crime
मुंबई-नाशिक हाईवे पर ₹61.50 लाख की अंगड़िया लूट, ठाणे ग्रामीण पुलिसकर्मी समेत पांच गिरफ्तार
ठाणे जिले के शहापुर में मुंबई-नाशिक हाईवे पर अंगड़िया कंपनी की नकदी ले जा रहे वाहन को रोककर ₹61.50 लाख लूटने के मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि बदमाशों ने खुद को क्राइम ब्रांच अधिकारी बताकर वाहन पर कब्जा किया और चालक व सहचालक से मारपीट की। जांच में ठाणे ग्रामीण पुलिस के एक कर्मचारी की कथित भूमिका सामने आई है। पुलिस सात-आठ अन्य संदिग्धों की तलाश और लूटी गई रकम की बरामदगी में जुटी है।

पुलिस के अनुसार, वारदात 24 अगस्त की तड़के खर्डी गांव के पास हुई। शिकायतकर्ता गोविंद पटेल, जो ग्वालियर स्थित के.पी. अंगड़िया कंपनी में चालक हैं, अपने सहकर्मी जिगरभाई पटेल के साथ करीब ₹1 करोड़ की नकदी लेकर ग्वालियर से मुंबई जा रहे थे। यह रकम कंपनी के मालाड कार्यालय पहुंचाई जानी थी। दोनों कर्मचारियों ने खर्डी स्थित एक होटल में भोजन के बाद करीब 1:15 बजे मुंबई की ओर यात्रा दोबारा शुरू की। आरोप है कि कुछ दूरी आगे तीन लोगों ने वाहन की खिड़की पर दस्तक दी और खुद को क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताते हुए वाहन रोकने को कहा। इसके बाद आरोपियों ने कथित तौर पर वाहन की चाबी और दोनों कर्मचारियों के मोबाइल फोन छीन लिए।
शिकायत के मुताबिक, आरोपियों ने चालक और सहचालक को वाहन की बीच वाली सीट पर बैठाया और उनके साथ मारपीट की। बदमाश वाहन को मुंबई की जगह नासिक की ओर ले गए। करीब 10 से 12 किलोमीटर आगे जाने के बाद वे फिर मुंबई की दिशा में लौटे और एक बंद होटल के पास वाहन रोक दिया। वहां दो अन्य आरोपी भी पहुंचे। पुलिस का आरोप है कि गिरोह ने वाहन में रखी करीब ₹1 करोड़ की नकदी में से ₹61.50 लाख निकाल लिए और सफेद रंग की एक कार से मौके से फरार हो गया। घटना के बाद दोनों कर्मचारियों ने शहापुर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 310(2) समेत अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है।
जांच के दौरान पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, वाहनों की जानकारी और तकनीकी सुरागों के आधार पर पांच संदिग्धों को गिरफ्तार किया। अधिकारियों के अनुसार, वारदात में कुल सात से आठ लोगों के शामिल होने की आशंका है। इनमें से कुछ संदिग्धों के गुजरात से जुड़े होने की बात भी सामने आई है। शहापुर के पुलिस अधिकारियों ने बताया कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और लूटी गई रकम की बरामदगी के लिए जांच जारी है। अधिकारियों ने यह भी कहा कि आरोपियों के नाम फिलहाल उजागर नहीं किए जा रहे हैं, क्योंकि इससे फरार संदिग्ध सतर्क हो सकते हैं और जांच प्रभावित हो सकती है। उपलब्ध रिपोर्टों में अब तक ₹61.50 लाख की बरामदगी की सूचना नहीं दी गई है।
