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UP की पूर्व DM दिव्या मित्तल ने IAS से दिया इस्तीफा, सियासी अटकलें तेज l
उत्तर प्रदेश कैडर की 2013 बैच की IAS अधिकारी और देवरिया की पूर्व जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने स्वैच्छिक इस्तीफा देने की घोषणा की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर 13 साल की प्रशासनिक सेवा को विराम देने की जानकारी दी, लेकिन इस्तीफे का स्पष्ट कारण नहीं बताया। सरकार को औपचारिक इस्तीफा मिलने के बाद ही नियमानुसार फैसला किया जाएगा। उनके इस्तीफे के बाद राजनीतिक बयानबाजी और भविष्य में राजनीति में आने की अटकलें तेज हो गई हैं।
Kashish Rai31 अग. 2026, 04:57 PM IST

उत्तर प्रदेश कैडर की 2013 बैच की IAS अधिकारी दिव्या मित्तल ने भारतीय प्रशासनिक सेवा से स्वैच्छिक इस्तीफा देने का ऐलान किया है। देवरिया की पूर्व जिलाधिकारी रह चुकीं मित्तल ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट साझा कर बताया कि उन्होंने 13 वर्षों की प्रशासनिक यात्रा को अपनी इच्छा से विराम दिया है। हालांकि, उन्होंने अपने फैसले के पीछे कोई स्पष्ट वजह नहीं बताई है। दिव्या मित्तल के इस्तीफे पर सरकार की ओर से अभी औपचारिक प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है। एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, सरकार को उनका इस्तीफा अभी तक प्राप्त नहीं हुआ है। इस्तीफे का पत्र औपचारिक रूप से मिलने के बाद नियमों के तहत उस पर कार्रवाई की जाएगी। यानी सोशल मीडिया पर घोषणा के बाद भी उनका इस्तीफा स्वीकार होना सरकारी प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।
अपनी पोस्ट में दिव्या मित्तल ने साधारण पृष्ठभूमि से निकलकर IIT दिल्ली और IIM बेंगलुरु तक पहुंचने, लंदन में काम करने और फिर देश लौटकर IAS अधिकारी बनने के सफर का उल्लेख किया। उन्होंने लिखा कि विदेश में नौकरी करने के बावजूद देश के लिए कुछ करने की इच्छा उन्हें भारत वापस लाई। उन्होंने प्रशासनिक सेवा में काम को लोगों के अधिकार, सम्मान और जीवन से जोड़कर देखा। मित्तल ने देवरिया में अपने कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा कि वहां उन्हें सही के साथ खड़े रहने का महत्व समझ में आया। वहीं मिर्जापुर में प्रशासनिक अनुभवों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि कठिन लक्ष्य भी सामूहिक प्रयास से पूरे हो सकते हैं। उन्होंने सरकारी फाइलों के पीछे किसी व्यक्ति के जीवन और उसकी गरिमा को देखने की बात कही।
दिव्या मित्तल की पोस्ट में राजनीति में जाने का सीधा उल्लेख नहीं है, लेकिन इस्तीफे के बाद इसे लेकर अटकलें शुरू हो गई हैं। समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस मुद्दे पर योगी सरकार को घेरा और आरोप लगाया कि ईमानदार अधिकारियों पर अनुचित दबाव बनाया जाता है। दूसरी ओर, भाजपा प्रवक्ता प्रशांत उमराव ने सोशल मीडिया पर उनके राहुल गांधी से मिलने और कांग्रेस से जुड़ने की संभावनाओं का दावा किया, हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। हरियाणा के रेवाड़ी की रहने वाली दिव्या मित्तल ने IIT दिल्ली से बीटेक और IIM बेंगलुरु से एमबीए किया है। वह लंदन में नौकरी करने के बाद सिविल सेवा की तैयारी में जुटीं। उन्होंने 2012 में IPS के लिए चयन हासिल किया था और 2013 में दूसरे प्रयास में 68वीं रैंक के साथ IAS बनीं। उत्तर प्रदेश में उन्होंने संत कबीर नगर, मिर्जापुर और देवरिया में जिलाधिकारी के रूप में काम किया, जबकि बाद में राजस्व विभाग में विशेष सचिव के पद पर तैनात रहीं।
मिर्जापुर में जिलाधिकारी के तौर पर उनके कार्यकाल के दौरान हलिया ब्लॉक के लहुरियादह गांव में पहली बार नल से पानी पहुंचने का मामला काफी चर्चा में रहा था। देवरिया में भी उन्हें सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और प्रशासनिक फैसलों के लिए जाना गया। फिलहाल उनके इस्तीफे की स्वीकार्यता, आगे की भूमिका और राजनीतिक अटकलों पर स्थिति औपचारिक सरकारी कार्रवाई या दिव्या मित्तल के अगले बयान के बाद ज्यादा साफ हो सकेगी
अपनी पोस्ट में दिव्या मित्तल ने साधारण पृष्ठभूमि से निकलकर IIT दिल्ली और IIM बेंगलुरु तक पहुंचने, लंदन में काम करने और फिर देश लौटकर IAS अधिकारी बनने के सफर का उल्लेख किया। उन्होंने लिखा कि विदेश में नौकरी करने के बावजूद देश के लिए कुछ करने की इच्छा उन्हें भारत वापस लाई। उन्होंने प्रशासनिक सेवा में काम को लोगों के अधिकार, सम्मान और जीवन से जोड़कर देखा। मित्तल ने देवरिया में अपने कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा कि वहां उन्हें सही के साथ खड़े रहने का महत्व समझ में आया। वहीं मिर्जापुर में प्रशासनिक अनुभवों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि कठिन लक्ष्य भी सामूहिक प्रयास से पूरे हो सकते हैं। उन्होंने सरकारी फाइलों के पीछे किसी व्यक्ति के जीवन और उसकी गरिमा को देखने की बात कही।
दिव्या मित्तल की पोस्ट में राजनीति में जाने का सीधा उल्लेख नहीं है, लेकिन इस्तीफे के बाद इसे लेकर अटकलें शुरू हो गई हैं। समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस मुद्दे पर योगी सरकार को घेरा और आरोप लगाया कि ईमानदार अधिकारियों पर अनुचित दबाव बनाया जाता है। दूसरी ओर, भाजपा प्रवक्ता प्रशांत उमराव ने सोशल मीडिया पर उनके राहुल गांधी से मिलने और कांग्रेस से जुड़ने की संभावनाओं का दावा किया, हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। हरियाणा के रेवाड़ी की रहने वाली दिव्या मित्तल ने IIT दिल्ली से बीटेक और IIM बेंगलुरु से एमबीए किया है। वह लंदन में नौकरी करने के बाद सिविल सेवा की तैयारी में जुटीं। उन्होंने 2012 में IPS के लिए चयन हासिल किया था और 2013 में दूसरे प्रयास में 68वीं रैंक के साथ IAS बनीं। उत्तर प्रदेश में उन्होंने संत कबीर नगर, मिर्जापुर और देवरिया में जिलाधिकारी के रूप में काम किया, जबकि बाद में राजस्व विभाग में विशेष सचिव के पद पर तैनात रहीं।
मिर्जापुर में जिलाधिकारी के तौर पर उनके कार्यकाल के दौरान हलिया ब्लॉक के लहुरियादह गांव में पहली बार नल से पानी पहुंचने का मामला काफी चर्चा में रहा था। देवरिया में भी उन्हें सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और प्रशासनिक फैसलों के लिए जाना गया। फिलहाल उनके इस्तीफे की स्वीकार्यता, आगे की भूमिका और राजनीतिक अटकलों पर स्थिति औपचारिक सरकारी कार्रवाई या दिव्या मित्तल के अगले बयान के बाद ज्यादा साफ हो सकेगी
