general

बिना सूचना हरियाणा पहुंची यूपी पुलिस की टीम, दरोगा समेत 5 पुलिसकर्मी सस्पेंड

बिजनौर/गुरुग्राम, 30 अगस्त 2026: उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले की नांगल थाना पुलिस द्वारा हरियाणा के गुरुग्राम में कथित तौर पर निर्धारित प्रक्रिया और वरिष्ठ अधिकारियों को पूर्व सूचना दिए बिना दबिश देने का मामला सामने आया है। कार्रवाई के दौरान एक युवक की मौत के बाद बिजनौर पुलिस अधीक्षक ने एक दरोगा समेत पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। मामले में विभागीय जांच भी शुरू की गई है।

sd30 अग. 2026, 02:10 PM IST
खबर शेयर करें:
बिना सूचना हरियाणा पहुंची यूपी पुलिस की टीम, दरोगा समेत 5 पुलिसकर्मी सस्पेंड

मामला नांगल थाना क्षेत्र के तिसोतरा गांव निवासी पंकज कुमार से जुड़ा है। पंकज एक मामले में वांछित चल रहा था। पुलिस को सूचना मिली थी कि वह हरियाणा के गुरुग्राम में अपने परिचित डिकेंद्र पाल उर्फ डीके के किराए के कमरे में रह रहा है। इसके बाद 25 अगस्त की रात नांगल थाने की पुलिस टीम गुरुग्राम के लिए रवाना हुई। रिपोर्टों के मुताबिक टीम में दरोगा हरस्वरूप शर्मा के साथ कांस्टेबल सुजीत कुमार, रोहित कुमार, अरुण राजोराव और पवन कुमार शामिल थे।

गुरुग्राम में क्या हुआ?

पुलिस टीम 26 अगस्त को गुरुग्राम के सेक्टर-14 स्थित उस मकान तक पहुंची, जहां पंकज के ठहरने की जानकारी मिली थी। पुलिस के पहुंचने के दौरान वहां डिकेंद्र पाल भी मौजूद था। पुलिस के अनुसार, कार्रवाई के दौरान डिकेंद्र ने खुद को गोली मार ली और उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। पुलिस ने पंकज को गिरफ्तार कर नांगल थाने ले जाने की जानकारी दी है। मामले की रिपोर्टिंग में घटनाक्रम के कुछ विवरण अलग-अलग हैं, इसलिए युवक की मौत के पूरे घटनाक्रम को जांच का विषय मानना उचित होगा।

पुलिसकर्मियों पर क्यों हुई कार्रवाई?

घटना की जानकारी मिलने के बाद बिजनौर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले की जांच कराई। जांच में प्रथमदृष्टया सामने आया कि टीम ने दूसरे राज्य में दबिश देने से पहले निर्धारित रवानगी प्रक्रिया का पालन नहीं किया और वरिष्ठ अधिकारियों को आवश्यक सूचना नहीं दी। लाइव हिन्दुस्तान की रिपोर्ट के अनुसार, स्थानीय हरियाणा पुलिस को भी कार्रवाई के संबंध में पूर्व सूचना नहीं दिए जाने का आरोप है। इसी लापरवाही को गंभीर मानते हुए बिजनौर के एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने पांचों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया। उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश भी दिए गए हैं।

निलंबित पुलिसकर्मियों में कौन-कौन?

रिपोर्टों के अनुसार निलंबित किए गए पुलिसकर्मियों में:

  • दरोगा हरस्वरूप शर्मा
  • कांस्टेबल सुजीत कुमार
  • कांस्टेबल रोहित कुमार
  • कांस्टेबल पवन शर्मा/पवन कुमार
  • कांस्टेबल अरुण राजोराव

शामिल हैं।

मृत युवक डिकेंद्र पाल के बारे में

अमर उजाला के मुताबिक डिकेंद्र पाल 24 वर्षीय था और बिजनौर के नांगल थाना क्षेत्र के लालपुर सोजीमल गांव का रहने वाला था। वह गुरुग्राम में रहकर नौकरी करता था। रिपोर्ट में उसके खिलाफ पहले से आपराधिक मामले दर्ज होने का भी उल्लेख है। रिपोर्ट के अनुसार, उसका शव गुरुग्राम से बिजनौर लाया गया और 27 अगस्त को अंतिम संस्कार किया गया।

क्या पुलिसकर्मियों पर युवक की मौत का आरोप है?

यहां सावधानी जरूरी है। पांचों पुलिसकर्मियों का निलंबन युवक की मौत के लिए उन्हें सीधे जिम्मेदार ठहराए जाने के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।

उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक निलंबन का मुख्य आधार दूसरे राज्य में दबिश के दौरान निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं करना और वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना नहीं देना है। युवक की मौत से जुड़े पूरे घटनाक्रम की जांच अलग विषय है।

आगे क्या होगा?

पांचों पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच जारी रहेगी। जांच में यह देखा जाएगा कि गुरुग्राम में दबिश के दौरान पुलिस टीम ने किन प्रक्रियाओं का पालन किया, स्थानीय पुलिस और वरिष्ठ अधिकारियों को क्या जानकारी दी गई तथा युवक की मौत की परिस्थितियां क्या थीं।

फिलहाल उपलब्ध रिपोर्टों के आधार पर सबसे अहम तथ्य यही है कि बिजनौर पुलिस की एक टीम गुरुग्राम में वांछित व्यक्ति को पकड़ने गई थी और प्रक्रिया संबंधी कथित लापरवाही के बाद दरोगा समेत पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर विभागीय जांच शुरू की गई है।