल को काटकर चोरी करने की कथित साजिश का खुलासा हुआ है। आरोप है कि अररिया का ठेकेदार बनकर आए एक व्यक्ति ने 26 मजदूरों को सड़क खोदने के काम में लगाया। मजदूरों ने अशोक स्तंभ चौक के पास रातभर खुदाई कर करीब एक किलोमीटर तक जमीन के नीचे बिछे BSNL केबल को काट दिया। पुलिस ने मौके से छह लोगों को गिरफ्तार किया, जबकि कथित ठेकेदार और दो अन्य आरोपी फरार हैं। मौके से खुदाई के उपकरण, वाहन और बड़ी संख्या में केबल बरामद किए गए हैं।

बिहार के मुंगेर में रात के अंधेरे में सड़क खोदकर BSNL के अंडरग्राउंड केबल काटने का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, कुछ लोग कथित तौर पर सरकारी काम का बहाना बनाकर सड़क की खुदाई कर रहे थे। आशंका है कि उनका उद्देश्य जमीन के नीचे बिछे BSNL के तारों को काटकर चोरी करना था। मामला कोतवाली थाना क्षेत्र के अशोक स्तंभ चौक के पास का है। गुरुवार देर रात स्थानीय लोगों ने सड़क किनारे कुछ लोगों को संदिग्ध तरीके से खुदाई करते देखा। लोग कुदाल और गैता की मदद से सड़क खोद रहे थे। रात के समय बड़ी संख्या में मजदूरों के इस तरह खुदाई करने पर आसपास के लोगों को शक हुआ और उन्होंने पुलिस को इसकी सूचना दी। सूचना मिलने के बाद कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस के पहुंचने से पहले कथित तौर पर करीब एक किलोमीटर तक सड़क खोदी जा चुकी थी और जमीन के नीचे बिछे BSNL के केबल को कई जगह से काट दिया गया था। पुलिस को देखते ही कथित संवेदक या ठेकेदार मौके से फरार हो गया।
पुलिस ने घटनास्थल से छह लोगों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में मुंगेर के लालदरवाजा निवासी सदानंद यादव और अररिया जिले के मो. कयुम, मो. नजीमुद्दीन, मो. आफताब, मो. आदिल और मो. रकीब जोमिनदर शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, मो. उमर तारण और मो. मोकिद मो. मोसिम फरार हैं। पुलिस कथित ठेकेदार की भी तलाश कर रही है।
26 मजदूरों को लगाया गया था
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कथित संवेदक ने खुद को अररिया का ठेकेदार बताया था। उसने 26 मजदूरों को सड़क खोदने के काम में लगाया। मजदूरों को कथित तौर पर यह बताया गया था कि वे किसी निर्माण या लाइन बिछाने से जुड़े काम के लिए खुदाई कर रहे हैं। पुलिस को शक है कि मजदूरों का इस्तेमाल अंडरग्राउंड टेलीफोन केबल तक पहुंचने और उसे काटने के लिए किया जा रहा था। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि मजदूरों को वास्तविक काम की जानकारी थी या उन्हें किसी दूसरे काम के नाम पर बुलाया गया था।
पहले गैस पाइपलाइन के काम से जुड़े थे आरोपी
पुलिस की शुरुआती जांच में यह भी पता चला है कि गिरफ्तार आरोपियों में कुछ लोग पहले गैस पाइपलाइन बिछाने के काम से जुड़े हुए थे। इस दौरान उन्हें शहर के अलग-अलग हिस्सों में जमीन के नीचे बिछे तारों की जगह और उनकी गहराई की जानकारी हो गई थी। जांच एजेंसी को आशंका है कि इसी जानकारी का इस्तेमाल BSNL के अंडरग्राउंड केबल को खोजने और काटने के लिए किया जा रहा था। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस कथित साजिश के पीछे कितने लोग शामिल हैं और काटे गए केबल को कहां ले जाने की योजना थी।
मौके से उपकरण और वाहन बरामद
पुलिस ने घटनास्थल से खुदाई में इस्तेमाल होने वाले करीब 20 से 25 कुदाल और गैता बरामद किए हैं। इसके अलावा एक स्कूटी, पल्सर बाइक और एक ई-रिक्शा भी जब्त किया गया है। मौके से बड़ी संख्या में काटे गए BSNL केबल भी मिले हैं। पुलिस इन वाहनों और उपकरणों की मदद से आरोपियों की भूमिका और उनके बीच संपर्क की जांच कर रही है। बरामद केबल की लंबाई, कीमत और उससे जुड़े नुकसान का भी आकलन किया जा रहा है।
स्थानीय लोगों की सतर्कता से खुलासा
इस पूरे मामले का खुलासा स्थानीय लोगों की सतर्कता से हुआ। रात के समय सड़क पर बड़ी संख्या में लोगों को कुदाल और गैता से खुदाई करते देखकर लोगों को संदेह हुआ। यदि स्थानीय लोग पुलिस को सूचना नहीं देते, तो आरोपी कथित तौर पर केबल काटकर मौके से फरार हो सकते थे। पुलिस का कहना है कि स्थानीय लोगों की सूचना के तुरंत बाद कार्रवाई की गई, जिसके कारण छह संदिग्धों को मौके से पकड़ा जा सका। हालांकि, कथित ठेकेदार समेत कुछ लोग पुलिस के पहुंचने से पहले भागने में सफल रहे।
पुलिस की आगे की कार्रवाई
मुंगेर के एसपी सैयद इमरान मसूद ने मामले की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि अशोक स्तंभ चौक के पास सड़क खोदकर जमीन के नीचे से केबल निकाला जा रहा है। सूचना के सत्यापन के लिए पुलिस टीम ने मौके पर छापेमारी की और छह लोगों को गिरफ्तार किया। पुलिस के बयान के आधार पर प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर कथित ठेकेदार और फरार आरोपियों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी जारी है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि BSNL के केबल को काटने से दूरसंचार सेवाओं पर कितना असर पड़ा और इस घटना से सरकारी संपत्ति को कितने नुकसान की आशंका है। मामले में आगे की जांच के बाद चोरी की साजिश और आरोपियों की भूमिका को लेकर और जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
