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FSSAI का बड़ा एक्शन, एवरेस्ट और लालजी गोधू की कम्पाउंडेड हींग की बिक्री पर रोक l

भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण यानी FSSAI ने एवरेस्ट और लालजी गोधू ब्रांड की कम्पाउंडेड हींग की बिक्री पर तत्काल रोक लगा दी है। जांच में दोनों कंपनियों की हींग में तय मानकों के मुकाबले अल्कोहल-सॉल्युबल एक्सट्रैक्ट की मात्रा काफी कम पाई गई। नियमों के मुताबिक यह मात्रा कम से कम 5 प्रतिशत होनी चाहिए, जबकि सैंपल में यह 0 से 3 प्रतिशत तक मिली। लालजी गोधू की असली हींग में स्टार्च की मात्रा भी तय सीमा से कई गुना अधिक पाई गई। एवरेस्ट के एग करी मसाला, चिकन मसाला और गरम मसाला में भी गैर-अनुपालन मिला, लेकिन इन तीनों उत्पादों की बिक्री पर रोक नहीं लगाई गई है

Kashish Rai30 अग. 2026, 05:57 PM IST
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FSSAI का बड़ा एक्शन, एवरेस्ट और लालजी गोधू की कम्पाउंडेड हींग की बिक्री पर रोक l

खाद्य सुरक्षा को लेकर भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण यानी FSSAI ने दो बड़े मसाला ब्रांड्स के खिलाफ कार्रवाई की है। प्राधिकरण ने एवरेस्ट और लालजी गोधू की कम्पाउंडेड हींग की बिक्री पर तत्काल रोक लगाने का आदेश जारी किया है।

FSSAI की जांच में दोनों कंपनियों की हींग के सैंपल निर्धारित खाद्य गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे। प्राधिकरण ने यह कार्रवाई उपभोक्ता की शिकायत के बाद शुरू की गई जांच और बाजार से लिए गए सैंपल की लैब रिपोर्ट के आधार पर की है।

शिकायत के बाद शुरू हुई जांच

मामले की शुरुआत एक उपभोक्ता की शिकायत के बाद हुई। शिकायत के आधार पर बाजार में उपलब्ध अलग-अलग ब्रांड की हींग के सैंपल लिए गए और उन्हें जांच के लिए भेजा गया। शुरुआती जांच में एवरेस्ट और लालजी गोधू की कम्पाउंडेड हींग के सैंपल मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए। इसके बाद मुंबई स्थित दोनों कंपनियों की सेंट्रल लाइसेंस वाली यूनिट्स से दोबारा सैंपल लिए गए। एवरेस्ट की गुजरात के उम्बरगांव स्थित एक अन्य यूनिट से भी गुजरात के खाद्य विभाग के साथ मिलकर सैंपल जुटाए गए। विभिन्न यूनिट्स और स्थानों से लिए गए सैंपल की जांच के बाद FSSAI ने कई गंभीर खामियां दर्ज कीं।


हींग में कम मिला जरूरी तत्व

खाद्य सुरक्षा नियमों के अनुसार, कम्पाउंडेड हींग बनाने के लिए असली हींग को गोंद, स्टार्च और आटे जैसे पदार्थों के साथ मिलाया जाता है। लेकिन इस मिश्रण में असली हींग की गुणवत्ता जांचने के लिए अल्कोहल-सॉल्युबल एक्सट्रैक्ट की मात्रा कम से कम 5 प्रतिशत होनी चाहिए। FSSAI की जांच में संबंधित सैंपल में यह मात्रा 0 से 3 प्रतिशत तक पाई गई। एक सैंपल में यह मात्रा शून्य प्रतिशत बताई गई है, जबकि कुछ अन्य सैंपल में यह 3 प्रतिशत के आसपास रही। नियामक के अनुसार, यह निर्धारित मानक से काफी कम है और इससे संकेत मिलता है कि उत्पादों में जरूरत से करीब 30 से 40 प्रतिशत कम कच्ची हींग का इस्तेमाल हुआ।


लालजी गोधू की असली हींग में ज्यादा स्टार्च

लालजी गोधू की यूनिट से ली गई असली हींग की छह किस्मों की भी जांच की गई। नियमों के मुताबिक, असली हींग में स्टार्च की मात्रा 1 प्रतिशत से अधिक नहीं होनी चाहिए। जांच में इन छह किस्मों में स्टार्च की मात्रा 15 से 32 प्रतिशत तक पाई गई। FSSAI ने इसे तय सीमा से काफी अधिक माना है। इस रिपोर्ट के बाद लालजी गोधू की कम्पाउंडेड हींग के खिलाफ बिक्री रोकने की कार्रवाई की गई।

एवरेस्ट के तीन मसालों में भी खामी

FSSAI की जांच में एवरेस्ट के एग करी मसाला, चिकन मसाला और गरम मसाला में भी कुछ मानकों का पालन नहीं होने की बात सामने आई है। हालांकि, प्राधिकरण ने इन तीनों उत्पादों की बिक्री पर रोक नहीं लगाई है। FSSAI की कार्रवाई फिलहाल एवरेस्ट और लालजी गोधू की कम्पाउंडेड हींग तक सीमित है। संबंधित हींग उत्पादों की बिक्री पर रोक तब तक जारी रहेगी, जब तक कंपनियां खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुपालन को लेकर जरूरी सुधार नहीं करतीं और नियामक को संतोषजनक जवाब नहीं देतीं।

कंपनियों से मांगा गया सुधार प्लान

FSSAI ने दोनों कंपनियों को यह बताने का निर्देश दिया है कि वे सामने आई खामियों को कैसे दूर करेंगी। कंपनियों से आगे तय गुणवत्ता मानकों के अनुसार उत्पादन सुनिश्चित करने के लिए कार्ययोजना देने को कहा गया है। प्राधिकरण ने बाजार में मौजूद घटिया गुणवत्ता वाली संबंधित हींग को वापस मंगाने की भी सलाह दी है। इसके साथ ही कंपनियों को उत्पादन प्रक्रिया, कच्चे माल की गुणवत्ता और उत्पादों की लैब टेस्टिंग पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं।

उपभोक्ताओं की सुरक्षा पर जोर

FSSAI ने कहा है कि खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता से किसी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता। खासकर रोजमर्रा के इस्तेमाल वाले मसालों में मिलावट या निर्धारित मानकों से कम गुणवत्ता मिलने पर उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन नहीं करने वाले उत्पादों और कंपनियों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई की जाएगी। एवरेस्ट और लालजी गोधू की कम्पाउंडेड हींग पर लगाया गया बिक्री प्रतिबंध उपभोक्ताओं की सुरक्षा के लिए एहतियाती कदम के तौर पर लिया गया है।