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अखिलेश का दावा- यूपी चुनाव से पहले फिर होगा SIR, वोटर लिस्ट जरूर जांचें l

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर लोगों को सतर्क रहने की अपील की है। लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने दावा किया कि चुनाव से पहले एक बार फिर SIR कराया जा सकता है और नई वोटर लिस्ट तैयार की जा सकती है। अखिलेश ने आशंका जताई कि इस प्रक्रिया में सही मतदाताओं के नाम भी हट सकते हैं। उन्होंने लोगों से अपने नाम और अन्य जानकारियों की समय-समय पर जांच करने को कहा।

Kashish Rai30 अग. 2026, 02:12 PM IST
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अखिलेश का दावा- यूपी चुनाव से पहले फिर होगा SIR, वोटर लिस्ट जरूर जांचें l
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने लोगों को सावधान किया है। उन्होंने दावा किया कि चुनाव के समय उत्तर प्रदेश में एक बार फिर SIR कराया जा सकता है और इसके बाद नई मतदाता सूची तैयार की जा सकती है। अखिलेश यादव ने शनिवार को लखनऊ स्थित समाजवादी पार्टी के मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने कहा कि लोगों ने हाल में हुए SIR के दौरान देखा है कि किस तरह मतदाता सूची की जांच और सुधार की प्रक्रिया चली। उन्होंने दावा किया कि विधानसभा चुनाव से पहले दोबारा SIR कराकर वोटर लिस्ट में बड़े स्तर पर बदलाव किया जा सकता है। सपा प्रमुख ने लोगों से अपील की कि वे अपने नाम और मतदाता सूची में दर्ज दूसरी जानकारियों की लगातार जांच करते रहें। उन्होंने कहा कि अगर किसी मतदाता का नाम सूची से हट गया है या उसके विवरण में गलती है, तो समय रहते उसे ठीक कराने की कोशिश करनी चाहिए।

अखिलेश यादव पहले भी SIR की प्रक्रिया पर सवाल उठा चुके हैं। उनका आरोप है कि मतदाता सूची की जांच के दौरान पात्र और वास्तविक मतदाताओं के नाम भी हटाए जा सकते हैं। उन्होंने आशंका जताई कि यदि लोग समय पर अपनी जानकारी की जांच नहीं करेंगे, तो चुनाव के समय उन्हें मतदान करने में परेशानी हो सकती है। SIR यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन का उद्देश्य मतदाता सूची की गहन जांच, नामों का सत्यापन और गलत या अपात्र प्रविष्टियों को हटाना होता है। हालांकि, अखिलेश यादव का कहना है कि इस प्रक्रिया में पारदर्शिता जरूरी है, ताकि किसी भी वास्तविक मतदाता का नाम गलती से सूची से बाहर न हो। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी की सरकार पर भी कई मुद्दों को लेकर हमला बोला। उन्होंने महंगाई, पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों और आम लोगों की आय में अपेक्षित बढ़ोतरी नहीं होने का मुद्दा उठाया।

सपा प्रमुख ने कहा कि रोजमर्रा की जरूरी चीजें महंगी हो रही हैं, लेकिन लोगों की आमदनी उसी अनुपात में नहीं बढ़ी है। उन्होंने आरोप लगाया कि महंगाई का सीधा असर मध्यम वर्ग, गरीबों और छोटे कारोबारियों पर पड़ रहा है। अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था को लेकर भी बीजेपी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में आम लोगों की सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर कई सवाल बने हुए हैं। हालांकि, सरकार लगातार कानून व्यवस्था को बेहतर और अपराध पर नियंत्रण का दावा करती रही है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में लखनऊ के जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर यानी JPNIC का मुद्दा भी उठा। अखिलेश यादव ने कहा कि JPNIC समाजवादियों और लखनऊ के लोगों के लिए भावनात्मक महत्व रखता है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार सरकारी संपत्तियों को धीरे-धीरे निजी हाथों में सौंप रही है।

उत्तर प्रदेश सरकार ने JPNIC के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी एक निजी ऑपरेटर को लंबे समय की लीज पर दी है। इस व्यवस्था में 25 साल तक अतिरिक्त अवधि बढ़ाने का प्रावधान भी बताया गया है। अखिलेश यादव ने कहा कि अगर समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है, तो इस समझौते और पूरी प्रक्रिया की जांच कराई जाएगी। JPNIC को लेकर बीजेपी और समाजवादी पार्टी के बीच पहले से ही आरोप-प्रत्यारोप चल रहे हैं। बीजेपी का आरोप है कि समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान परियोजना की लागत बढ़ी और सरकारी संपत्ति के संचालन के लिए परिवार से जुड़े लोगों को जिम्मेदारी देने की कोशिश की गई। वहीं सपा का कहना है कि बीजेपी सरकार JPNIC को निजी हाथों में देकर सरकारी संपत्ति का नुकसान कर रही है।

अखिलेश यादव ने रक्षाबंधन के दौरान महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा की व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि राज्य के कई हिस्सों से बसों की व्यवस्था ठीक नहीं होने की शिकायतें और तस्वीरें सामने आई हैं। उनका आरोप है कि सरकार ने घोषणा तो कर दी, लेकिन जमीनी स्तर पर महिलाओं को पर्याप्त सुविधा नहीं मिल सकी। उन्होंने कहा कि महिलाओं को त्योहार के दौरान सुरक्षित और सुगम यात्रा की सुविधा मिलनी चाहिए थी, लेकिन कई स्थानों पर बसों की कमी और अव्यवस्था की शिकायतें सामने आईं। अखिलेश ने सरकार से योजनाओं की घोषणा के साथ-साथ उनके प्रभावी क्रियान्वयन पर भी ध्यान देने की मांग की। संविधान के मुद्दे पर भी अखिलेश यादव ने अपनी बात रखी। उन्होंने डॉ. भीमराव आंबेडकर का जिक्र करते हुए कहा कि संविधान ने देश के नागरिकों को सम्मान, अधिकार और समानता का अवसर दिया है। उन्होंने कहा कि संविधान की रक्षा करना केवल राजनीतिक दलों की नहीं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है।

अखिलेश यादव ने समाजवादी पार्टी के PDA नारे का नया अर्थ भी बताया। उन्होंने कहा कि PDA का मतलब पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक तो है ही, लेकिन इसमें Protest, Demonstration और Activists यानी प्रदर्शन करने वाले और आंदोलन से जुड़े लोगों को भी शामिल किया जा सकता है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और आंदोलन से जुड़े लोगों से धैर्य और अनुशासन के साथ आगे बढ़ने की अपील की। अखिलेश ने कहा कि यदि लोग सकारात्मक तरीके से अपनी आवाज उठाते रहें और संगठित होकर काम करें, तो 2027 में PDA की सरकार बनने से कोई नहीं रोक सकता। सपा प्रमुख ने आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर कार्यकर्ताओं को लगातार सक्रिय रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि पार्टी को बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करना होगा और लोगों के बीच जाकर उनके मुद्दों को उठाना होगा।

SIR को लेकर अखिलेश यादव की अपील ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में चुनावी बहस को और तेज कर दिया है। एक ओर सपा मतदाता सूची में पारदर्शिता और वास्तविक मतदाताओं के नाम सुरक्षित रखने की मांग कर रही है, वहीं दूसरी ओर चुनाव प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों का उद्देश्य मतदाता सूची को सही और अपडेट रखना है। फिलहाल उत्तर प्रदेश में संभावित अगले SIR को लेकर अखिलेश यादव का दावा राजनीतिक बहस का विषय बन गया है। ऐसे में मतदाताओं के लिए जरूरी है कि वे आधिकारिक चुनावी माध्यमों से अपने नाम और विवरण की स्थिति की जांच करते रहें।