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दिल्ली में आज जारी होगी SIR ड्राफ्ट वोटर लिस्ट, 47.75 लाख नाम बाहर l
दिल्ली में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के बाद सोमवार को मतदाता सूची का ड्राफ्ट जारी किया जाएगा। मौजूदा सूची की तुलना में इसमें करीब 47.75 लाख मतदाताओं के नाम शामिल नहीं होंगे। ये नाम स्थायी रूप से नहीं कटे हैं और प्रभावित मतदाता 31 अगस्त से 30 सितंबर 2026 तक फॉर्म 6 भरकर दावा दर्ज करा सकते हैं। दस्तावेजों के सत्यापन के बाद सही पाए गए आवेदकों के नाम 4 नवंबर 2026 को जारी होने वाली अंतिम मतदाता सूची में जोड़े जा सकते हैं।

दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के बाद सोमवार को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी की जा रही है। इस प्रारूप सूची में मौजूदा मतदाता सूची की तुलना में करीब 47 लाख 75 हजार से अधिक मतदाताओं के नाम शामिल नहीं होंगे। हालांकि, चुनाव आयोग की इस प्रक्रिया में जिन लोगों के नाम ड्राफ्ट सूची से बाहर हैं, उनके लिए राहत की बात यह है कि नाम स्थायी रूप से नहीं काटे गए हैं। प्रभावित मतदाताओं के पास दावा दर्ज कराकर अपना नाम दोबारा शामिल कराने का पूरा अवसर रहेगा। SIR प्रक्रिया के दौरान दिल्ली में घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन किया गया। दिल्ली की मौजूदा मतदाता सूची में करीब 1.45 करोड़ मतदाता दर्ज हैं, लेकिन सत्यापन अभियान के दौरान केवल लगभग 97.5 लाख लोगों के फॉर्म ही डिजिटल किए जा सके। बाकी करीब 47.7 लाख मतदाताओं के फॉर्म जमा नहीं हो पाए या उनके बारे में आवश्यक जानकारी उपलब्ध नहीं हो सकी। ऐसे नामों को फिलहाल ड्राफ्ट सूची से बाहर रखा गया है।
निर्वाचन अधिकारियों ने इन मतदाताओं को ASDDOF श्रेणी में शामिल किया है। इस श्रेणी में अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत, डुप्लीकेट, अन्य और विदेशी माने गए लोग आते हैं। इसका अर्थ यह हो सकता है कि सत्यापन के दौरान मतदाता अपने दर्ज पते पर नहीं मिला, वह स्थायी रूप से दूसरी जगह शिफ्ट हो गया, उसका नाम किसी अन्य जगह की वोटर लिस्ट में भी मौजूद है, उसकी मृत्यु हो चुकी है या फिर नागरिकता और निवास से जुड़े दस्तावेजों की पुष्टि नहीं हो पाई। कई मामलों में लोगों के नाम केवल इसलिए भी ड्राफ्ट सूची से बाहर हो सकते हैं क्योंकि सत्यापन के दौरान वे घर पर उपलब्ध नहीं थे या परिवार के किसी सदस्य ने संबंधित फॉर्म जमा नहीं कराया। ऐसे मतदाताओं को घबराने की जरूरत नहीं है। यदि वे भारतीय नागरिक हैं और दिल्ली के संबंधित विधानसभा क्षेत्र में सामान्य रूप से रह रहे हैं, तो तय प्रक्रिया के तहत आवेदन देकर अपना नाम अंतिम मतदाता सूची में शामिल करा सकते हैं।
चुनाव आयोग ने दावे और आपत्तियां दर्ज कराने के लिए 31 अगस्त से 30 सितंबर 2026 तक का समय दिया है। जिनका नाम सूची में नहीं है, उन्हें फॉर्म 6 भरकर आवेदन करना होगा। यदि मतदाता का पुराना पता बदल गया है, तो वह अपने नए पते के दस्तावेजों के साथ भी फॉर्म 6 भर सकता है। यह आवेदन ऑनलाइन राष्ट्रीय मतदाता सेवा पोर्टल और वोटर हेल्पलाइन ऐप के माध्यम से किया जा सकता है। इसके अलावा, मतदाता अपने क्षेत्र के बूथ लेवल अधिकारी यानी BLO या निर्वाचन कार्यालय में जाकर ऑफलाइन भी आवेदन दे सकता है। फॉर्म 6 के साथ आवेदक को रंगीन पासपोर्ट साइज फोटो और जरूरी दस्तावेज लगाने होंगे। उम्र और जन्मतिथि अथवा भारत में जन्म से जुड़ा प्रमाण देने के लिए जन्म प्रमाणपत्र, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, 10वीं की मार्कशीट या 12वीं की मार्कशीट में से उपयुक्त दस्तावेज लगाया जा सकता है। पते के प्रमाण के लिए बिजली, पानी या गैस का बिल, बैंक या डाकघर की पासबुक, किराया समझौता अथवा संपत्ति की रजिस्ट्री जैसे दस्तावेजों में से कोई एक प्रस्तुत किया जा सकता है।
आवेदन जमा होने के बाद बूथ लेवल अधिकारी दस्तावेजों की जांच करेंगे और जरूरत पड़ने पर आवेदक के पते का भौतिक सत्यापन भी कर सकते हैं। सत्यापन में जानकारी सही पाई जाने पर नाम को अंतिम मतदाता सूची में शामिल किया जाएगा। चुनाव आयोग के कार्यक्रम के अनुसार, दिल्ली की फाइनल वोटर लिस्ट 4 नवंबर 2026 को जारी की जाएगी। मतदाताओं को सलाह दी गई है कि ड्राफ्ट सूची जारी होते ही अपना और परिवार के सदस्यों का नाम जरूर जांच लें। नाम नहीं मिलने पर तय समय सीमा के भीतर दावा दर्ज करना जरूरी होगा, क्योंकि अंतिम सूची प्रकाशित होने के बाद प्रक्रिया अलग हो सकती है। मतदाता सूची, फॉर्म 6 और आवेदन की स्थिति से जुड़ी मदद के लिए चुनाव आयोग की हेल्पलाइन 1950 पर संपर्क किया जा सकता है।
