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ऊंची इमारतों में आग से बचाव के लिए दिल्ली सरकार का बड़ा कदम
दिल्ली सरकार ने ऊंची इमारतों में अग्नि सुरक्षा मजबूत करने के लिए 18 बिंदुओं वाला नया ढांचा अधिसूचित किया है। इसमें दमकल वाहनों की पहुंच, सुरक्षित निकास, फायर लिफ्ट, स्प्रिंकलर सिस्टम, हाइड्रेंट, आपातकालीन बिजली, फायर कंट्रोल रूम और सुरक्षित शरण क्षेत्र जैसी व्यवस्थाओं पर जोर दिया गया है। नए प्रावधानों का उद्देश्य आग लगने की स्थिति में तुरंत बचाव और सुरक्षित निकासी सुनिश्चित करना है।

नई दिल्ली: दिल्ली सरकार ने ऊंची इमारतों में आग से बचाव और आपात स्थिति में लोगों की सुरक्षा मजबूत करने के लिए 18 बिंदुओं वाला नया अग्नि सुरक्षा ढांचा अधिसूचित किया है। नए दिल्ली अग्निशमन सेवा (संशोधन) नियम, 2026 में इमारत की ऊंचाई और उसके उपयोग के आधार पर न्यूनतम अग्नि सुरक्षा मानक तय किए गए हैं। ये नियम गृह विभाग की ओर से 28 अगस्त 2026 को अधिसूचित किए गए।
क्या बदलेगा?
नए ढांचे में हाईराइज इमारतों के लिए आग लगने की स्थिति में बचाव और निकासी को ध्यान में रखते हुए कई अनिवार्य व्यवस्थाएं शामिल की गई हैं। इनमें दमकल की गाड़ियों के लिए पर्याप्त पहुंच, सुरक्षित निकास मार्ग, फायर लिफ्ट, स्प्रिंकलर सिस्टम, आपातकालीन बिजली और फायर कंट्रोल रूम जैसी सुविधाएं शामिल हैं। दमकल की गाड़ियों की आवाजाही के लिए 6 मीटर तक की पर्याप्त पहुंच का प्रावधान भी प्रमुख सुरक्षा मानकों में शामिल है।
18 सुरक्षा मानकों में क्या-क्या शामिल?
- दमकल वाहनों के लिए पर्याप्त पहुंच
- सुरक्षित और संरक्षित निकास मार्ग
- आग और धुएं को रोकने वाली बाधाएं
- अग्निशामक यंत्र और होज रील
- स्वचालित आग पहचान और अलार्म प्रणाली
- सार्वजनिक उद्घोषणा और आवाज आधारित निकासी प्रणाली
- स्प्रिंकलर और अग्निशमन प्रणाली
- आंतरिक और बाहरी हाइड्रेंट
- फायर पंप और पर्याप्त अग्निशमन जल भंडारण
- निकास संकेत और फ्लोर मार्किंग
- फायर टावर और फायर लिफ्ट
- जरूरी अग्नि सुरक्षा उपकरणों के लिए आपातकालीन बिजली
- फायर चेक फ्लोर और सुरक्षित शरण क्षेत्र
- स्वचालित निगरानी व्यवस्था वाला फायर कंट्रोल रूम
- इलेक्ट्रॉनिक फायर अलार्म
- विशेष जोखिम वाली जगहों के लिए विशेष अग्नि सुरक्षा प्रणाली।
फायर लिफ्ट और सुरक्षित निकास पर जोर
ऊंची इमारतों में आग लगने के दौरान सामान्य लिफ्ट का इस्तेमाल सुरक्षित नहीं माना जाता। ऐसे में नए नियमों में फायर लिफ्ट और संरक्षित निकास मार्ग जैसी व्यवस्थाओं को महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। इसके अलावा आग और धुएं को एक हिस्से से दूसरे हिस्से में फैलने से रोकने के लिए Fire and Smoke Barriers का भी प्रावधान किया गया है।
फायर कंट्रोल रूम की व्यवस्था
नए नियमों में हाईराइज इमारतों में Fire Control Room की व्यवस्था पर भी जोर दिया गया है। इसमें इमारत की अग्नि सुरक्षा प्रणालियों की लगातार निगरानी के लिए स्वचालित मॉनिटरिंग सिस्टम, डिटेक्टर पैनल, अलार्म सिस्टम, बैटरी बैकअप और भवन के फ्लोर प्लान जैसी व्यवस्थाएं शामिल हो सकती हैं।
इमारतों के ऑडिट की जिम्मेदारी भी स्पष्ट
नए नियमों में Structural और Non-Structural Safety Audit की जिम्मेदारियां भी स्पष्ट की गई हैं। इमारत की संरचनात्मक सुरक्षा से जुड़े ऑडिट की जिम्मेदारी MCD, NDMC और DDA जैसी उन एजेंसियों के पास होगी जो भवन योजनाओं को मंजूरी देती हैं। वहीं Non-Structural Fire Safety से जुड़े निरीक्षण की जिम्मेदारी दिल्ली अग्निशमन सेवा की होगी। इस बदलाव का उद्देश्य अलग-अलग सरकारी एजेंसियों के बीच जिम्मेदारी को स्पष्ट करना और सुरक्षा जांच को ज्यादा व्यवस्थित बनाना है।
नियम तुरंत लागू नहीं होंगे
एक महत्वपूर्ण बात यह है कि अधिसूचना जारी होने के बावजूद ये नए नियम तुरंत प्रभावी नहीं होंगे। दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) द्वारा संशोधित Unified Building Bye-Laws (UBBL)-2016 को अधिसूचित किए जाने के बाद ये नियम लागू होंगे। वहीं, नियम लागू होने के समय लंबित आवेदनों को उस समय लागू नियमों के आधार पर ही आगे बढ़ाया जाएगा, जब संबंधित आवेदन जमा किया गया था।
हाल की आग की घटनाओं के बाद बढ़ी चिंता
दिल्ली में हाल के महीनों में हुई कई बड़ी आग की घटनाओं के बाद अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक मालवीय नगर, पालम और विवेक विहार की घटनाओं में कुल मिलाकर करीब 41 लोगों की मौत हुई थी। नए नियमों को इन घटनाओं के बाद सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है। दिल्ली के गृह मंत्री आशीष सूद ने कहा है कि नए नियमों का उद्देश्य राजधानी में अग्नि सुरक्षा मानकों को आधुनिक बनाना और सुरक्षा अनुपालन में पारदर्शिता बढ़ाना है।
फायर सेफ्टी ऑडिट में आएगी एकरूपता
नए ढांचे में Standardised Auditor Inspection Checklist का भी प्रावधान है। इससे अलग-अलग इमारतों में अग्नि सुरक्षा मानकों की जांच एक समान तरीके से करने में मदद मिलने की उम्मीद है। दिल्ली सरकार का नया 18-बिंदु अग्नि सुरक्षा ढांचा हाईराइज और अन्य इमारतों में आग से बचाव की व्यवस्थाओं को मजबूत करने पर केंद्रित है। दमकल वाहनों की पहुंच, सुरक्षित निकास, फायर लिफ्ट, स्प्रिंकलर, आपातकालीन बिजली, फायर कंट्रोल रूम, फायर चेक फ्लोर और सुरक्षित शरण क्षेत्र इसके प्रमुख प्रावधान हैं।
