crime

लुधियाना में जूते की दुकान की आड़ में ISI के लिए जासूसी का आरोप, युवक गिरफ्तार l

पंजाब के लुधियाना में पुलिस ने 22 वर्षीय दुकानदार रछपाल सिंह को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के लिए कथित जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि आरोपी ने लुधियाना-फिरोजपुर रोड पर जूते की दुकान किराए पर लेकर बाहर दो CCTV कैमरे लगाए थे, जिनकी लाइव फीड कथित तौर पर पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स तक पहुंचाई जा रही थी। दुकान बड्ढोवाल एम्युनिशन डिपो से करीब छह किलोमीटर दूर बताई गई है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर नेटवर्क, फंडिंग और संभावित साजिश की जांच कर रही है।

Kashish Rai31 अग. 2026, 04:58 PM IST
खबर शेयर करें:
लुधियाना में जूते की दुकान की आड़ में ISI के लिए जासूसी का आरोप, युवक गिरफ्तार l

पंजाब के लुधियाना में कथित जासूसी नेटवर्क का मामला सामने आने के बाद पुलिस और काउंटर इंटेलिजेंस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान 22 वर्षीय रछपाल सिंह के रूप में हुई है। वह बाजार में जूतों की दुकान चलाता था। पुलिस का आरोप है कि दुकान की आड़ में आरोपी शहर और संवेदनशील इलाकों की गतिविधियों से जुड़ी जानकारी पाकिस्तान तक पहुंचाने का काम कर रहा था। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने लुधियाना-फिरोजपुर रोड पर ओल्ड ऑक्ट्री पोस्ट के पास एक दुकान किराए पर ली थी। यह स्थान बड्ढोवाल एम्युनिशन डिपो से लगभग छह किलोमीटर दूर है। बताया जा रहा है कि इस दुकान के लिए वह करीब 40 हजार रुपये मासिक किराया दे रहा था। जांच एजेंसियों को संदेह था कि दुकान पर सामान्य कारोबारी गतिविधियां बहुत कम थीं और वहां की व्यवस्थाएं किसी दूसरे उद्देश्य से की गई थीं।


आरोप है कि आरोपी ने दुकान के बाहर चीन निर्मित दो CCTV कैमरे लगाए थे। कैमरों का रुख सड़क की ओर रखा गया था, जिससे सड़क से गुजरने वाले लोगों और वाहनों की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके। पुलिस का दावा है कि इन कैमरों की लाइव फीड पाकिस्तान में बैठे कथित हैंडलर्स तक पहुंचाई जा रही थी। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि कैमरों के जरिए कौन-कौन सी जानकारियां रिकॉर्ड की गईं और उन्हें किस माध्यम से विदेश भेजा गया। काउंटर इंटेलिजेंस के AIG सिमरत पाल सिंह ढींडसा के मुताबिक, पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि उसने पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स के निर्देश पर दुकान किराए पर ली थी। पुलिस का कहना है कि आरोपी को इस कथित काम के बदले पाकिस्तान से करीब तीन लाख रुपये मिले थे। हालांकि, रकम के स्रोत, लेन-देन के तरीके और इससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच अभी जारी है।


पुलिस को यह भी आशंका है कि आरोपी की गतिविधियां केवल सामान्य निगरानी तक सीमित नहीं थीं। जांच एजेंसियां इस एंगल से भी पड़ताल कर रही हैं कि क्या लुधियाना में किसी बड़ी वारदात की योजना बनाई जा रही थी। सैन्य गतिविधियों या संवेदनशील प्रतिष्ठानों से जुड़ी सूचनाएं कथित तौर पर इस नेटवर्क तक पहुंचाई जाने की बात भी सामने आई है, लेकिन इन दावों की विस्तृत जांच की जा रही है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी अलग-अलग मोबाइल नंबरों से धमकी भरे संदेश या कॉल करने के मामले में भी संदिग्ध है। उसके मोबाइल फोन, कॉल रिकॉर्ड, डिजिटल उपकरणों, बैंक खातों और संपर्कों की जांच की जा रही है। इससे यह स्पष्ट करने की कोशिश की जा रही है कि वह कितने समय से इस कथित गतिविधि में शामिल था और उसके संपर्क किन लोगों से थे।


लुधियाना कमिश्नरेट पुलिस और काउंटर इंटेलिजेंस को 27 अगस्त को आरोपी की संदिग्ध गतिविधियों की गुप्त सूचना मिली थी। इसके बाद दोनों एजेंसियों ने निगरानी बढ़ाई और योजनाबद्ध कार्रवाई कर रछपाल सिंह को गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल पुलिस पूछताछ के आधार पर उसके कथित पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स, स्थानीय सहयोगियों और फंडिंग नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जांच के निष्कर्षों और डिजिटल व वित्तीय साक्ष्यों पर निर्भर करेगी। पुलिस यह भी खंगाल रही है कि आरोपी ने जासूसी के लिए दुकान को ही क्यों चुना, CCTV कैमरों की तकनीकी व्यवस्था किसने की और क्या शहर में ऐसे अन्य ठिकाने या लोग भी इस कथित नेटवर्क से जुड़े हुए हैं।