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खाद्य सुरक्षा को लेकर तमिलनाडु अलर्ट, 1 सितंबर से विशेष अभियान

तमिलनाडु में 1 सितंबर से 30 नवंबर तक तीन महीने का विशेष Food Safety Drive चलाया जाएगा। इस दौरान होटल, रेस्टोरेंट, कैंटीन, कैटरिंग यूनिट, ठेले और अन्य Food Businesses की जांच होगी। अधिकारियों द्वारा FSSAI Licence, Kitchen Hygiene, Food Storage, Pest Control, पानी की गुणवत्ता, फ्रीजर का तापमान और कर्मचारियों की स्वच्छता की जांच की जाएगी। जरूरत पड़ने पर Food Samples भी जांच के लिए लिए जाएंगे। अभियान का उद्देश्य खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित करना और लोगों को सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराना है।

Neha Sharma30 अग. 2026, 05:58 PM IST
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खाद्य सुरक्षा को लेकर तमिलनाडु अलर्ट, 1 सितंबर से विशेष अभियान

चेन्नई: तमिलनाडु में खाद्य सुरक्षा विभाग 1 सितंबर से 30 नवंबर 2026 तक तीन महीने का विशेष निरीक्षण अभियान चलाएगा। इस अभियान का उद्देश्य खाद्य कारोबार में स्वच्छता, लाइसेंस और खाद्य सुरक्षा मानकों के पालन की जांच करना है। राज्य खाद्य सुरक्षा आयुक्त आर. लालवेना के निर्देश पर जिला स्तर पर यह अभियान चलाया जाएगा।


किन जगहों पर होगी जांच?

इस विशेष अभियान के दायरे में लगभग सभी तरह के खाद्य कारोबार शामिल होंगे। इनमें रेस्टोरेंट, होटल, भोजन बेचने वाले प्रतिष्ठान, क्लब, कैंटीन, कैटरिंग यूनिट, ठेले-खोमचे, छोटे स्नैक विक्रेता और चाय की दुकानें शामिल हैं। इस बार खास बात यह है कि सामान्य तौर पर केंद्रीय FSSAI लाइसेंस वाले बड़े प्रतिष्ठानों की जांच राज्य खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा नियमित रूप से नहीं की जाती। लेकिन विशेष अनुमति के तहत इस अभियान में ऐसे प्रतिष्ठानों को भी निरीक्षण के दायरे में शामिल किया गया है।


सबसे पहले जांचा जाएगा FSSAI लाइसेंस

अधिकारियों को निरीक्षण के दौरान सबसे पहले यह देखना होगा कि खाद्य कारोबार के पास वैध FSSAI लाइसेंस या पंजीकरण है या नहीं। अगर कोई प्रतिष्ठान बिना जरूरी लाइसेंस के कारोबार करता पाया जाता है, तो उसके खिलाफ नियमों के अनुसार जुर्माना लगाया जा सकता है। साथ ही अधिकारियों को ऐसे कारोबारियों को लाइसेंस या पंजीकरण की प्रक्रिया के बारे में मार्गदर्शन देने के लिए भी कहा गया है।


रसोई और गोदाम की सफाई पर विशेष ध्यान

अभियान के दौरान केवल लाइसेंस की जांच नहीं होगी। अधिकारियों को रसोई और खाद्य भंडारण वाले गोदामों की साफ-सफाई भी देखनी होगी।

  • रसोई साफ और स्वच्छ है या नहीं
  • खाद्य सामग्री सही तरीके से रखी गई है या नहीं
  • कीट नियंत्रण की व्यवस्था है या नहीं
  • इस्तेमाल होने वाले पानी की जांच की जाती है या नहीं
  • फ्रीजर उचित तापमान पर चल रहे हैं या नहीं
  • दीवारों पर ग्रीस और तेल की गंदगी तो नहीं है
  • रसोई में जंग-रोधी चाकू और काटने वाले उपकरण इस्तेमाल हो रहे हैं या नहीं।

Food Handlers की भी होगी जांच

खाना तैयार करने और परोसने वाले कर्मचारियों पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। अधिकारियों को यह जांचना होगा कि Food Handlers ने FoSTaC Training और Medical Fitness Test कराया है या नहीं। इसके अलावा कर्मचारियों द्वारा दस्ताने और सिर ढकने वाली टोपी पहनने तथा हाथों की सफाई जैसे जरूरी स्वच्छता नियमों का पालन किया जा रहा है या नहीं, इसकी भी जांच होगी।


इस्तेमाल किए गए Cooking Oil का भी हिसाब

रेस्टोरेंट और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों में इस्तेमाल किए गए Cooking Oil को किस तरह नष्ट या जमा किया जाता है, इसकी भी जांच होगी। अधिकारियों को यह देखना होगा कि इस्तेमाल किया गया तेल अधिकृत RUCO Aggregators को उचित तरीके से सौंपा जा रहा है या नहीं। इसका उद्देश्य इस्तेमाल किए गए तेल के गलत तरीके से दोबारा इस्तेमाल को रोकना है।


जरूरत पड़ने पर Food Samples लिए जाएंगे

अगर निरीक्षण के दौरान किसी खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता को लेकर संदेह होता है तो अधिकारियों को उसके Food Samples लेने के निर्देश दिए गए हैं। इन Samples को जरूरत के अनुसार जांच के लिए भेजा जाएगा। निरीक्षण की रिपोर्ट FoSCoRIS/FoSCoS Portal पर अपलोड करनी होगी। अधिकारियों को हर शुक्रवार साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट भी जमा करनी होगी।


अभियान से पहले प्रतिष्ठानों को Self-Audit

खाद्य कारोबारियों को अभियान शुरू होने से पहले Self-Audit करने के लिए कहा गया है। इसके अलावा विभाग जिला स्तर पर Food Business Associations के साथ बैठकें कर अभियान और जरूरी Food Safety Standards के बारे में जानकारी देगा।


क्यों महत्वपूर्ण है यह अभियान?

तमिलनाडु में यह विशेष अभियान ऐसे समय शुरू हो रहा है जब देश के कई राज्यों में खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता को लेकर निरीक्षण बढ़ाए जा रहे हैं। राज्य विभाग का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि खाद्य कारोबारियों को नियमों के पालन के लिए जागरूक करना और उपभोक्ताओं को सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराना भी है। राष्ट्रीय स्तर पर भी FSSAI खाद्य कारोबारों के लाइसेंस और पंजीकरण को मजबूत करने तथा खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुपालन पर जोर दे रहा है। जुलाई 2026 में केंद्र सरकार ने बताया था कि देश में 74.33 लाख से अधिक सक्रिय Food Business Licences और Registrations मौजूद हैं और 2025-26 में 2.23 लाख से अधिक Food Samples की जांच की गई थी।


कारोबारियों के लिए क्या बदलेगा?

1 सितंबर से शुरू होने वाले अभियान में कारोबारियों को अपने FSSAI Licence/Registration, Kitchen Hygiene, Storage, Pest Control, Water Testing और Staff Hygiene पर विशेष ध्यान देना होगा। विभाग का निरीक्षण जिला स्तर पर होगा और नियमों का उल्लंघन मिलने पर संबंधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।


तमिलनाडु में 1 सितंबर से 30 नवंबर तक तीन महीने का विशेष Food Safety Drive चलाया जाएगा। इसमें छोटे चाय-नाश्ते की दुकानों से लेकर बड़े होटल, रेस्टोरेंट, कैंटीन और केंद्रीय FSSAI लाइसेंस वाले प्रतिष्ठान भी जांच के दायरे में आएंगे। अभियान में लाइसेंस, साफ-सफाई, पानी, कीट नियंत्रण, फ्रीजर का तापमान, कर्मचारियों की स्वच्छता, इस्तेमाल किए गए तेल और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। जरूरत पड़ने पर खाद्य नमूने लेकर उनकी जांच भी कराई जाएगी।