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सरकार का Exam Reform Plan, Students और Parents की राय होगी शामिल

देश की Public Examination System में सुधार की तैयारी तेज हो गई है। Nandan Nilekani की अध्यक्षता वाली High-Powered Task Force ने Students, Parents, Teachers और अन्य Stakeholders से सुझाव मांगे हैं। Task Force का फोकस Exam Security, Paper Leak Prevention, Transparent Assessment, Technology, Grievance Redressal और Student Well-being को मजबूत करने पर है। सुझावों के आधार पर परीक्षा व्यवस्था को अधिक Secure, Fair और Transparent बनाने के लिए Recommendations तैयार की जाएंगी।

Neha Sharma30 अग. 2026, 02:12 PM IST
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सरकार का Exam Reform Plan, Students और Parents की राय होगी शामिल

नई दिल्ली: देश की public examination system में व्यापक सुधार की दिशा में केंद्र सरकार ने एक अहम कदम उठाया है। Nandan Nilekani की अध्यक्षता वाली High-Powered Task Force (HPTF) on Reforms in Public Examinations ने छात्रों, अभिभावकों, शिक्षकों और अन्य stakeholders से सुझाव मांगे हैं। सुझाव देने की अंतिम तारीख 13 सितंबर 2026 रखी गई है। सरकार का उद्देश्य ऐसी examination system तैयार करना है जो secure, transparent, equitable और future-ready हो। इसमें National Testing Agency (NTA) की ओर से आयोजित परीक्षाएं भी शामिल हैं।


Nandan Nilekani की अध्यक्षता में Task Force

केंद्र ने 27 जुलाई 2026 को छह सदस्यीय High-Powered Task Force का गठन किया था। इसकी अध्यक्षता Infosys के सह-संस्थापक Nandan Nilekani कर रहे हैं। Task Force को देश की public examinations से जुड़े conduct, security, design और governance की व्यापक समीक्षा करने और सुधारों की सिफारिश करने की जिम्मेदारी दी गई है। इसका दायरा केवल किसी एक परीक्षा तक सीमित नहीं है। इसमें NTA द्वारा आयोजित परीक्षाओं सहित पूरे public examination ecosystem को बेहतर बनाने के उपायों पर विचार किया जा रहा है।


Paper Leak और Exam Security पर खास ध्यान

Public examinations की विश्वसनीयता बनाए रखना Task Force के प्रमुख मुद्दों में है। सरकार ने परीक्षा सुरक्षा से जुड़े मौजूदा gaps और लगातार बदलते technology-enabled तथा cybersecurity threats को ध्यान में रखते हुए व्यापक सुधारों की जरूरत बताई है। Task Force यह देखेगी कि परीक्षा प्रक्रिया में malpractice की prevention, detection और redressal को कैसे मजबूत किया जा सकता है। साथ ही examination security और institutional processes को बेहतर बनाने के उपाय भी सुझाए जाएंगे।


Technology का बढ़ेगा इस्तेमाल

नई examination system में technology की भूमिका भी महत्वपूर्ण रहने वाली है। Task Force ने secure Computer-Based Testing (CBT) और दूसरी उपयुक्त technologies के इस्तेमाल से जुड़े सुझाव मांगे हैं। इसका उद्देश्य technology का इस्तेमाल केवल परीक्षा आयोजित करने तक सीमित रखना नहीं, बल्कि पूरी प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित और भरोसेमंद बनाना है।


Exam Design और Assessment में बदलाव

Task Force examination design और assessment methodology पर भी सुझाव ले रही है। इसका मतलब है कि केवल परीक्षा आयोजित करने की प्रक्रिया ही नहीं, बल्कि छात्रों के मूल्यांकन के तरीके को भी व्यापक रूप से देखा जाएगा। इसमें ऐसे assessment models पर विचार किया जा सकता है जो परीक्षा की fairness, reliability और academic integrity को बेहतर बनाएं। अंतिम सिफारिशें Task Force की समीक्षा और stakeholder inputs के आधार पर सामने आएंगी।


Students की परेशानियों को भी किया जाएगा शामिल

इस consultation का एक महत्वपूर्ण हिस्सा student well-being है। सरकार ने परीक्षा प्रक्रिया के दौरान छात्रों के well-being को सुरक्षित रखने के उपायों पर भी सुझाव मांगे हैं। इसके अलावा grievance redressal और stakeholder communication को मजबूत करने पर भी ध्यान दिया जा रहा है, ताकि परीक्षा से जुड़ी समस्याओं और शिकायतों के समाधान के लिए बेहतर व्यवस्था विकसित की जा सके।


सभी वर्गों के लिए Inclusive Examination System

सरकार ऐसी examination framework पर भी विचार कर रही है जो अलग-अलग social, economic, regional और linguistic backgrounds के छात्रों के लिए अधिक accessible हो। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि परीक्षा व्यवस्था में किसी छात्र को उसकी सामाजिक, आर्थिक, क्षेत्रीय या भाषाई पृष्ठभूमि के कारण अनावश्यक कठिनाई का सामना न करना पड़े।


Students, Parents और Teachers से सीधे सुझाव

सरकार ने इस सुधार प्रक्रिया में आम stakeholders को भी शामिल किया है। Students, parents, teachers, academic institutions, examination bodies, technology experts और अन्य stakeholders अपने सुझाव दे सकते हैं। सुझाव English, Hindi और regional languages में भी दिए जा सकते हैं। सुझाव भेजने की प्रक्रिया 13 सितंबर 2026 तक खुली रहेगी। प्राप्त inputs का इस्तेमाल Task Force अपनी recommendations तैयार करने में करेगी।


NTA की भूमिका भी समीक्षा के दायरे में

Task Force को NTA की governance व्यवस्था को मजबूत करने से जुड़े मुद्दों पर भी विचार करना है। इसमें organisational structure, human-resource management और statutory framework जैसे विषय शामिल हैं। यह पहल ऐसे समय हो रही है जब national-level competitive examinations की प्रक्रिया और उनकी सुरक्षा को लेकर छात्रों तथा अन्य stakeholders के बीच भरोसे का सवाल महत्वपूर्ण बना हुआ है।


पहले भी आ चुकी हैं Exam Reform की सिफारिशें

Public examination reforms को लेकर यह पहला बड़ा प्रयास नहीं है। K. Radhakrishnan की अध्यक्षता वाली High-Level Committee of Experts ने अक्टूबर 2024 में examination reforms पर 101 recommendations दी थीं और stakeholder consultation में 37,144 suggestions प्राप्त हुए थे। नई Nilekani-led Task Force का दायरा व्यापक बताया गया है, क्योंकि यह केवल NTA तक सीमित न रहकर पूरे public examination ecosystem की समीक्षा कर रही है।


आगे क्या होगा?

अब छात्रों, अभिभावकों, शिक्षकों और अन्य stakeholders से मिलने वाले सुझावों का अध्ययन किया जाएगा। इसके बाद Task Force परीक्षा की security, technology, assessment, infrastructure, inclusion, governance और student welfare से जुड़े सुधारों पर अपनी recommendations तैयार करेगी। सरकार का अंतिम लक्ष्य एक ऐसी परीक्षा व्यवस्था तैयार करना है जिस पर छात्रों और अभिभावकों का भरोसा मजबूत हो और जिसमें transparency, security, fairness और accountability को प्राथमिकता मिले।


Nandan Nilekani की अध्यक्षता वाली High-Powered Task Force की यह पहल भारत की public examination system में बड़े बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। खास बात यह है कि सरकार ने सुधार प्रक्रिया में students, parents और teachers की आवाज को सीधे शामिल करने का फैसला किया है। अब देखना होगा कि consultation से मिलने वाले सुझावों के आधार पर Task Force क्या recommendations देती है और उनमें से कितने बदलाव आने वाली परीक्षाओं में लागू किए जाते हैं।