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टी20 वर्ल्ड कप जिताने के बाद टीम से बाहर हुए सूर्या, बोले- ‘ऐसा कैसे हो सकता है?’

भारत को टी20 वर्ल्ड कप और एशिया कप जिताने वाले पूर्व टी20 कप्तान सूर्यकुमार यादव ने टीम से बाहर किए जाने के फैसले पर पहली बार खुलकर बात की है। सूर्यकुमार ने बताया कि जब टीम की घोषणा में उनका नाम नहीं था, तो उन्होंने मुस्कुराकर खुद को शांत रखने की कोशिश की, लेकिन बाद में करीब डेढ़ महीने तक उनके मन में यही सवाल चलता रहा कि जब सब कुछ अच्छा चल रहा था तो बदलाव क्यों किया गया। चयनकर्ताओं ने टीम की घोषणा से दो-तीन दिन पहले उन्हें फोन कर फैसले की जानकारी दी थी। इसके बाद श्रेयस अय्यर को टी20 टीम की कप्तानी सौंपी गई।

Kashish Rai30 अग. 2026, 02:11 PM IST
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टी20 वर्ल्ड कप जिताने के बाद टीम से बाहर हुए सूर्या, बोले- ‘ऐसा कैसे हो सकता है?’

भारत के लिए टी20 वर्ल्ड कप जीतने वाले कप्तान सूर्यकुमार यादव ने राष्ट्रीय टीम से बाहर किए जाने और कप्तानी छीने जाने के फैसले पर पहली बार खुलकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। सूर्यकुमार ने पूर्व भारतीय बल्लेबाज आकाश चोपड़ा के साथ बातचीत में बताया कि चयनकर्ताओं के फैसले के बाद उनके मन में क्या चल रहा था। सूर्यकुमार ने जुलाई 2024 में भारतीय टी20 टीम की कप्तानी संभाली थी। उनके नेतृत्व में भारत ने कोई टी20 सीरीज नहीं गंवाई। उनकी कप्तानी में टीम ने एशिया कप और टी20 वर्ल्ड कप भी जीता। इसके बावजूद 2026 में टी20 वर्ल्ड कप के तुरंत बाद चयनकर्ताओं ने इंग्लैंड और आयरलैंड दौरों के लिए उनसे आगे बढ़ते हुए श्रेयस अय्यर को कप्तान बना दिया और सूर्यकुमार को टीम में जगह नहीं दी।


सूर्यकुमार ने बताया कि जब टीम की घोषणा हुई और उसमें उनका नाम नहीं था, तो उनकी पहली प्रतिक्रिया मुस्कुराने की थी। उन्होंने कहा कि मुश्किल परिस्थितियों में भी वह मुस्कुराकर खुद को शांत रखने की कोशिश करते हैं। उनका कहना था कि पिछले एक-दो साल में जब भी चीजें उनके मुताबिक नहीं हुईं, उन्होंने खुद को संभालने के लिए इसी तरीके का सहारा लिया। उन्होंने कहा कि उन्हें जो भी मौके मिले, उनके लिए वह हमेशा आभारी रहे हैं। सूर्यकुमार ने चयनकर्ताओं के फैसले पर सार्वजनिक तौर पर नाराजगी जताने के बजाय उसे स्वीकार करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि अगर चयनकर्ताओं को लगा कि टीम के भविष्य के लिए कोई दूसरा फैसला बेहतर है, तो उन्होंने उसी सोच के साथ निर्णय लिया होगा। हालांकि, सूर्यकुमार ने माना कि उन्हें इस फैसले की बिल्कुल उम्मीद नहीं थी। उन्होंने सोचा था कि वह अगले दो साल तक भारतीय टी20 टीम को आगे ले जाएंगे। उनके सामने 2028 के ओलंपिक और अगले टी20 वर्ल्ड कप जैसे बड़े लक्ष्य थे। लेकिन टीम प्रबंधन और चयनकर्ताओं की योजनाएं अलग थीं।


सूर्यकुमार ने कहा कि वह अपने भविष्य की योजना टीम को अगले दो साल तक नेतृत्व देने के हिसाब से बना रहे थे। उन्हें उम्मीद थी कि वह बड़े टूर्नामेंटों और आने वाली चुनौतियों के लिए टीम को तैयार करेंगे। लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि खिलाड़ी जो सोचता है और चयनकर्ता जो सोचते हैं, दोनों हमेशा एक जैसे नहीं होते। टीम से बाहर किए जाने के बाद सूर्यकुमार को सबसे ज्यादा जिस सवाल ने परेशान किया, वह था कि जब सब कुछ अच्छा चल रहा था तो बदलाव की जरूरत क्यों पड़ी। उन्होंने कहा कि दो साल तक टीम ने एक भी सीरीज नहीं गंवाई, एशिया कप और वर्ल्ड कप जीता, इसलिए उन्हें उम्मीद थी कि यही व्यवस्था आगे भी जारी रहेगी। सूर्यकुमार ने स्वीकार किया कि वह फैसले से निराश थे। उन्होंने कहा कि उनके दिमाग में बार-बार यही सवाल आता रहा कि जब टीम लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रही थी, तब बदलाव क्यों किया गया और बदलाव की वजह क्या थी। उन्होंने बताया कि टीम से बाहर किए जाने के बाद वह करीब डेढ़ महीने तक घर पर रहे और इसी फैसले के बारे में सोचते रहे।


उन्होंने बताया कि घर पर उस समय दोस्त और परिवार के लोग उनका हौसला बढ़ाने आते थे। सभी उन्हें समझाते थे कि यह जिंदगी का हिस्सा है और आगे बढ़ना चाहिए। लेकिन जब लोग वापस चले जाते थे और वह घर पर अकेले रह जाते थे, तब उनके मन में वही सवाल फिर लौट आता था कि आखिर ऐसा कैसे हो सकता है। सूर्यकुमार ने यह भी बताया कि चयन समिति ने टीम की आधिकारिक घोषणा से करीब दो-तीन दिन पहले उनसे संपर्क किया था। उन्हें फोन पर बताया गया था कि इंग्लैंड सीरीज के लिए चुनी जाने वाली टीम में उनका नाम नहीं होगा और अब टीम को आगे बढ़ाने का समय आ गया है। सूर्यकुमार ने कहा कि उन्होंने उस समय कोई प्रतिक्रिया नहीं दी, क्योंकि फैसला उनके हाथ में नहीं था। उनका मानना था कि चयनकर्ताओं ने टीम के हित में फैसला लिया होगा और उन्हें इसका सम्मान करना चाहिए।


श्रेयस अय्यर को कप्तान बनाए जाने पर भी सूर्यकुमार ने कोई सवाल नहीं उठाया। उन्होंने कहा कि वह श्रेयस को लंबे समय से जानते हैं और उन्हें भरोसा है कि श्रेयस एक अच्छे खिलाड़ी होने के साथ-साथ अच्छे इंसान और अच्छे कप्तान भी हैं। सूर्यकुमार की कप्तानी में भारत के सफल प्रदर्शन के बावजूद उनका टीम से बाहर होना क्रिकेट जगत में चर्चा का विषय बना। उनकी बल्लेबाजी फॉर्म और आईपीएल में प्रदर्शन को चयनकर्ताओं के फैसले से जोड़कर देखा गया, लेकिन सूर्यकुमार ने इस मामले पर किसी तरह का विवाद खड़ा करने के बजाय फैसले को स्वीकार किया। उन्होंने संकेत दिया कि उनका क्रिकेट अभी खत्म नहीं हुआ है और वह आगे वापसी की कोशिश करेंगे। उनके लिए यह दौर भावनात्मक रूप से चुनौतीपूर्ण जरूर रहा, लेकिन उन्होंने खुद को संभालने और भविष्य पर ध्यान देने की बात कही।