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टिहरी में यात्रियों से भरी बस पलटी, दो स्कूटी सवारों की मौत l

उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल में भद्रकाली मोड़ के पास एक राजस्थान नंबर की यात्री बस अनियंत्रित होकर पलट गई। बस की चपेट में आने से स्कूटी सवार दो लोगों की मौत हो गई, जबकि बस में सवार 11 यात्री घायल हुए हैं। हादसे के समय बस में करीब 60 यात्री सवार थे और वह दिल्ली जा रही थी। SDRF, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव अभियान चलाया।

Kashish Rai30 अग. 2026, 02:12 PM IST
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टिहरी में यात्रियों से भरी बस पलटी, दो स्कूटी सवारों की मौत l
उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल जिले में शुक्रवार देर शाम एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। भद्रकाली से ढालवाला की ओर जा रही यात्रियों से भरी बस भद्रकाली मोड़ के पास ढलान पर अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में सड़क किनारे मौजूद दो स्कूटी सवार बस की चपेट में आ गए और दोनों की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि राजस्थान नंबर की यह बस जानकीसेतु पार्किंग से निकलकर दिल्ली की ओर जा रही थी। हादसे के वक्त बस में करीब 60 यात्री सवार थे। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, ढलान पर बस का संतुलन बिगड़ गया और वह सड़क पर पलट गई।

बस के पलटते ही सड़क किनारे मौजूद दो स्कूटी सवार उसकी चपेट में आ गए। दोनों को गंभीर हालत में बस के नीचे से बाहर निकाला गया, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। SDRF के ढालवाला इंचार्ज कविंद्र सजवाण ने दोनों स्कूटी सवारों की मौत की पुष्टि की है। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, मृतक ऋषिकेश के रहने वाले दो चचेरे भाई बताए जा रहे हैं। हादसे की सूचना मिलते ही SDRF, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। राहत और बचाव दल ने बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकाला। दुर्घटना के बाद घायलों को एंबुलेंस के जरिए ऋषिकेश के एसपीएस अस्पताल भेजा गया। बस में सवार 11 यात्रियों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कुछ यात्रियों को हल्की चोटें आई हैं, जबकि अन्य यात्री सुरक्षित बताए जा रहे हैं। एक घायल महिला की हालत गंभीर होने पर उसे एम्स ऋषिकेश रेफर किए जाने की भी जानकारी सामने आई है।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बस ढलान वाले हिस्से में अचानक अनियंत्रित हुई। कुछ रिपोर्टों में बस के ब्रेक फेल होने की बात कही गई है, जबकि अन्य जानकारी के अनुसार बस सड़क किनारे मौजूद स्कूटी सवारों को बचाने के प्रयास में नियंत्रण से बाहर हुई। हादसे की वास्तविक वजह पुलिस की जांच के बाद स्पष्ट होगी। दुर्घटना के बाद सड़क पर कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर बस को हटाने और सड़क को सुरक्षित कराने की कार्रवाई शुरू की। हादसे से जुड़े प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और बस की तकनीकी स्थिति की भी जांच की जा सकती है। स्थानीय प्रशासन ने घायलों के इलाज और यात्रियों की सहायता के लिए अस्पताल प्रशासन को आवश्यक निर्देश दिए हैं। पुलिस हादसे के कारणों, बस की गति, चालक की स्थिति और सड़क की स्थिति समेत सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

13 ग्लेशियल झीलों पर भी अलर्ट
नेपाल में फ्लैश फ्लड से हुई तबाही के बाद उत्तराखंड में संवेदनशील ग्लेशियल झीलों को लेकर भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। राज्य में 13 ग्लेशियल झीलों को संभावित खतरे के लिहाज से संवेदनशील माना गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को इन झीलों की नियमित और वैज्ञानिक निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा है कि संवेदनशील झीलों के जलस्तर, आकार में बदलाव, आसपास के भूभाग और संभावित खतरे वाले क्षेत्रों का नियमित आकलन किया जाए। इसके साथ ही ऐसे इलाकों में अर्ली वार्निंग सिस्टम, आधुनिक सेंसर और जलस्तर मापने वाले उपकरण लगाने पर जोर दिया गया है।

राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, संवेदनशील चिन्हित की गई 13 ग्लेशियल झीलों में से चार का सर्वे पूरा किया जा चुका है। बाकी झीलों का भी चरणबद्ध तरीके से सर्वे और वैज्ञानिक अध्ययन कराया जाएगा। सरकार ने अधिकारियों को संभावित आपदा की स्थिति में लोगों को समय पर सूचना देने, सुरक्षित निकासी मार्ग तैयार रखने और राहत-बचाव व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। पहाड़ी इलाकों में संचार व्यवस्था और स्थानीय चेतावनी प्रणाली को भी बेहतर बनाने पर जोर दिया गया है। ग्लेशियल झीलों से अचानक पानी निकलने की स्थिति में निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा पैदा हो सकता है। इसी आशंका को देखते हुए राज्य सरकार ने संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने और आपदा प्रबंधन की तैयारियों को मजबूत करने का फैसला किया है।