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धौलपुर में भाई को बचाने कुंड में कूदीं तीन बहनें, चारों की डूबने से मौत l
राजस्थान के धौलपुर जिले के धौंध बिरजा गांव में हीरामन बाबा मंदिर के पास बने कुंड में डूबने से एक युवक और उसकी तीन बहनों की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि युवक नहाते समय गहरे पानी में चला गया था। उसे डूबता देखकर उसकी दो सगी बहनें और एक चचेरी बहन बचाने के लिए कुंड में कूद गईं, लेकिन पानी की गहराई और दलदल के कारण चारों बाहर नहीं निकल सके। पुलिस और SDRF की टीम ने स्थानीय गोताखोरों की मदद से कई घंटे के रेस्क्यू के बाद सभी शव बरामद किए।
Kashish Rai31 अग. 2026, 04:59 PM IST

राजस्थान के धौलपुर जिले में रक्षाबंधन के बाद मनाए जाने वाले दौज पर्व के दिन एक परिवार के लिए बेहद दर्दनाक हादसा हो गया। आंगई थाना क्षेत्र के धौंध बिरजा गांव में लोकदेवता हीरामन बाबा मंदिर के पास बने कुंड में डूबने से एक भाई और उसकी तीन बहनों की मौत हो गई। एक ही परिवार के चार लोगों की मौत की खबर से पूरे गांव में शोक और सन्नाटा पसरा हुआ है। बताया जा रहा है कि नथुआपुरा गांव का परिवार रविवार सुबह हीरामन बाबा मंदिर में दर्शन करने पहुंचा था। परिवार के लोग मंदिर में पूजा-अर्चना कर रहे थे। इसी दौरान युवक कुंड में नहाने चला गया। परिजनों के मुताबिक, नहाते समय वह कुंड के किनारे मोबाइल फोन से सेल्फी ले रहा था। इसी दौरान उसका पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में जा गिरा।
युवक को पानी में डूबता देखकर उसकी बहनें उसे बचाने के लिए कुंड की ओर दौड़ीं। जब उन्हें लगा कि भाई गहरे पानी में फंस गया है, तो तीनों बहनें एक के बाद एक कुंड में कूद गईं। इनमें दो उसकी सगी बहनें थीं, जबकि एक चचेरी बहन बताई जा रही है। तीनों ने भाई को बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन कुंड में पानी अधिक होने के कारण वे खुद भी डूब गईं। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। परिवार के लोगों और आसपास मौजूद ग्रामीणों ने तत्काल मदद की कोशिश की, लेकिन पानी की गहराई और कीचड़ के कारण बचाव कार्य में काफी दिक्कत आई। ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद आंगई थाना पुलिस और सरमथुरा थाना प्रभारी की टीम घटनास्थल पर पहुंची।
पुलिस ने स्थानीय गोताखोरों और SDRF की टीम को बुलाया। बचाव दल ने कुंड में तलाशी अभियान शुरू किया। तीन बहनों के शव अपेक्षाकृत पहले बरामद कर लिए गए, जबकि युवक का शव निकालने में कई घंटे लग गए। लगातार प्रयास के बाद चारों शवों को कुंड से बाहर निकाला गया। मृतकों में भोलू उर्फ रवि और उसकी बहनें मनोरमा, बोटो तथा चचेरी बहन निशा शामिल हैं। परिवार के लोग रक्षाबंधन का त्योहार मनाने के बाद रिश्तेदारी में आए थे और इसी दौरान सभी हीरामन बाबा मंदिर में दर्शन करने पहुंचे थे। हादसे के बाद परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों के अनुसार, किसी को अंदाजा नहीं था कि मंदिर में दर्शन और त्योहार के मौके पर ऐसा हादसा हो जाएगा। भाई को डूबता देखकर बहनों ने अपनी जान की परवाह किए बिना पानी में छलांग लगा दी, लेकिन बचाव की कोशिश में चारों की जान चली गई। हादसे ने पूरे गांव को झकझोर दिया है। पुलिस ने चारों शवों को रेस्क्यू करने के बाद सरमथुरा के सरकारी अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। परिजनों की मौजूदगी में पोस्टमार्टम कराया गया और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव परिवार को सौंप दिए गए। बाद में परिजनों ने चारों का अंतिम संस्कार किया।
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने कुंड के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कुंड गहरा है और वहां नहाने या पानी के पास जाने वाले लोगों के लिए पर्याप्त चेतावनी या सुरक्षा इंतजाम नहीं हैं। उनका मानना है कि यदि वहां सुरक्षा घेरा, चेतावनी बोर्ड या निगरानी की व्यवस्था होती, तो हादसे को रोका जा सकता था। पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि युवक कुंड में किस तरह गिरा और वहां पानी की गहराई कितनी थी। पुलिस स्थानीय लोगों और परिवार के सदस्यों के बयान दर्ज कर रही है। फिलहाल प्राथमिक जानकारी के अनुसार, युवक के डूबने के बाद उसे बचाने के प्रयास में तीनों बहनें भी कुंड में उतरीं और चारों की मौत हो गई।
युवक को पानी में डूबता देखकर उसकी बहनें उसे बचाने के लिए कुंड की ओर दौड़ीं। जब उन्हें लगा कि भाई गहरे पानी में फंस गया है, तो तीनों बहनें एक के बाद एक कुंड में कूद गईं। इनमें दो उसकी सगी बहनें थीं, जबकि एक चचेरी बहन बताई जा रही है। तीनों ने भाई को बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन कुंड में पानी अधिक होने के कारण वे खुद भी डूब गईं। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। परिवार के लोगों और आसपास मौजूद ग्रामीणों ने तत्काल मदद की कोशिश की, लेकिन पानी की गहराई और कीचड़ के कारण बचाव कार्य में काफी दिक्कत आई। ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद आंगई थाना पुलिस और सरमथुरा थाना प्रभारी की टीम घटनास्थल पर पहुंची।
पुलिस ने स्थानीय गोताखोरों और SDRF की टीम को बुलाया। बचाव दल ने कुंड में तलाशी अभियान शुरू किया। तीन बहनों के शव अपेक्षाकृत पहले बरामद कर लिए गए, जबकि युवक का शव निकालने में कई घंटे लग गए। लगातार प्रयास के बाद चारों शवों को कुंड से बाहर निकाला गया। मृतकों में भोलू उर्फ रवि और उसकी बहनें मनोरमा, बोटो तथा चचेरी बहन निशा शामिल हैं। परिवार के लोग रक्षाबंधन का त्योहार मनाने के बाद रिश्तेदारी में आए थे और इसी दौरान सभी हीरामन बाबा मंदिर में दर्शन करने पहुंचे थे। हादसे के बाद परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों के अनुसार, किसी को अंदाजा नहीं था कि मंदिर में दर्शन और त्योहार के मौके पर ऐसा हादसा हो जाएगा। भाई को डूबता देखकर बहनों ने अपनी जान की परवाह किए बिना पानी में छलांग लगा दी, लेकिन बचाव की कोशिश में चारों की जान चली गई। हादसे ने पूरे गांव को झकझोर दिया है। पुलिस ने चारों शवों को रेस्क्यू करने के बाद सरमथुरा के सरकारी अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। परिजनों की मौजूदगी में पोस्टमार्टम कराया गया और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव परिवार को सौंप दिए गए। बाद में परिजनों ने चारों का अंतिम संस्कार किया।
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने कुंड के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कुंड गहरा है और वहां नहाने या पानी के पास जाने वाले लोगों के लिए पर्याप्त चेतावनी या सुरक्षा इंतजाम नहीं हैं। उनका मानना है कि यदि वहां सुरक्षा घेरा, चेतावनी बोर्ड या निगरानी की व्यवस्था होती, तो हादसे को रोका जा सकता था। पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि युवक कुंड में किस तरह गिरा और वहां पानी की गहराई कितनी थी। पुलिस स्थानीय लोगों और परिवार के सदस्यों के बयान दर्ज कर रही है। फिलहाल प्राथमिक जानकारी के अनुसार, युवक के डूबने के बाद उसे बचाने के प्रयास में तीनों बहनें भी कुंड में उतरीं और चारों की मौत हो गई।
