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भोपाल में पति की प्रेमिका ने पुराने प्रेमी संग मिलकर कराई पत्नी की हत्या l

भोपाल के रातीबड़ थाना क्षेत्र में 23 अगस्त को लापता हुई राखी रैकवार का शव 27 अगस्त को गोरेगांव के एक खंडहर मकान से बरामद हुआ। पुलिस के मुताबिक, राखी के पति मोनू रैकवार की प्रेमिका शशि रैकवार ने अपने पुराने प्रेमी नरेंद्र रैकवार के साथ मिलकर उसकी हत्या की साजिश रची। आरोप है कि शशि ने राखी का मुंह दबाया और नरेंद्र ने उसका गला घोंट दिया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

Kashish Rai30 अग. 2026, 02:12 PM IST
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भोपाल में पति की प्रेमिका ने पुराने प्रेमी संग मिलकर कराई पत्नी की हत्या l
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक महिला की गुमशुदगी की शिकायत से शुरू हुई जांच हत्या और प्रेम संबंधों की उलझी हुई कहानी तक पहुंच गई। रातीबड़ थाना क्षेत्र के गोरेगांव में 23 अगस्त को राखी रैकवार के लापता होने की सूचना पुलिस को दी गई थी। चार दिन तक तलाश के बाद 27 अगस्त को उसका शव एक खंडहर मकान से बरामद हुआ। राखी के पति मोनू रैकवार ने 23 अगस्त को पुलिस को बताया था कि उसकी पत्नी घर से गायब है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर उसकी तलाश शुरू की। पुलिस ने परिवार के लोगों से पूछताछ की और आसपास के इलाकों में महिला को खोजने की कोशिश की, लेकिन शुरुआती दिनों में उसका कोई सुराग नहीं मिला।

27 अगस्त को गोरेगांव इलाके के एक खंडहर मकान में महिला का शव मिलने की सूचना पुलिस को मिली। मौके पर पहुंची टीम ने शव को कब्जे में लेकर पहचान की प्रक्रिया शुरू की। बाद में शव की पहचान राखी रैकवार के रूप में हुई। इसके बाद पुलिस ने हत्या की आशंका को देखते हुए जांच का दायरा बढ़ाया। पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली गई और इलाके में आने-जाने वाले लोगों की जानकारी जुटाई गई। इसके साथ ही पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों की मदद से उन लोगों की गतिविधियों की जांच की, जो राखी और उसके परिवार से जुड़े थे।

जांच के दौरान पुलिस का शक राखी के पति की प्रेमिका शशि रैकवार पर गया। पुलिस के मुताबिक, शशि को यह पसंद नहीं था कि राखी अपने पति मोनू के साथ रह रही थी। आरोप है कि इसी नाराजगी के चलते शशि ने राखी को रास्ते से हटाने की साजिश रची।
पुलिस का दावा है कि शशि ने इस साजिश में अपने पुराने प्रेमी नरेंद्र रैकवार को शामिल किया। 23 अगस्त की सुबह मोनू के काम पर जाने के बाद शशि ने नरेंद्र को कथित तौर पर घर बुलाया। पुलिस के मुताबिक, दोनों ने मिलकर राखी पर हमला किया। जांच में सामने आए पुलिस के दावे के अनुसार, शशि ने राखी का मुंह दबाया, जबकि नरेंद्र ने उसका गला दबा दिया। इसके बाद दुपट्टे से उसके गले पर गांठ कस दी गई। कुछ ही देर में राखी की मौत हो गई। हत्या के बाद आरोपियों के सामने शव को छिपाने की चुनौती थी। पुलिस के मुताबिक, दोनों ने शव को चादर से ढका और घर के पास स्थित एक खंडहर मकान में ले जाकर छिपा दिया। आरोप है कि शव को ऐसी जगह रखा गया, जहां लोगों की आवाजाही कम थी और किसी को तुरंत शक न हो।

पुलिस का कहना है कि वारदात के बाद नरेंद्र वहां से फरार होकर इटारसी चला गया। दूसरी ओर, राखी के लापता होने के बाद परिवार के लोग उसे तलाशते रहे और उसके पति ने पुलिस में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। शव मिलने के बाद रातीबड़ पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के इलाके से साक्ष्य जुटाए। CCTV फुटेज और तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस ने राखी के परिचितों से पूछताछ की। पूछताछ के दौरान पुलिस का शक शशि पर और गहरा गया। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में शशि ने कथित तौर पर नरेंद्र के साथ मिलकर राखी की हत्या करने की बात स्वीकार की। हालांकि, पुलिस की ओर से सामने आए इन दावों की पुष्टि अदालत में पेश किए जाने वाले साक्ष्यों और जांच के आधार पर होगी। पुलिस ने शशि रैकवार को उसके घर से पकड़ा। इसके बाद नरेंद्र की तलाश शुरू की गई। पुलिस को जानकारी मिली कि वह इटारसी पहुंच चुका है। एक टीम ने इटारसी जाकर नरेंद्र को गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपियों को भोपाल जिला अदालत में पेश किया गया है।

एसीपी अंकिता खातरकर ने बताया कि 27 अगस्त को गोरेगांव में एक महिला का शव मिला था। महिला के पति ने 23 अगस्त को उसकी गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी। शव मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और पूछताछ के आधार पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक, हत्या के पीछे प्रेम संबंध, पुराने रिश्ते और कथित जलन की भूमिका सामने आई है। जांच एजेंसी अब यह पता लगा रही है कि हत्या की योजना कब बनाई गई थी, नरेंद्र को घटनास्थल पर किस तरह बुलाया गया और वारदात के बाद शव को खंडहर तक कैसे ले जाया गया। पुलिस हत्या में इस्तेमाल किए गए सामान, आरोपियों के मोबाइल फोन, CCTV फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच कर रही है। इन साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के बयानों की पुष्टि की जाएगी।

इस मामले ने भोपाल में प्रेम संबंधों और आपसी विवाद से जुड़ी हिंसा को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं। पुलिस का कहना है कि हत्या का वास्तविक मकसद और वारदात में दोनों आरोपियों की भूमिका जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी। फिलहाल शशि रैकवार और नरेंद्र रैकवार पुलिस की गिरफ्त में हैं। दोनों से पूछताछ जारी है और उन्हें अदालत के सामने पेश कर आगे की कानूनी प्रक्रिया अपनाई जा रही है। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक साक्ष्यों और तकनीकी जांच के आधार पर मामले को मजबूत करने में जुटी है।