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बेगूसराय में बाढ़ के पानी में बहने लगीं दो महिलाएं, लोगों ने बचाई जान l
बिहार के बेगूसराय के चेचियाही ढाब में बाढ़ के पानी में नहाते समय दो महिलाएं तेज बहाव की चपेट में आकर गंगा की ओर बहने लगीं। उनके साथ मौजूद महिला मोबाइल से वीडियो बना रही थी। शुरुआत में लोगों को लगा कि दोनों महिलाएं तैर रही हैं, लेकिन चीख-पुकार सुनाई देने के बाद स्थानीय युवक और नाविक उन्हें बचाने के लिए पानी में उतर गए। काफी मशक्कत के बाद दोनों महिलाओं को सुरक्षित बाहर निकालकर इलाज के लिए भेजा गया।
Kashish Rai30 अग. 2026, 02:12 PM IST

बिहार के बेगूसराय में बाढ़ के पानी में नहाने और उसका वीडियो बनाने का शौक दो महिलाओं के लिए जानलेवा साबित होते-होते बच गया। बलिया प्रखंड के चेचियाही ढाब में सड़क पर कमर तक भरे बाढ़ के पानी में नहाते समय दोनों महिलाएं अचानक तेज बहाव की चपेट में आ गईं। घटना शनिवार, 29 अगस्त की बताई जा रही है। नगरगामा की रहने वाली दोनों महिलाएं अपने मायके आई हुई थीं। वे लखमिनियां-मसूदनपुर पथ से गुजर रही थीं। इस रास्ते पर गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण बाढ़ का पानी जमा है।
दोनों महिलाएं सड़क पर भरे पानी में नहाने लगीं। उनके साथ मौजूद एक अन्य महिला मोबाइल से उनका वीडियो बना रही थी। इसी दौरान अचानक पानी का बहाव तेज हो गया और दोनों महिलाएं अपना संतुलन खो बैठीं।
तेज धारा दोनों को सड़क से दूर गंगा की दिशा में बहाकर ले जाने लगी। शुरुआत में आसपास मौजूद लोगों को लगा कि महिलाएं पानी में तैर रही हैं। लेकिन जब वे काफी दूर निकल गईं और मदद के लिए चीखने लगीं, तब लोगों को स्थिति की गंभीरता का एहसास हुआ। महिलाओं की आवाज सुनते ही स्थानीय युवक उन्हें बचाने के लिए पानी में उतर गए। युवक गौरव और उसके साथियों ने तेज बहाव के बीच तैरकर महिलाओं तक पहुंचने की कोशिश की। उन्हें पकड़ने के लिए युवकों को काफी दूर तक जाना पड़ा।
इसी बीच वहां मौजूद एक नाव भी महिलाओं की ओर मोड़ी गई। स्थानीय तैराकों और नाविकों की मदद से दोनों महिलाओं को सुरक्षित नाव तक पहुंचाया गया। इसके बाद उन्हें पानी से बाहर निकालकर इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। इलाज के बाद दोनों की हालत सामान्य बताई जा रही है।
बचाव अभियान में शामिल युवक गौरव ने बताया कि दोनों महिलाएं अचानक पानी के तेज बहाव में बहने लगी थीं। जब उन्हें मदद के लिए चिल्लाते हुए देखा गया, तो वह अपने साथियों के साथ पानी में उतर गए। उन्होंने कहा कि महिलाओं को बचाने के लिए काफी दूर तक तैरकर जाना पड़ा। घटना के दौरान वीडियो बना रही महिला का मोबाइल भी पानी में डूब गया। हालांकि, इस घटना से जुड़े कुछ फोटो और वीडियो सामने आए हैं, जिनमें महिलाएं बाढ़ के पानी में नहाती और बाद में तेज बहाव में बहती दिखाई दे रही हैं।
चेचियाही ढाब इलाके में गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण सड़कें जलमग्न हैं। लखमिनियां-मसूदनपुर पथ पर कई दिनों से बाढ़ का पानी बह रहा है, जिससे लोगों का आवागमन प्रभावित है। इसके बावजूद कई लोग बाढ़ का पानी देखने, उसमें नहाने और सेल्फी या वीडियो बनाने के लिए वहां पहुंच रहे हैं।
प्रशासन ने लोगों की सुरक्षा के लिए सड़क के दोनों ओर बैरिकेडिंग कराई है। इसका उद्देश्य लोगों को सुरक्षित रास्ते से निकालना और उन्हें तेज बहाव वाले हिस्से में जाने से रोकना है। इसके बावजूद दोनों महिलाएं बैरिकेडिंग के बीच से पानी में उतर गईं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बाढ़ के पानी की गहराई और बहाव ऊपर से देखने में कम लग सकता है, लेकिन कुछ ही दूरी पर स्थिति बेहद खतरनाक हो जाती है। पानी के नीचे गड्ढे, दलदल और तेज धारा होने के कारण व्यक्ति अपना संतुलन खो सकता है। स्थानीय निवासी त्रिभुवन सिंह ने बताया कि चेचियाही ढाब क्षेत्र में हर साल बाढ़ के दौरान पानी भरता है। यहां पहले भी हादसे हो चुके हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे बाढ़ के पानी में उतरने या उसके किनारे खड़े होकर वीडियो बनाने से बचें।
बेगूसराय में गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण बलिया प्रखंड के कई दियारा इलाकों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है। प्रशासन ने संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ाई है और लोगों से सावधानी बरतने को कहा है। इस घटना ने एक बार फिर बाढ़ के दौरान लापरवाही के खतरों को सामने ला दिया है। सड़क पर जमा पानी सामान्य दिखाई दे सकता है, लेकिन उसके नीचे तेज बहाव और गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल होता है। समय रहते स्थानीय लोगों ने महिलाओं की चीख सुन ली और पानी में उतरकर उनकी जान बचा ली।
फिलहाल दोनों महिलाएं सुरक्षित हैं। प्रशासन और स्थानीय लोगों ने लोगों से अपील की है कि वे बाढ़ प्रभावित सड़कों पर पानी में न उतरें, सेल्फी या वीडियो बनाने के लिए खतरा न उठाएं और बैरिकेडिंग या सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।
दोनों महिलाएं सड़क पर भरे पानी में नहाने लगीं। उनके साथ मौजूद एक अन्य महिला मोबाइल से उनका वीडियो बना रही थी। इसी दौरान अचानक पानी का बहाव तेज हो गया और दोनों महिलाएं अपना संतुलन खो बैठीं।
तेज धारा दोनों को सड़क से दूर गंगा की दिशा में बहाकर ले जाने लगी। शुरुआत में आसपास मौजूद लोगों को लगा कि महिलाएं पानी में तैर रही हैं। लेकिन जब वे काफी दूर निकल गईं और मदद के लिए चीखने लगीं, तब लोगों को स्थिति की गंभीरता का एहसास हुआ। महिलाओं की आवाज सुनते ही स्थानीय युवक उन्हें बचाने के लिए पानी में उतर गए। युवक गौरव और उसके साथियों ने तेज बहाव के बीच तैरकर महिलाओं तक पहुंचने की कोशिश की। उन्हें पकड़ने के लिए युवकों को काफी दूर तक जाना पड़ा।
इसी बीच वहां मौजूद एक नाव भी महिलाओं की ओर मोड़ी गई। स्थानीय तैराकों और नाविकों की मदद से दोनों महिलाओं को सुरक्षित नाव तक पहुंचाया गया। इसके बाद उन्हें पानी से बाहर निकालकर इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। इलाज के बाद दोनों की हालत सामान्य बताई जा रही है।
बचाव अभियान में शामिल युवक गौरव ने बताया कि दोनों महिलाएं अचानक पानी के तेज बहाव में बहने लगी थीं। जब उन्हें मदद के लिए चिल्लाते हुए देखा गया, तो वह अपने साथियों के साथ पानी में उतर गए। उन्होंने कहा कि महिलाओं को बचाने के लिए काफी दूर तक तैरकर जाना पड़ा। घटना के दौरान वीडियो बना रही महिला का मोबाइल भी पानी में डूब गया। हालांकि, इस घटना से जुड़े कुछ फोटो और वीडियो सामने आए हैं, जिनमें महिलाएं बाढ़ के पानी में नहाती और बाद में तेज बहाव में बहती दिखाई दे रही हैं।
चेचियाही ढाब इलाके में गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण सड़कें जलमग्न हैं। लखमिनियां-मसूदनपुर पथ पर कई दिनों से बाढ़ का पानी बह रहा है, जिससे लोगों का आवागमन प्रभावित है। इसके बावजूद कई लोग बाढ़ का पानी देखने, उसमें नहाने और सेल्फी या वीडियो बनाने के लिए वहां पहुंच रहे हैं।
प्रशासन ने लोगों की सुरक्षा के लिए सड़क के दोनों ओर बैरिकेडिंग कराई है। इसका उद्देश्य लोगों को सुरक्षित रास्ते से निकालना और उन्हें तेज बहाव वाले हिस्से में जाने से रोकना है। इसके बावजूद दोनों महिलाएं बैरिकेडिंग के बीच से पानी में उतर गईं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बाढ़ के पानी की गहराई और बहाव ऊपर से देखने में कम लग सकता है, लेकिन कुछ ही दूरी पर स्थिति बेहद खतरनाक हो जाती है। पानी के नीचे गड्ढे, दलदल और तेज धारा होने के कारण व्यक्ति अपना संतुलन खो सकता है। स्थानीय निवासी त्रिभुवन सिंह ने बताया कि चेचियाही ढाब क्षेत्र में हर साल बाढ़ के दौरान पानी भरता है। यहां पहले भी हादसे हो चुके हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे बाढ़ के पानी में उतरने या उसके किनारे खड़े होकर वीडियो बनाने से बचें।
बेगूसराय में गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण बलिया प्रखंड के कई दियारा इलाकों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है। प्रशासन ने संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ाई है और लोगों से सावधानी बरतने को कहा है। इस घटना ने एक बार फिर बाढ़ के दौरान लापरवाही के खतरों को सामने ला दिया है। सड़क पर जमा पानी सामान्य दिखाई दे सकता है, लेकिन उसके नीचे तेज बहाव और गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल होता है। समय रहते स्थानीय लोगों ने महिलाओं की चीख सुन ली और पानी में उतरकर उनकी जान बचा ली।
फिलहाल दोनों महिलाएं सुरक्षित हैं। प्रशासन और स्थानीय लोगों ने लोगों से अपील की है कि वे बाढ़ प्रभावित सड़कों पर पानी में न उतरें, सेल्फी या वीडियो बनाने के लिए खतरा न उठाएं और बैरिकेडिंग या सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।
