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ग्रेटर नोएडा में 6 साल की बच्ची की हत्या, आरोपी मुठभेड़ में ढेर l
ग्रेटर नोएडा के हल्दौनी गांव में 6 साल की बच्ची की हत्या का मामला सामने आया है। बच्ची 28 अगस्त की रात घर से लापता हुई थी। पुलिस ने तलाश के दौरान CCTV फुटेज और स्थानीय लोगों की मदद से बच्ची का शव बरामद किया। फुटेज में एक संदिग्ध व्यक्ति बोरी ले जाते हुए दिखाई दिया, जिसके आधार पर आरोपी की पहचान की गई। पुलिस के मुताबिक, हथियार बरामदगी के दौरान आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके बाद हुई जवाबी कार्रवाई में वह घायल हो गया और अस्पताल में उसकी मौत हो गई। बच्ची के साथ दुष्कर्म की आशंका समेत सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
Kashish Rai30 अग. 2026, 02:12 PM IST

ग्रेटर नोएडा के ईकोटेक-3 थाना क्षेत्र के हल्दौनी गांव में 6 साल की बच्ची की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। बच्ची 28 अगस्त की रात अपने घर से लापता हो गई थी। परिजनों ने काफी तलाश के बाद पुलिस को सूचना दी, जिसके आधार पर ईकोटेक-3 थाने में मामला दर्ज किया गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने बच्ची की तलाश के लिए पांच टीमों का गठन किया। पुलिस टीमों ने हल्दौनी गांव और उसके आसपास के इलाकों में सघन तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली गई और स्थानीय लोगों से भी जानकारी जुटाई गई।
जांच के दौरान पुलिस को एक CCTV फुटेज मिली, जिसमें एक संदिग्ध व्यक्ति बोरी ले जाता हुआ दिखाई दिया। पुलिस के अनुसार, इसी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर संदिग्ध की पहचान बलराज के रूप में हुई। वह ग्रेटर नोएडा के तिलपता गांव का रहने वाला बताया जा रहा है और हल्दौनी में रह रहा था। पुलिस ने तलाश के दौरान बच्ची का शव पास के इलाके से बरामद किया। आशंका है कि आरोपी ने बच्ची को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाने के बाद उसकी हत्या की और शव को बोरी में भरकर ठिकाने लगाने की कोशिश की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचायतनामा की कार्रवाई पूरी की और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पुलिस के मुताबिक, बच्ची की हत्या के आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही थी। बाद में उसे कथित तौर पर हत्या में इस्तेमाल हथियार बरामद कराने के लिए ले जाया गया। इसी दौरान आरोपी ने पुलिस टीम पर गोली चलाने की कोशिश की। पुलिस का कहना है कि जवाबी कार्रवाई में आरोपी को गोली लगी। घायल आरोपी को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस मुठभेड़ के दौरान एक पुलिसकर्मी के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है। पुलिस मुठभेड़ से जुड़े घटनाक्रम की भी जांच कर रही है।
सेंट्रल नोएडा के DCP शैलेंद्र कुमार सिंह के अनुसार, 28 अगस्त की रात बच्ची के लापता होने की सूचना मिलने के तुरंत बाद मुकदमा दर्ज किया गया था। बच्ची की बरामदगी के लिए पांच पुलिस टीमों को लगाया गया था। CCTV फुटेज और स्थानीय लोगों की मदद से पुलिस को मामले में महत्वपूर्ण सुराग मिले। पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान बच्ची को संदिग्ध के साथ जाते हुए और बाद में संदिग्ध को बोरी लेकर लौटते हुए देखा गया। इन्हीं फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस आरोपी तक पहुंची। घटना के बाद पुलिस ने आसपास के इलाकों में तलाशी अभियान चलाकर बच्ची का शव बरामद किया। बच्ची के परिवार ने उसके साथ दुष्कर्म के बाद हत्या किए जाने की आशंका जताई है। पुलिस ने भी दुष्कर्म समेत सभी संभावित पहलुओं को जांच में शामिल किया है। हालांकि, इस संबंध में अंतिम निष्कर्ष पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के बाद ही सामने आएगा।
बच्ची का पोस्टमार्टम चिकित्सकों के पैनल से कराया जा रहा है। पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से बच्ची की मौत की वास्तविक वजह, शरीर पर चोट के निशान और किसी अन्य अपराध से जुड़े साक्ष्यों की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है। घटनास्थल पर फोरेंसिक साइंस लैब यानी FSL की टीम के साथ पुलिस अधिकारियों ने भी निरीक्षण किया। टीम ने मौके से जरूरी साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस CCTV फुटेज, मेडिकल रिपोर्ट, फोरेंसिक साक्ष्य और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
इस वारदात के बाद हल्दौनी गांव और आसपास के इलाकों में दहशत और गुस्से का माहौल है। स्थानीय लोग बच्ची की हत्या से बेहद आक्रोशित हैं और आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
फिलहाल आरोपी की मुठभेड़ में मौत के बाद भी मामले की जांच खत्म नहीं हुई है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बच्ची को घर से ले जाने के बाद उसके साथ क्या हुआ, हत्या की वजह क्या थी और क्या इस घटना में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, FSL जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बच्ची के परिवार को न्याय दिलाने के लिए मामले की सभी संभावित कोणों से जांच की जा रही है।
जांच के दौरान पुलिस को एक CCTV फुटेज मिली, जिसमें एक संदिग्ध व्यक्ति बोरी ले जाता हुआ दिखाई दिया। पुलिस के अनुसार, इसी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर संदिग्ध की पहचान बलराज के रूप में हुई। वह ग्रेटर नोएडा के तिलपता गांव का रहने वाला बताया जा रहा है और हल्दौनी में रह रहा था। पुलिस ने तलाश के दौरान बच्ची का शव पास के इलाके से बरामद किया। आशंका है कि आरोपी ने बच्ची को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाने के बाद उसकी हत्या की और शव को बोरी में भरकर ठिकाने लगाने की कोशिश की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचायतनामा की कार्रवाई पूरी की और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पुलिस के मुताबिक, बच्ची की हत्या के आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही थी। बाद में उसे कथित तौर पर हत्या में इस्तेमाल हथियार बरामद कराने के लिए ले जाया गया। इसी दौरान आरोपी ने पुलिस टीम पर गोली चलाने की कोशिश की। पुलिस का कहना है कि जवाबी कार्रवाई में आरोपी को गोली लगी। घायल आरोपी को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस मुठभेड़ के दौरान एक पुलिसकर्मी के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है। पुलिस मुठभेड़ से जुड़े घटनाक्रम की भी जांच कर रही है।
सेंट्रल नोएडा के DCP शैलेंद्र कुमार सिंह के अनुसार, 28 अगस्त की रात बच्ची के लापता होने की सूचना मिलने के तुरंत बाद मुकदमा दर्ज किया गया था। बच्ची की बरामदगी के लिए पांच पुलिस टीमों को लगाया गया था। CCTV फुटेज और स्थानीय लोगों की मदद से पुलिस को मामले में महत्वपूर्ण सुराग मिले। पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान बच्ची को संदिग्ध के साथ जाते हुए और बाद में संदिग्ध को बोरी लेकर लौटते हुए देखा गया। इन्हीं फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस आरोपी तक पहुंची। घटना के बाद पुलिस ने आसपास के इलाकों में तलाशी अभियान चलाकर बच्ची का शव बरामद किया। बच्ची के परिवार ने उसके साथ दुष्कर्म के बाद हत्या किए जाने की आशंका जताई है। पुलिस ने भी दुष्कर्म समेत सभी संभावित पहलुओं को जांच में शामिल किया है। हालांकि, इस संबंध में अंतिम निष्कर्ष पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के बाद ही सामने आएगा।
बच्ची का पोस्टमार्टम चिकित्सकों के पैनल से कराया जा रहा है। पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से बच्ची की मौत की वास्तविक वजह, शरीर पर चोट के निशान और किसी अन्य अपराध से जुड़े साक्ष्यों की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है। घटनास्थल पर फोरेंसिक साइंस लैब यानी FSL की टीम के साथ पुलिस अधिकारियों ने भी निरीक्षण किया। टीम ने मौके से जरूरी साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस CCTV फुटेज, मेडिकल रिपोर्ट, फोरेंसिक साक्ष्य और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
इस वारदात के बाद हल्दौनी गांव और आसपास के इलाकों में दहशत और गुस्से का माहौल है। स्थानीय लोग बच्ची की हत्या से बेहद आक्रोशित हैं और आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
फिलहाल आरोपी की मुठभेड़ में मौत के बाद भी मामले की जांच खत्म नहीं हुई है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बच्ची को घर से ले जाने के बाद उसके साथ क्या हुआ, हत्या की वजह क्या थी और क्या इस घटना में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, FSL जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बच्ची के परिवार को न्याय दिलाने के लिए मामले की सभी संभावित कोणों से जांच की जा रही है।
