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UP में स्वाइन फ्लू को लेकर अलर्ट, CM योगी ने अस्पतालों को तैयार रहने के दिए निर्देश l

उत्तर प्रदेश में H1N1 यानी स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वास्थ्य विभाग, जिलाधिकारियों और संबंधित अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड, जरूरी दवाएं, जांच किट और उपचार की पर्याप्त व्यवस्था रखने को कहा है। राज्य में अब तक 364 स्वाइन फ्लू मामलों और एक मौत की सूचना सामने आई है। लोगों से अपील की गई है कि वे लक्षणों को नजरअंदाज न करें, समय पर जांच कराएं और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से सलाह लें।

Kashish Rai29 अग. 2026, 04:24 PM IST
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UP में स्वाइन फ्लू को लेकर अलर्ट, CM योगी ने अस्पतालों को तैयार रहने के दिए निर्देश l

उत्तर प्रदेश में स्वाइन फ्लू को लेकर राज्य सरकार ने सतर्कता बढ़ा दी है। H1N1 संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन को लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा है कि स्वाइन फ्लू की स्थिति पर नियमित नजर रखी जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए। सभी जिलों में स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन को आपसी समन्वय के साथ काम करने को कहा गया है, ताकि संदिग्ध मामलों की समय पर पहचान हो सके और मरीजों को तुरंत इलाज मिल सके।

अस्पतालों को तैयार रहने के निर्देश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के अस्पतालों में पर्याप्त चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा है। निर्देश दिए गए हैं कि जरूरत पड़ने पर मरीजों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराया जाए और अस्पतालों में संसाधनों की कमी न हो।

अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड तैयार रखने, जरूरी दवाओं का पर्याप्त स्टॉक रखने और जांच किट उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया है। स्वास्थ्य अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि मरीजों की जांच और उपचार में किसी तरह की देरी न हो।

जिलाधिकारियों और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को अपने-अपने जिलों में अस्पतालों की व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा करने को कहा गया है। अस्पतालों में बेड, दवाओं, जांच सुविधाओं और इलाज से जुड़ी तैयारियों का आकलन लगातार किया जाएगा।

जिलों में निगरानी बढ़ाने पर जोर

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्वाइन फ्लू के मामलों की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। किसी भी जिले में मामलों की संख्या बढ़ने या स्थिति में बदलाव की जानकारी तत्काल शासन स्तर तक पहुंचाने को कहा गया है। सरकार ने जिलों में निगरानी व्यवस्था मजबूत करने और संदिग्ध मरीजों की जानकारी पर तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों से कहा गया है कि वे संक्रमण से जुड़े मामलों की रिपोर्टिंग, जांच और उपचार की प्रक्रिया पर लगातार नजर रखें। स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन को संभावित स्थिति से निपटने के लिए पहले से तैयारी रखने को कहा गया है। सरकार का उद्देश्य बीमारी की समय पर पहचान करना, संक्रमण के फैलाव को रोकना और मरीजों को जल्द उपचार उपलब्ध कराना है।

राज्य में 364 मामले, एक मौत

उत्तर प्रदेश में स्वाइन फ्लू के मामलों को लेकर सरकार की चिंता उस समय बढ़ी, जब राज्य में अब तक 364 मामलों और एक मौत की सूचना सामने आई। लखनऊ में H1N1 संक्रमण से एक महिला की मौत की जानकारी के बाद स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी और अस्पतालों की तैयारियों को और तेज किया है।

स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों को बुखार, खांसी और फ्लू जैसे लक्षणों वाले मरीजों को गंभीरता से देखने की सलाह दी है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि संदिग्ध मामलों की जांच कराई जाए और जरूरत पड़ने पर मरीजों को अलग रखकर उपचार दिया जाए।

लोगों से सतर्क रहने की अपील

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोगों से स्वाइन फ्लू के संभावित लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि किसी भी तरह के लक्षण दिखाई देने पर समय पर जांच करानी चाहिए और आवश्यकता पड़ने पर चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए। सरकार ने लोगों से घबराने के बजाय सावधानी बरतने की अपील की है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से भी लोगों को सलाह दी जा रही है कि वे लक्षण होने पर खुद से दवा लेने के बजाय डॉक्टर से संपर्क करें और जांच व उपचार में देरी न करें।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, फ्लू जैसे लक्षणों को हल्के में नहीं लेना चाहिए। बुखार, खांसी, गले में खराश, शरीर में दर्द, कमजोरी या सांस लेने में परेशानी जैसी शिकायत होने पर चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।

सरकार ने जारी किए निर्देश

मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन की जिम्मेदारियां तय की गई हैं। इनमें स्वाइन फ्लू के मामलों की निगरानी, अस्पतालों की तैयारियों की समीक्षा, जांच सुविधाओं की उपलब्धता और मरीजों को समय पर उपचार शामिल है। अधिकारियों को यह भी कहा गया है कि किसी भी जिले में स्थिति गंभीर होने पर तत्काल आवश्यक कदम उठाए जाएं। अस्पतालों में दवाओं, जांच किट और आइसोलेशन की व्यवस्था की नियमित समीक्षा की जाएगी। सरकार का कहना है कि बीमारी को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सावधानी और समय पर उपचार बेहद जरूरी है। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग प्रदेश में H1N1 और मौसमी फ्लू से जुड़े मामलों की निगरानी कर रहा है।