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पैकेज्ड फूड पर Red Warning Label की तैयारी, FSSAI का बड़ा प्रस्ताव

पैकेज्ड फूड को लेकर FSSAI ने बड़ा प्रस्ताव रखा है। ज्यादा Sugar, Salt और Saturated Fat वाले Products के Front-of-Pack पर Red Hexagonal Warning Label लगाने की तैयारी है। इसका उद्देश्य Consumers को खरीदारी के समय ही Product में मौजूद ज्यादा Sugar, Salt या Fat की जानकारी स्पष्ट रूप से देना है। प्रस्ताव को चरणबद्ध तरीके से लागू करने की बात कही गई है। फिलहाल यह प्रस्ताव है, अंतिम नियम लागू नहीं हुआ है।

Neha Sharma30 अग. 2026, 05:57 PM IST
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पैकेज्ड फूड पर Red Warning Label की तैयारी, FSSAI का बड़ा प्रस्ताव

नई दिल्ली: पैकेज्ड फूड में ज्यादा नमक, चीनी और Saturated Fat की मात्रा को लेकर सरकार ने एक अहम कदम उठाया है। Food Safety and Standards Authority of India (FSSAI) ने सुप्रीम कोर्ट में एक प्रस्ताव रखा है, जिसके तहत ऐसे पैकेज्ड खाद्य पदार्थों के पैकेट के सामने लाल रंग के Hexagonal Warning Label लगाए जा सकते हैं। इसका उद्देश्य ग्राहकों को उत्पाद की पोषण संबंधी जानकारी आसानी से समझने में मदद करना है।

पैकेट के सामने दिखेगा Red Warning

FSSAI के प्रस्ताव के अनुसार, पैकेज्ड फूड के Front-of-Pack पर लाल Hexagon में “HIGH FAT”, “HIGH SUGAR” और “HIGH SALT” जैसी चेतावनियां दिखाई जा सकती हैं। मीठे पेय पदार्थों के लिए “HIGHLY SWEETENED BEVERAGE” का अलग Warning Label प्रस्तावित है। इसका मकसद यह है कि ग्राहक को खरीदारी के समय पैकेट पलटकर Nutrition Information खोजने की जरूरत न पड़े और वह सामने देखकर समझ सके कि किसी उत्पाद में संबंधित पोषक तत्व की मात्रा ज्यादा है।


पहले किन Products पर लागू होगा नियम?

FSSAI ने इस व्यवस्था को दो चरणों में लागू करने का प्रस्ताव दिया है। पहले चरण में उन Products पर Warning Label लगाने का प्रस्ताव है, जिनमें निर्धारित सीमा से अधिक मात्रा में दो या उससे ज्यादा Nutrients—Added Saturated Fat, Added Sugar या Salt—मौजूद हों। दूसरे चरण में यह दायरा बढ़ाकर ऐसे Products को भी शामिल करने का प्रस्ताव है, जिनमें इन तीन में से किसी एक Nutrient की मात्रा निर्धारित सीमा से ज्यादा हो।


किन चीजों को Exemption मिल सकता है?

प्रस्ताव में Single-Ingredient Food Products को इस Warning Label व्यवस्था से बाहर रखने की बात कही गई है। इसके अलावा कुछ ऐसे उत्पाद जो स्वाभाविक रूप से Fat, Sugar या Salt से भरपूर होते हैं—जैसे घी, खाद्य तेल, नमक, चीनी, गुड़ और शहद—को भी प्रस्तावित Warning Label से छूट देने की बात है, हालांकि उन पर लागू अन्य Food Labelling नियम जारी रहेंगे।


सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद आया प्रस्ताव

यह प्रस्ताव ऐसे समय आया है जब Supreme Court ने पैकेज्ड फूड पर Front-of-Pack Warning Labels को लेकर FSSAI से जवाब मांगा था। कोर्ट में चल रही याचिका में ज्यादा Sugar, Salt और Fat वाले खाद्य पदार्थों पर स्पष्ट चेतावनी लगाने की मांग की गई थी। FSSAI ने अब कोर्ट में दाखिल Compliance Affidavit में अपने प्रस्तावित Labeling Framework की जानकारी दी है। रिपोर्टों के अनुसार, FSSAI का कहना है कि Warning को ऐसा बनाया जाए जो उपभोक्ताओं के लिए simple, prominent और easily understandable हो।


इसका आम लोगों पर क्या असर होगा?

अगर प्रस्तावित व्यवस्था लागू होती है तो Packaged Food खरीदने वाले Consumers को उत्पाद के Nutrition Profile को जल्दी समझने में मदद मिल सकती है। खासकर ऐसे Products में जहां Sugar, Salt या Saturated Fat की मात्रा ज्यादा है, Warning Label खरीदारी के समय एक स्पष्ट संकेत देगा। हालांकि, अभी यह अंतिम लागू नियम नहीं है। FSSAI ने सुप्रीम कोर्ट के सामने प्रस्ताव रखा है और इसके बाद संबंधित Food Safety Regulations में संशोधन की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।


Food Industry पर भी पड़ेगा असर

नए Warning Labels लागू होने की स्थिति में Food Companies को अपने Packaging और कई Products की Formulation की समीक्षा करनी पड़ सकती है। खास तौर पर वे कंपनियां प्रभावित हो सकती हैं जिनके Products प्रस्तावित Nutritional Thresholds को पार करते हैं। FSSAI ने चरणबद्ध Implementation का तर्क देते हुए कहा है कि इससे Consumers को नई व्यवस्था समझने और Industry को Products में आवश्यक बदलाव करने के लिए समय मिल सकेगा।


क्यों महत्वपूर्ण है यह फैसला?

पैकेज्ड और Ultra-Processed Food की बढ़ती खपत के बीच Nutrition Information को आसान भाषा और स्पष्ट संकेतों के साथ सामने लाने की मांग लगातार बढ़ रही है। सरकार और Food Regulator के सामने चुनौती यह है कि Consumer Information, Public Health और Food Industry के Regulatory Concerns के बीच संतुलन बनाया जाए। प्रस्तावित Red Hexagonal Label इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हालांकि इसकी वास्तविक प्रभावशीलता इस बात पर निर्भर करेगी कि अंतिम नियम क्या होते हैं और उन्हें कितनी प्रभावी तरीके से लागू किया जाता है।


FSSAI ने पैकेज्ड फूड पर Red Front-of-Pack Warning Labels लगाने का प्रस्ताव सुप्रीम कोर्ट के सामने रखा है। पहले चरण में दो या अधिक निर्धारित Nutrients की अधिक मात्रा वाले Products को शामिल करने और बाद में किसी एक Nutrient की अधिक मात्रा वाले Products तक दायरा बढ़ाने की योजना है। फिलहाल यह प्रस्ताव है, लागू हो चुका नियम नहीं। अंतिम नियम और उसकी Implementation Timeline सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि बाजार में Products के पैकेट पर ये Red Warning Labels कब से दिखाई देंगे।